UPSC Animal Husbandry And Veterinary Science Optional Paper Syllabus in Hindi

दोस्तों TOP SARKARI RESULT पर आपका स्वागत है  ANIMAL HUSBANDRY AND VETERINARY SCIENCE OPTIONAL PAPER / AHVS  SYLLABUS के बारे में बताने से पहले हम आपको कुछ Important Information देना चाहते है, जैसा की आप जानते है UPSC (Union Public Service Commission) Exam या  UPSC Civil Services Exam में आपको तीन चरणों से होकर गुजरना होता है :

UPSC Prelims Exam / IAS Prelims या Civil Services Preliminary Examination एक Objective Type Exam जिसमे Minimum Qualifying Marks Obtain करने होते है और उसके आधार पर Final Merit List बनती है 

UPSC Main Exam में हमने Total 9 Paper देने होते है जिसमे ANIMAL HUSBANDRY AND VETERINARY SCIENCE Optional Paper है UPSC Main Exam में यह Paper-6 और Paper-7 होता है प्रत्येक Paper 250 Marks का होता है यानि (250 + 250 = 500 Marks).

UPSC Exam Syllabus में Paper-6 और Paper-7 में Total 25 Subject होते है, जिसमे से हमे 1 Subject अपनी इच्छा से चुनना होता है और उस Subject के आधार पर हमे Paper-6 और Paper-7 देना होता है :

UPSC Optional Subject Syllabus | IAS Optional Subject Syllabus in Hindi

UPSC Exam Syllabus के 25 Optional Subject की सूची इस प्रकार है:

  1. UPSC Agriculture Optional Paper
  2. UPSC Animal Husbandry and Veterinary Science Optional Paper
  3. UPSC Anthropology Optional Paper 
  4. UPSC Botany Optional Paper 
  5. UPSC Chemistry Optional Paper 
  6. UPSC Civil Engineering Optional Paper 
  7. UPSC Commerce & Accountancy Optional Paper 
  8. UPSC Economics Optional Paper 
  9. UPSC Electrical Engineering Optional Paper 
  10. UPSC Geography Optional Paper 
  11. UPSC Geology Optional Paper 
  12. UPSC History Optional Paper 
  13. UPSC Law Optional Paper 
  14. UPSC Management Optional Paper 
  15. UPSC Mathematics Optional Paper 
  16. UPSC Mechanical Engineering Optional Paper
  17. UPSC Medical Science Optional Paper 
  18. UPSC Philosophy Optional Paper 
  19. UPSC Physics Optional Paper 
  20. UPSC Political Science & International Relations Optional Paper 
  21. UPSC Psychology Optional Paper 
  22. UPSC Public Administration Optional Paper 
  23. UPSC Sociology Optional Paper 
  24. UPSC Statistics Optional Paper 
  25. UPSC Zoology Optional Paper 

