UPSC Economics Syllabus in Hindi

दोस्तों TOP SARKARI RESULT पर आपका स्वागत है, UPSC Syllabus में UPSC Economics Syllabus in Hindi Optional Paper Syllabus के बारे में बताने से पहले हम आपको कुछ Important Information देना चाहते है।

जैसा की आप जानते है UPSC Exam (Union Public Service Commission Exam) या UPSC Civil Services Exam में आपको तीन चरणों से होकर गुजरना होता है : (1) UPSC Prelims (2) UPSC Main (3) UPSC Interview.

Eligibility for UPSC Exam qualify करने के बाद UPSC Prelims Exam / IAS Prelims या Civil Services Preliminary Examination एक Objective Type Exam जिसमे Minimum Qualifying Marks Obtain करने होते है और उसके आधार पर Final Merit List बनती है।

UPSC Main Exam में हमने Total 9 Paper देने होते है जिसमे UPSC Economics Optional Paper है UPSC Main Exam में यह Paper-6 और Paper-7 होता है प्रत्येक Paper 250 Marks का होता है यानि (250 + 250 = 500 Marks).

UPSC Exam Syllabus में Total 25 Optional Subject होते है, जिसमे से हमे 1 Subject अपनी इच्छा से चुनना होता है और उस Subject के आधार पर हमे Paper-6 और Paper-7 देना होता है :

UPSC Optional Subject Syllabus | IAS Optional Subject Syllabus in Hindi

UPSC Exam Syllabus के 25 Optional Subject की सूची इस प्रकार है:

  1. UPSC Agriculture Optional Paper
  2. UPSC Animal Husbandry and Veterinary Science Optional Paper
  3. UPSC Anthropology Optional Paper 
  4. UPSC Botany Optional Paper 
  5. UPSC Chemistry Optional Paper 
  6. UPSC Civil Engineering Optional Paper 
  7. UPSC Commerce & Accountancy Optional Paper 
  8. UPSC Economics Optional Paper 
  9. UPSC Electrical Engineering Optional Paper 
  10. UPSC Geography Optional Paper 
  11. UPSC Geology Optional Paper 
  12. UPSC History Optional Paper 
  13. UPSC Law Optional Paper 
  14. UPSC Management Optional Paper 
  15. UPSC Mathematics Optional Paper 
  16. UPSC Mechanical Engineering Optional Paper
  17. UPSC Medical Science Optional Paper 
  18. UPSC Philosophy Optional Paper 
  19. UPSC Physics Optional Paper 
  20. UPSC Political Science & International Relations Optional Paper 
  21. UPSC Psychology Optional Paper 
  22. UPSC Public Administration Optional Paper 
  23. UPSC Sociology Optional Paper 
  24. UPSC Statistics Optional Paper 
  25. UPSC Zoology Optional Paper 

UPSC ECONOMICS EXAM SYLLABUS IN HINDI – OPTIONAL SUBJECT PAPER-I

उन्‍नत व्यष्टि अर्थशास्त्र :

  • कीमत निर्धारण के मार्शलियन एवं वालरासियम उपागम।
  • वैकल्पिक वितरण सिद्धांत : रिकॉर्डों काल्डोर, कलीकी।
  • बाजार संरचना: एकाधिकारी प्रतियोगिता, दृविअधिकार, अल्पाधिकार।
  • आधुनिक कल्याण मानदंड: परेटो हिकस एवं सितोवस्की, ऐरो का असंभावना प्रमेय, ए.के. सैन का सामाजिक कल्याण फलन।

उन्‍नत समष्टि अर्थशस्त्र :

  • नियोजन आय एवं ब्याज दर निर्धारण के उपागम: क्लासिकी, कीन्स (8$-,५) वक्र नवक्लासिकी संश्लेषण एवं नया क्लासिकी, ब्याज दर निर्धारण एवं ब्याज दर संरचना के सिद्धांत।

मुद्रा बैंकिंग एवं वित्त:

  • मुद्रा की मांग की पूर्ति : मुद्रा का मुद्रा गुणक मात्रा सिद्धांत (फिशर, पीक फ्राइडमैन) तथा कीन का मुद्रा के लिए मांग का सिद्धांत, बंद और खुली अर्थव्यवस्था में मुद्रा प्रबंधन के लक्ष्य एवं साधन, केनद्रीय बैंक और खजाने के बीच संबंध, मुद्रा की वृद्धि दर पर उच्चतम सीमा का प्रस्ताव।
  • लोक वित्त और बाजार अर्थव्यवस्था में इसकी भूमिका: पूरी के स्वीकरण में, संसाधनों का विनिधान और वितरण और संवृद्धि, सरकारी राजस्व के स्रोत, करों एवं उपदानों के रूप, उनका भार एवं प्रभाव, कराधान की सीमाएं, ऋण, क्राउंडिंग आउट प्रमाण एवं ऋण लेने की सीमाएं, लोक व्यय एवं उसके प्रभाव।

अंतर्राष्ट्रीय अर्थशस्त्र :

अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के पुराने और नए सिद्धांत

  • तुलनात्मक लाभ।
  • व्यापार शर्ते एवं प्रस्ताव वक्र।
  • उत्पाद चक्र एवं निर्णायक व्यापार सिद्धांत।
  • व्यापार, संवृद्धि के चालक के रूप में और खुली अर्थव्यवस्था में अवविकास के सिद्धांत।

