UPSC ANTHROPOLOGY SYLLABUS IN HINDI

दोस्तों TOP SARKARI RESULT पर आपका स्वागत है, UPSC Syllabus में UPSC Anthropology Syllabus in Hindi के बारे में बताने से पहले हम आपको कुछ Important Information देना चाहते है, जैसा की आप जानते है UPSC Exam (Union Public Service Commission Exam) या  UPSC Civil Services Exam में आपको तीन चरणों से होकर गुजरना होता है :

Anthropology Syllabus UPSC Marks Structure

Eligibility for UPSC Exam qualify करने के बाद UPSC Main Exam में हमने Total 9 Paper देने होते है जिसमे Anthropology Optional Paper है UPSC Main Exam में यह Paper-6 और Paper-7 होता है प्रत्येक Paper 250 Marks का होता है यानि (250 + 250 = 500 Marks).

UPSC Optional Subject Syllabus | IAS Optional Subject Syllabus in Hindi

UPSC Exam Syllabus के 25 Optional Subject की सूची इस प्रकार है:

  1. UPSC Agriculture Optional Paper
  2. UPSC Animal Husbandry and Veterinary Science Optional Paper
  3. UPSC Anthropology Optional Paper 
  4. UPSC Botany Optional Paper 
  5. UPSC Chemistry Optional Paper 
  6. UPSC Civil Engineering Optional Paper 
  7. UPSC Commerce & Accountancy Optional Paper 
  8. UPSC Economics Optional Paper 
  9. UPSC Electrical Engineering Optional Paper 
  10. UPSC Geography Optional Paper 
  11. UPSC Geology Optional Paper 
  12. UPSC History Optional Paper 
  13. UPSC Law Optional Paper 
  14. UPSC Management Optional Paper 
  15. UPSC Mathematics Optional Paper 
  16. UPSC Mechanical Engineering Optional Paper
  17. UPSC Medical Science Optional Paper 
  18. UPSC Philosophy Optional Paper 
  19. UPSC Physics Optional Paper 
  20. UPSC Political Science & International Relations Optional Paper 
  21. UPSC Psychology Optional Paper 
  22. UPSC Public Administration Optional Paper 
  23. UPSC Sociology Optional Paper 
  24. UPSC Statistics Optional Paper 
  25. UPSC Zoology Optional Paper 

आइये Anthropology Syllabus for UPSC को समझने का प्रयास करते है:

UPSC Anthropology Optional Syllabus Paper-I

नृविज्ञान का अथ :

  • नृविज्ञान का अथ, विषय क्षेत्र एवं विकास।

अन्य विषयों के साथ संबंध:

  • सामाजिक विज्ञान, व्यवहारपकरक विज्ञान, जीव विज्ञान, आयुर्विज्ञान, भू-विषयक विज्ञान एवं मानविकी।

नृविज्ञान की प्रमुख शाखाएं, उनका क्षेत्र तथा प्रासंगिकता :

  • (क) सामाजिक-सांस्कृतिक नृविज्ञान
  • (ख) जैविक विज्ञान
  • (ग) पुरातत्व – नृविज्ञान
  • (घ) भाषा-नृविज्ञान

मानव विकास तथा मनुष्य का आविर्भाव:

  • (क) मानव विकास में जैव एवं सांस्कृतिक कारक
  • (ख) जैव विकास के सिद्धांत (डार्विन-पूर्व, डार्विन कालीन एवं डार्विनोत्तर)
  • (ग) विकास का संश्लेषणात्मक सिद्धांत, विकासात्मक जीव विज्ञान की रूबावली एवं संकल्पनाओं की      संक्षिप्त रूपरेखा (डॉल का नियम, कोप का नियम, गॉस का नियम, समांतरवाद, अभिसरण, अनुकूली विकिरण   एवं मोजेक विकास)

नर-वानर की विशेषताएं :