UPSC ANIMAL HUSBANDRY AND VETERINARY SCIENCE OPTIONAL PAPER-I

पशु पोषण

  • पशु के अंदर खाद्य ऊर्जा का विभाजन; प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष ऊष्मामिति; कार्बन-नाइट्रोजन संतुलन एवं तुलनात्मक बध विधियां, रोमंथी पशुओं; सुअरों एवं कुक्कुटों में खादय का ऊर्जामान व्यक्त करने के सिद्धांत; अनुरक्षण; वृद्धि संगर्भता; सूतन्य स्त्राव तथा अंडा; ऊन एवं मांस उत्पादन के लिए ऊर्जा आवश्यकताएं।
  • प्रोटीन पोषण में नवीनतम प्रगति, ऊर्जा-प्रोटीन संबंध; प्रोटीन गुणता का मूल्यांकन; रोमंथी आहार में शेर योगिकों का प्रयोग; अनुरक्षण वृद्धि संगर्भता; स्तन्‍्य स्त्राव तथा अंडा; ऊन एवं मांस उत्पादन के लिए प्रोटीन आवश्यकताएं।
  • प्रमुख एवं लेस खनिज-उनके स्त्रोत: शरीर क्रियात्मक प्रकार्य एवं हीनता लक्षण; विषैले खनिज; खनिज अंत: क्रियाएं, शरीर मेँ वसा-घुलनशील तथा जल घुलनशील खनिजों की भूमिका, उनके स्त्रोत एवं हीनता लक्षण।
  • आहार संयोजी-मीथेन संदमक; प्रोबायोटिक; एंजाइम; एंटीबायोटिक; हारमोन; ओलिगो; शर्कराइड; एंटीओक्सीडेंट; पायसीकारक; संच संदमक; उभयरोधी इत्यादि, हारमोन एवं एंटीबायोटिक्स जैसे वृद्धिवर्धकों का उपयोग एवं दुष्प्रयोग-नवीनतम संकल्पनाएं।
  • चारा सरंक्षण; आहार का भंडारण एवं आहार अवयव, आहार प्रौद्योगिकी एवं आहार प्रसंस्करण मेँ अभिनव प्रगति; पशु आहार में उपस्थित पोषण रोधी एवं विषैले कारक; आहार विश्लेषण एवं गुणता नियंत्रण; पाचनीयता अभिप्रयोग-प्रत्यक्ष; अप्रत्यक्ष एवं सूचक विधियां, चारण पशुओं में आहार ग्रहण प्रायुक्ति।
  • रौपंथी पोषण मैं हुई प्रगति; पोषक तत्व आवश्यकताएं; संतुलित राशन; बछड़ों; सगर्भा; कामकाजी पशुओं एवं प्रजनन सांडों का आहार, दुधारु पशुओं को स्तन्य स्त्राव; चक्र की विभिन्न‍न अवस्थाओं के दौरान आहार देने की युक्तियां; दुग्ध संयोजन आहार का प्रभाव; माँस एवं दुग्ध उत्पादन के लिए बकरी/बकरे का आहार; माँस एवं ऊन उत्पादन के लिए भेड़ का आहार।
  • शूकर पोषण; पोषक आवश्यकताएं; विसर्पी; प्रवर्तत; विकासन एवं परिष्कारण राशन; बेचर्बी माँस उत्पादन हेतु शूकर-आहार; शूकर के लिए कम लागत के राशन।
  • कुक्कुट पोषण; कुक्कुट पोषण के विशिष्ट लक्षण; माँस एवं अंडा उत्पादन हेतु पोषक आवश्यकताएं, अंडे देने वालों एवं ब्रोलरों की विभिन्न‍न श्रेणियों के लिए राशन संरुपण।

पशु शरीर क्रिया विज्ञान :

  • रक्‍त की कार्थयिकी एवं इसका परिसंचरण; श्वसन; उत्सर्जन; स्वास्थ्य एवं रोगों में अंत:स्रावी ग्रंथी।
  • रक्‍त के घटक-गुणधर्म एवं प्रकार्य- रक्त कोशिका रचना, होमोग्लोबीन संश्लेषण एवं रसायनिकी-प्लाज्मा; प्रोटीन उत्पादन, वर्गीकरण एवं गुणधर्म; रक्त का स्कंदन; रक्‍तस्रावी विकास-प्रतिस्कंदन-रक्‍कत समूह-रकक्‍त मात्रा-प्लाज्मा विस्तारक-रक्‍त में उभय रोधी प्रणाली, जैव रसायनिक परीक्षण एवं रोग-निदान में उनका महत्व।
  • परिसंचरण-हृदय की कार्यिकी; अभिहृद चक्र; हृदध्वनि; हृदस्पंद; इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम; हृदय     का कार्य और दक्षता-हृदय प्रकार्य में आयनों का प्रभाव-अभिहृद पेशी का उपापचय; हृदय का तंत्रिका-नियमन एवं रासायनिक नियम; हृदय पर ताप एवं तनाव का प्रभाव; रक्त दाब एवं अतिरिक्त दाब; परासरण नियमन; धमनी स्पंद; परिसंचरण का वाहिका प्रेरक नियमन; स्तब्धता; हद एवं फुण्फुस परिसंचरण; रक्त मस्तिष्क रोध-मस्तिष्क तरलपक्षियों का परिसंचरण।
  • श्वसन-श्वसन क्रिया विधि गैसों का परिवहन एवं विनियम-श्वसन का तंत्रिका नियंत्रण; रसोग्राही; अल्पआक्सीयता; पक्षियों मैं श्वसन।
  • उत्सर्जन-वृक्क की संरचना एवं प्रकार्य-मूत्र निर्माण, वृकक प्रकार्य, अध्ययन विधियां-वृककीय अम्ल-क्षार संतुलन नियमन; मूत्र के शरीर क्रियात्मक घटक-वृक्‍क पात-निश्चेष्ट शीरा रकताधिक्य-चूजों में मूत्र स्रवण-स्वेदग्रंथियां एवं उनके प्रकार्य, मूत्रियदुष्क्रिया के लिए जैव रासायनिक परीक्षण।
  • अंतःस्रावी ग्रंथियां-प्रकार्यात्मक दुष्क्रिया, उनके लक्षण एवं निदान; हार्मोनों का संश्लेषण; स्रवण की क्रिया विधि एवं नियंत्रण-हार्मोनिय ग्राही-वर्गीकरण एवं प्रकार्य।
  • वृद्धि एवं पशु उत्पादन-प्रसव पूर्व एवं प्रसव पश्चात वृद्धि; परिपक्वता; वृद्धि वक्र; वृद्धि के माप; वृद्धि में प्रभावित करने वाले कारक; कंफर्मेशन; शारीरिक गठन; मांस गुणता।
  • दुग्ध उत्पादन की कार्यिकी, जनन एवं पाचन स्तन विकास के हार्मोनीय नियंत्रण की वर्तमान स्थिति, दुग्ध स्रवण एवं दुग्ध निष्कासन; नर एवं मादा जनन अंग; उनके अवयव एवं प्रकार्य; पाचन अंग एवं उनके प्रकार्य।
  • पर्यावरणीय कार्यिकी-शरीर क्रियात्मक संबंध एवं उनका नियमन; अनुकूलन की क्रियाविधि; पशु व्यवहार में शामिल पर्यावरणीय कारक एवं नियामक क्रियाविधियां; जलवायु विज्ञान-विभिन्‍न प्राचल एवं उनका महत्व, पशु पारिस्थितिकी; व्यवहार की कार्यिकी; स्वास्थ्य एवं उत्पादन पर तनाव का प्रभाव।