संरक्षण के स्वरूप : टैरिफ एवं कोटा

भुगतान शेष समायोजन; वैकल्पिक उपागम

  • कीमत बनाम आय, नियम विनियम दर के अधीन आय के समायोजन।
  • मिश्रित नीति के सिद्धांत।
  • पूंजी चलिष्गुणता के अधीन विनियम दर समायोजन।विकासशील देशों के लिए तिरती दरें और उनकी विवक्षा, मुद्रा(करेंसी) बोर्ड।
  • व्यापार नीति एवं विकासशील देश।
  • BPO, खुली अर्थव्यवस्था समष्टि मॉडल में समायोजन तथा नीति समनवय। सटूटा।
  • व्यापार गुट एवं मौद्रिक संघ।
  • विश्व व्यापार संगठन (WTO) TRIM, TRIPS, घरेलू उपाय WTO बातचीत के विभिन्‍न चक्र।

संवृद्धि एवं विकास:

  • संवृद्धि के सिद्धांत; हैरैंड का मॉडल, अधिशेष श्रमिक के साथ विकास का ल्यूइस मॉडल, संतुलित एवं असंतुलित संवृद्धि, मानव पूंजी एवं आर्थिक वृद्धि।
  • कम विकसित देशों का आर्थिक विकास का प्रक्रम: आर्थिक विकास एवं संरचना परिवर्तन के विषय में मिडिल एवं कुजमेंट्स, कम विकसित देशों के आर्थिक विकास में कृषि की भूमिका।
  • आर्थिक विकास एवं अंतर्राष्ट्रीय व्यापार एवं निवेश, बहुराष्ट्रीयों की भूमिका।
  • आयोजना एवं आर्थिक विकास: बाजार की बदलती भूमिका एवं आयोजना, निजी सरकारी साझेदारी।
  • कल्याण संकेतक एवं वृद्धि के माप – मानव विकास के सूचक, आधारभूत आवश्यकताओं का उपागम।
  • विकास एवं पर्यावरणी धारणीता- पुनर्नवीकरणीय एवं अपुनर्नवीकरणीय संसाधन, पर्यावरणी अपकर्ष, अंतर पीढो इक्विटो विकास।

UPSC ECONOMICS EXAM SYLLABUS IN HINDI – OPTIONAL SUBJECT PAPER-II

स्वतंत्रतापूर्व युग में भारतीय अर्थव्यवस्था :

  • भूमि प्रणाली एवं इसके परिवर्तन, कृषि का वाणिज्यीकरण, अपवहन सिद्धांत, अबधंता सिद्धांत एवं समालोचना, निर्माण एवं परिवहन: जूट, कपास, रेलवे मुद्रा एवं साख।

स्वतंत्रता के पश्चात्‌ भारतीय अर्थव्यवस्था :

उदारीकरण के पूर्व का युग:

  • वकील, गाडगिल एवं वी. के. आर. वी. आर. के योगदान।
  • कृषि: भूमि सुधार एवं भूमि पट्टा प्रणाली, हरित क्रान्ति एवं कृषि में पूंजी निर्माण।
  • संघटन एवं संवृदधि में व्यापार प्रवृतियां, सरकारी एवं निजी क्षेत्रकों की भूमिका, लघु एवं कुटीर उदयोग।
  • राष्ट्रीय एवं प्रतिव्यक्ति आय: स्वरूप, प्रवृतियां, सकल एवं क्षेत्रकीय संघटन तथा उनमें परिवर्तन।
  • राष्ट्रीय आय एवं वितरण को निर्धारित करने वाले स्थूल कारक, गरीबी के माप, गरीबी एवं असमानता में प्रवृतियां।

उदारीकरण के पश्चात्‌ का युग :

  • नया आर्थिक सुधार एवं कृषि: कृषि एवं WTO, खादय प्रसंस्करण, उपदान, कृषि कीमतें एवं जन वितरण प्रणाली, कृषि संवृद्धि पर लोक व्यय का समाघात।
  • नई आर्थिक नीति एवं उद्योग: औदयोगिक निजीकरण, विनिवेश की कार्य नीति, विदेशी प्रत्यक्ष निवेश तथा बहुराष्ट्रीयों की भूमिका।
  • नई आर्थिक नीति एवं व्यापार: बौद्धिक संपदा अधिकार: TEIPS, TRIMS, GATS तथा EXIM नई नीति की विवक्षाएं।
  • नई विनियम दर व्यवस्था आंशिक एवं पूर्ण परिवर्तनीयता।
  • नई आर्थिक नीति एवं लोक वित्त: राजकोषीय उत्तरदायित्व अधिनियम, बारहवां एवं वित्त आयोग एवं राजकोषीय संघवाद का राजकोषीय समेकन।
  • नई आर्थिक नीति एवं मौद्रिक प्रणाली, नई व्यवस्था में RBI की भूमिका
  • आयोजन केन्द्रीय आयोजन से सांकेतिक आयोजन तक, विकेन्द्रीकृत आयोजना और संवृद्धि हेतु बाजार एवं आयोजना के बीच संबंध : 73 वां एवं 74 वां संविधान संशोधन।
  • नई आर्थिक नीति एवं रोजगार : रोजगार एवं गरीबी, ग्रामीण मजदूरी, रोजगार सृजन, गरीबी उन्मूलन योजनाएं, नई ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना।

IAS | UPSC Previous Year Question Paper 

किसी भी Government Job Exam को Crack करने के लिए उस Exam का Exam Pattern और Exam Syllabus दोनों ही जानना जरूरी है IAS | UPSC Commerce And Accountancy Previous Year Question Paper नीचे दिए गए हैं : 

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आशा करते हैं इस Blog में दी गई जानकारी आपको UPSC Civil Services Exam को Crack करने में आपके लिए सहायक सिद्ध हो ।

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