पशु जनन:

  • वीर्य गुणता-संरक्षण एवं कृत्रिम वीर्यसेचन-वीर्य के घटक स्पर्मेटजोआ की रचना; स्खलित वीर्य का भौतिक एवं रासायनिक गुणधर्म; जीवे एवं पात्रे वीर्य को प्रभावित करने वाले कारक; वीर्य उत्पादन एवं गुणता को प्रभावित करने वाले कारक; संरक्षण; तनुकारकों की रचना; शुक्राणु संकेन्द्रण; तनुकृत वीर्य का परिवहन, गायों; भेड़ौं, बकरों, शूकरो एवं कुक्कुटों में गहन प्रशीतन क्रियाविधियां; स्त्रीमद की पहचान तथा बेहतर गर्भाधान हैतु वीर्यसेचन का समय, अमद अवस्था एवं पुनरावर्ती प्रजनन।

पशुधन उत्पादन एवं प्रबंध :

  • वाणिज्यिक डेरी फार्मिंग – उन्‍नत देशों के साथ भारत की डेरी फार्मिंग की तुलना, मिश्रित कृषि के अधीन एवं विशिष्ट कृषि के रूप में डेरी उद्योग, आशिक डेरी फार्मिंग, डेरी फार्म शुरू करना; पूंजी एवं भूमि आवश्यकताएं; डेरी फार्म का संगठन; डेरी फार्मिंग में अवसर; डेरी पशु की दक्षता को निर्धारित करने वाले कारक; यूथ अभिलेखन; बजटन; दुग्ध उत्पादन की ल्रागत; कीमत निर्धारण नीति; कार्मिक प्रबंध; डेरी गोपशुओं के लिए व्यावहारिक एवं किफायती राशन विकसित करना; वर्षभर हरे चारे की पूर्ति; डेरी फार्म हेतु आहार एवं चारे की आवश्यकताएं, छोटे पशुओं एवं सांडों, बछियों एवं प्रजनन पशुओं के लिए आहार प्रवृत्तियां; छोटे एवं वयस्क पशुधन आहार की नई प्रवृत्तियां, आहार अभिलेख।
  • वाणिज्यिक माँस; अंडा एवं ऊन उत्पादन-भेड़; बकरी; शूकर; खरगोश एवं कुक्कुट के लिए व्यावहारिक एवं किफायती राशन विकसित करना, चारे, हरे चारे की पूर्ति; छोटे एवं परिपक्व पशुधन के लिए आहार प्रवृत्तियां, उत्पादन बढ़ाने वाले एवं प्रबंधन की नई प्रवृत्तिया, पूँजी एवं भूमि आवश्यकताएं एवं सामाजिक-आर्थिक संकल्पना।
  • सूखा; बाढ़ एवं अन्य नैसर्गिक आपदाओं से प्राप्त पशुओं का आहार एवं उनका प्रबंध।

आनुवंशिक एवं पशु-प्रजनन :

  • पशु आनुवंशिकी का इतिहास, सूत्री विभाजन एवं अधध॑सूत्री विभाजन; मेंडल की वंशागति; मेंडल की आनुवंशिकी से विचलन, जीन की अभिव्यक्ति; सहलग्नता एवं जीन-विनियमन; लिंग निर्धारण; लिंग प्रभावित एवं लिंग सीमित लक्षण; रक्त समूह एवं बहुरूपता; गरुणसूत्र विपथन; कोशिकादव्य वंशागति, जीन एवं इसकी संरचना आनुवंशिक पदार्थ के रूप में DNA आनुवंशिक कूट एवं प्रोटीन संश्‌लेषण पुनर्योगन; DNA प्रौद्योगिकी, उत्परिवर्तन; उत्परिवर्तन के प्रकार; उत्परिवर्तन एवं उत्परिवर्तन दर को पहचानने की विधियां; पारजनन।
  • पशु प्रजनन पर अनुप्रयुक्त समष्टि आनुवंशिकी, मात्रात्मक और इसकी तुलना में गुणात्मक विशेषक; हार्डी वीनवर्ग नियम; समष्टि और इसकी तुलना मैं व्यष्टि; जीन एवं जीन प्रारूप बारंबारता; जीन बारंबारता को परिवर्तित करने वाले बल; याहृच्छिक अपसरण एवं लघु समष्टियां; पथ गुणांक का सिद्धांत, अंत: प्रजनन गुणांक, आकलन की विधियां, अंत: प्रजनन प्रणात्रियां; प्रभावा समष्टि आकार; विभिन्‍नता संवितरण; जीन प्रारूप पर्यावरण सहसंबंध एवं जीन प्रारूप “5 पर्यावरण अंतः क्रिया बहुमापों की भूमिका, संबंधियों के बीच समरूपता।
  • प्रजनन तंत्र-पशुधन एवं कुक्कुटों की नस्‍्लें; वंशागतित्व; पुनरावर्तनीयता एवं आनुवंशिक एवं समलक्षणीय सहसंबंध, उनकी आकलन विधि एवं आकलन परिशुद्धि; वरण के साधन एवं उनकी संगत योग्यताएं; व्यष्टि; वंशावली; कुल एवं कुलांतर्गत वरण, संतति परीक्षण; वरण विधियां; वरण सूचकों की रचना एवं उनका उपयोग; विभिन्‍न वरण विधियों द्वारा आनुवंशिक लब्धियों का तुलनात्मक मूल्यांकन; अप्रत्यक्ष वरण सूचकों की रचना एवं उनका उपयोग; विभिन्न‍न वरण विधियों द्वारा आनुवंशिक लब्धियों का तुलनात्मक मूल्यांकन; अप्रत्यक्ष वरण एवं सह संबंधित अनुक्रिया; अंत: प्रजनन; बहि; प्रजनन; अपग्रेडिंग संस्करण एवं प्रजनन संश्लेषण; अतः प्रजनित लाइनों का वाणिज्यिक प्रयोजनों हेतु संस्करण; सामान्य एवं विशिष्ट संयोजन योग्यता हेतु वरण; देहली लक्षणों के लिए प्रजनन; सायर इंडेक्स।

विस्तार :

  • विस्तार का आधारभूत दर्शन; उद्देश्य; संकल्पना एवं सिद्धांत; किसानों को ग्रामीण दशाओं में शिक्षित करने की विभिन्‍न विधियां, प्रौद्योगिकी पीढ़ी; इसका अंतरण एवं प्रति पुष्टि; प्रौद्योगिकी अंतरण में समस्याएं एवं कठिनाइयाँ; ग्रामीण विकास हेतु पशु पालन कार्यक्रम।

UPSC ANIMAL HUSBANDRY AND VETERINARY SCIENCE OPTIONAL PAPER-II

शरीर रचना विज्ञान, भैषज गुण विज्ञान एवं स्वास्थ्य विज्ञान :

  • ऊतक विज्ञान एवं ऊतकीय तकनीक : ऊतक प्रक्रमण एवं प्र.5. अभिरंजन की पैराफीनअंत: स्थापित तकनीक-हिमीकरण माइक्रोटोमी-सूक्ष्मदर्शिकी-दीप्त क्षेत्र सूक्ष्मीदर्शी एवंइलेक्ट्रान सूक्ष्मदर्शी, कोशिका की कोशिका विज्ञान संरचना, कोशिकांग एवं अंतर्वैशन;कोशिका विभाजन-कोशिका प्रकार-ऊतक एवं उनका वर्गीकरण-भ्रूणीय एवं व्यस्क ऊतक-अंगों का तुलनात्मक ऊतक विज्ञान- संवहनी, तंत्रिका, पाचन, श्वसन, पेशी कंकाली एवंजननमून तंत्र – अंतःस्रावीग्रथियों-अध्यावरण-संवेदी अंग।
  • भ्रूण विज्ञान – पक्षि वर्ग एवं घरेलू स्तनपायियों के विशेष संदर्भ के साथ कशेरुकियों काभ्रूण विज्ञान-युग्मक जनन-निषेचन-जनन स्तर-गर्भ झिल्ली एवं अपरान्यास-घरेलूस्तनपायियों से अपरा के प्रकार-विरुपता विज्ञान-यमल एवं यमलन-अंगविकास-जनन स्तरव्युत्पन्न-अंतश्चर्मी, मध्यचर्मी एवं बहिर्चमी व्युत्पन्न।
  • मौ-शरीरिकी-क्षेत्रीय शारीरिकी : वृषभ के पैरानासीय कोटर-लारग्रंथियो की बहिस्तलशारीरिकी; अवनेत्रकोटर, जंभिका, चिबुककूपिका, मानसिक एवं शूंगी तंत्रिका रोध कीक्षेत्रीय शारीरिकी, पराकशेरूक तंत्रिकाओं की क्षेत्रीय शारीरिकी गुहय तंत्रिका, मध्यमतंत्रिका, अंत: प्रकोष्ठिका तंत्रिका एवं बहि: प्रकोष्ठिका तंत्रिका-अंतजीविका, बहिजीविकाएवं अंगुलि तंत्रिकाएं-कपाल तंत्रिकाएं-अधिदृढ़तानिका संज्ञाहरण में शामिल संरचनाएं-उपरिस्थ लसीका पर्व-वक्षीय, उदरीय तथा श्रोणीय गुहिका के अंतरांगों की बहिस्तरशारीरिकी-गतितंत्र की तुलनात्मक विशेषताएं एवं स्तनपायी शरीर की जैव यांत्रिकी मेँ उनका अनुप्रयोग।
  • कुक्कुट शारीरिकी-पेशी-कंकाली तंत्र-श्वसन एवं उड़ने के संबंध में प्रकायौत्मक शारीरिकी,पाचन एवं        अंडोत्पादन।
  • भेषज गुण विज्ञान एवं भेषज बलगतिकी के कोशकीय स्तर तरलों पर कार्यकारी औषर्ध एवं विद्युत अपघट्य संतुलन। स्वसंचालित तंत्रिका तंत्र पर कार्यकारी औषध। संज्ञाहरणकी आधुनिक संकल्पनाएं एवं वियोजी संज्ञाहरण, ऑटाकॉइड, प्रतिरोगाणु एवं रोगाणुसंक्रमण में रसायन चिकित्सा के सिद्धांत, चिकित्साशास्त्र मैं हा्मोनों का उपयोग-परजीवीसंक्रमणों में रसायन चिकित्सा, पशुओं के खादय ऊतकों में औषध एवं आर्थिक सरोकार-अर्बुद रोगों में रसायन चिकित्सा, कीटनाशकों, पौधो, धातुओं, अधातुओं, जंतुविषों एवंकवकविषों के कारण विषालुता।
  • जल, वायु एवं वासस्थान के संबंध के साथ पशु स्वास्थ्य विज्ञान-जल, वायु एवं मृदा प्रदूषण का आकलन-पशु स्वास्थ्य में जलवायु का महत्व-पशु कार्य एवं निष्पादन में पर्यावरण का प्रभाव-पशु कृषि एवं औदयोगीकरण के बीच संबंध विशेष श्रेणी के घरेलु पशओं, यथा, सगर्भा गौ एवं शूकरी, दुधारु गाय, ब्रायलर पक्षी के लिए आवास आवश्यकताएं-पशु वासस्थान के संबंध में तनाव, श्रांति एवं उत्पादकता।

पशु रोग

  • गोपशु, भेड़ तथा अजा, घोड़ा, शूकर तथा कुक्कुट के संक्रामक रोगों का रोगकरण,जानपादित रोग विज्ञान, रौगजनन, लक्षण, मरणोत्तर विक्षति, निदान एवं नियंत्रण।
  • गोपशु, घोड़ा, शूकर एवं कुक्कुट के उत्पादन रोगों का रोककारण, जानपादित रोग विज्ञान,लक्षण, निदान, उपचार।
  • घरेलु पशुओं और पक्षियों के हीनता रोग।
  • अंतर्घट्टन, अफरा, प्रवाहिका, अजीर्ण, निर्जलीकरण, आघात, विषाक्तता जैसी अविशिष्ट दशाओं का निदान एवं उपचार
  • तंत्रिका वैज्ञानिक विकारों का निदान एवं उपचार।
  • पशुओं के विशिष्ट रोगों के प्रति प्रतिरक्षीकरण के सिद्धांत एवं विधियां-यूथ प्रतिरक्षा-रोगमुकत क्षेत्र शून्य रोग संकल्पना-रसायन रोग निरोध
  • संज्ञाहरण-स्थानिक, क्षेत्रीय एवं सार्वदेहिक- संज्ञाहरण पूर्व औषध प्रदान, अस्थिभंग एवं संधिच्युति में लक्षण एवं शल्य व्यतिकरण, हरनिया, अवरोध, चतुर्थ अमाशायी विस्थापन-सिजेरियन शस्त्र कर्म, रोमंथिका-छेदन-जनदनाशन।
  • रोग जांच तकनीक-प्रयोगशाला जांच हेतु सामग्री-पशु स्वास्थ्य केन्द्रों की स्थापना -रोगमुकत क्षेत्र।

सार्वजनिक पशु स्वास्थ्य :

  • पशुजन्य रोग-वर्गीकरण, परिभाषा, पशुजन्य रोगों की व्यापकता एवं प्रसार मैं पशुओं एवं पक्षियों की भूमिका – पेशागत पशुजन्य रोग।
  • जानपदिक रोग विज्ञान – सिद्धांत, जानपदिक रोग विज्ञान संबधी पदावली की परिभाषा,रोग तथा उनकी रोकथाम के अध्ययन में जानपदिक रोग विज्ञानी उपायों का अनुप्रयोग,वायु, जल तथा खादय जनित संक्रमणों के जानपदिक रोग विज्ञानीय लक्षण, OIE  विनियम, WTO स्वच्छता एवं पादप-स्वच्छता उपाय।
  • पशु चिकित्सा विधिशास्त्र-पशु गुणवत्ता सुधार तथा पशु रोग निवारण के लिए नियम एवं विनियम-पशुजनित एवं पशु उत्पादन जनित रोगों के निवारण हेतु राज्य एवं केन्द्र के नियम,SPCA पशु चिकित्सा-विधिक जांच हैतु नमूनों के संग्रहण की सामग्रियां एवं विधियां।

दुग्ध एवं दुग्धोत्पाद प्रौद्योगिकी :

  • बाजार का दूध: कच्चे दूध की गुणता, परीक्षण एवं कोटि निर्धारण, प्रसंस्करण, परिवेष्टन, भंडारण, वितरण, विपणन, दोष एवं उनकी रोकथाम, निम्नलिखित प्रकार के दूध को बनाना; पाश्चुरीकृत, मानकित, टोन्ड, डबल टोन्‍्ड, निर्जीवाणुकृत, सामांगीकृत, सामांगीकृत, पुननिर्मित पुनर्सयोजित एवं सुवासित दूध, संवर्धित दूध तैयार करना,संवर्धन तथा उनका प्रबंध, योगर्ट, दही, लस्सी एवं श्रीखंड, सुवासित एवं निर्जीवाणुकृत दूध तैयार करना, विधिक मानक, स्वच्छ एवं सुरक्षित दूध तथा दुग्ध संयंत्र उपस्कर हेतु स्वच्छता आवश्यकताएं।
  • दुग्ध उत्पाद प्रौद्योगिकी : कच्ची सामग्री का चयन, क्रीम, मक्खन, घी, खोया, छेना,चीज, संघनित, वाष्पित, शुष्कित दूध एवं शिशु आहार, आइसक्रीम तथा कुल्फी जैसे दुग्ध उत्पादों का प्रसंस्करण, भंडारण, वितरण एवं विपणन; उपोत्पाद, छेने के पानी के उत्पाद,छाछ (बटर मिल्क), लैक्टोज एवं केसीन, दूध उत्पादों का परीक्षण, कोटि-निर्धारण, उन्हें परखना, BIS एवं एगमार्क विनिर्देशन, विधिक मानक, गुणता नियंत्रण एवं पोषक गुण,संवेष्टन प्रसंस्करण एवं संक्रियात्मक नियंत्रण, डेरी उत्पादों का लागत निर्धारण।

माँस स्वास्थ्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी :

माँस स्वास्थ्य विज्ञान

  • खादय पशुओं की मृत्यु पूर्व देखभाल एवं प्रबंध, विसंज्ञा, वध एवं प्रसाधन संक्रिया; वधशाला आवश्यकताएं एवं अभिकल्प; मांस निरीक्षण प्रक्रियाएं एवं पशु शव मांस खंडों को परखना-पशु शव मांस खंडों का कोटि निर्धारण-पुष्टिकर मांस उत्पादन में पशु चिकित्सकों के कर्तव्य और कार्य।
  • माँस उत्पादन संभालने की स्वास्थ्य कर विधियां-माँस का बिगड़ना एवं इसकी रोकथाम के उपाय-वधोपरांत माँस में भौतिक-रासायनिक परिवर्तन एवं इन्हें प्रभावित करने वाले कारक-गुणता सुधार विधियां-माँस व्यापार एवं उद्योग में नियामक उपबंध।

माँस प्रौद्योगिकी :

  • माँस के भौतिक एवं रासायनिक लक्षण-मांस इमल्शन-मांस परीक्षण की विधियां-मांस एवं मांस उत्पादन का संसाधन, डिब्बाबंदी, किरणन, संवेष्टन, प्रसंस्करण एवं संयोजन।
  • उपोत्पाद-वधशाला उपोत्पाद एवं उनके उपयोग-खाद्य एवं अखादूय उपोत्पाद-वधशाला उपोत्पाद के समुचित उपयोग सामाजिक एवं आर्थिक निहितार्थ: खाद्य एवं भेषजिक उपयोग हेतु अंग उत्पाद।
  • कुक्कुट उत्पाद प्रौद्योगिकी-कुक्कुट मांस के रासायनिक संघटन एवं पोषक मान-वध की देखभाल तथा प्रबंध, वध की तकनीकें, कुक्कुट मांस एवं उत्पादों का निरीक्षण, परीक्षण, विधिक एवं छा$ मानक, अंडों की संरचना, संघटन एवं पोषक मान, सूक्ष्मजीवी विकृति,परीक्षण एवं अनुरक्षण, कुक्कुट मांस, अंडों एवं उत्पादों का विपणन, मूल्यवर्धित मांस उत्पाद।
  • खरगोश/फर वाले पशुओं की फार्मिंग-खरगोश मांस उत्पादन, फर एवं ऊन का निपटानएवं उपयोग तथा अपशिष्ट उपोत्पादो का पुनश्चक्रण, ऊन का कोटिनिर्धारण।

IAS | UPSC Previous Year Question Paper 

किसी भी Government Job Exam को Crack करने के लिए उस Exam का Exam Pattern और Exam Syllabus दोनों ही जानना जरूरी है IAS | UPSC Animal Husbandry And Veterinary Science Previous Year Question Paper नीचे दिए गए हैं : 

UPSC Animal Husbandry And Veterinary Science Optional Paper-1 Download

UPSC Animal Husbandry And Veterinary Science Optional Paper-2 Download

UPSC Animal Husbandry And Veterinary Science Optional Paper Syllabus in pdf

आशा करते हैं इस Blog में दी गई जानकारी आपको UPSC Civil Services Exam को Crack करने में आपके लिए सहायक सिद्ध हो ।

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