  • विकासात्मक प्रवृत्ति एवं नर-वानर वर्गिकी
  • नर-वानर अनुकूलन
  • (वृक्षीय एवं स्थलीय) नर-वानर वर्गिकी
  • नर-वानर व्यवहार, तृतीयक एवं चतुर्थक जीवाश्म नर-वानर
  • जीवित प्रमुख नर-वानर
  • मनुष्य एवं वानर की तुलनात्मक शरीर-रचना
  • नू संस्थिति के कारण हुए कंकालीय परिवर्तन एवं हल्के निहिताथ।

जातिवृत्तीय स्थिति, निम्नलिखित की विशेषताएं एवं भौगोलिक वितरण:

  • (क) दक्षिण एवं पूर्व अफ्रीका में अतिनूतन अत्यंत नूतन होमिनिड-आस्ट्रेलोपिथेसिन
  • (ख) होमोइरेक्टस : अफ्रीका (पैरेन्प्रोपस), यूरोप (होमोइरेक्टस हीडेल बर्जेन्सिस), एशिया (होमोइरेक्टस   जावनिकस, होमोइरेक्टस पेकाइनेन्सिस)
  • (ग) निएन्डरथल मानव-ला- शापेय-ओ-सेंत (क्लासिकी प्रकार), माउंट कारमेस (प्रगामी प्रकार)
  • (घ) रोडेसियन मानव
  • (ड.) होमो-सेपिएन्स-क्रोमैग्नन ग्रिमाली एवं चांसलीड।

जीवन के जीववैज्ञानिक आधार:

  • कोशिका, 99५४ संरचना एवं प्रतिकृति, प्रोटीन संश्लेषण  जीन, उत्परिवर्तन, क्रोमोसोम एवं कोशिका, विभाजन।

प्रागैतिहासिक पुरातत्व विज्ञान

  • प्रागैतिहासिक पुरातत्व विज्ञान के सिदधांत/कालानुक्रम:सापेक्ष एवं परम काल निर्धारण विधियां।

सांस्कृतिक विकास-प्रागैतिहासिक संस्कृति की स्थूल रूपरेखा

  • (i) पुरापाषाण
  • (ii) मध्य पाषाण
  • (iii) नव पाषाण
  • (iv) ताम्र पाषाण
  • (v) ताम्र-कांस्य युग
  • (vi) लोक युग
  • संस्कृति का स्वरूप : संस्कृति और सभ्यता की संकल्पना एवं विशेषता; सांस्कृतिक सापेक्षवाद की तुलना मेँ नृजाति केंद्रिकता।
  • समाज का स्वरूप : समाज की संकल्पना: समाज एव संस्कृति; सामाजिक संस्थाएं;सामाजिक समूह; एवं सामाजिक स्तरीकरण।
  • विवाह : परिभाषा एवं सार्वभौमिकता; विवाह के नियम (अंतर्विवाह,बहिरविवाह,अनुलोमविवाह, अगम्यगमन निषेध); विवाह के प्रकार (एक विवाह प्रथा, बहुविवाह प्रथा, बहुपति प्रथा, समूह विवाह, विवाह के प्रकार्य; विवाह विनियम (अधिमान्य निर्दिष्ट एवं अभिनिषेधक); विवाह भुगतान (वधु धन एवं दहेज)।
  • परिवार : परिभाषा एवं सार्वभौमिकता; परिवार, गृहस्थी एवं गृहय समूह; परिवार के प्रकार्य; परिवार के प्रकार (संरचना, रकक्‍त-संबंध, विवाह, आवास एवं उत्तराधिकार के परिप्रेक्ष्य से); नगरीकरण, औदयोगिकीकरण एवं नारी अधिकारवादी आंदोलनों का परिवार पर प्रभाव।
  • नातेदारी : रक्त संबंध एवं विवाह संबंध : वंशानुक्रम के सिद्धांत एवं प्रकार (एक रेखीय, द्वैध, द्विपक्षीय, उभयरेखीय); वंशानुक्रम समूह के रूप (वंशपरंपरा, गोत्र, फ्रेटरी, मोइटी एवं संबंधी): नातेदारी शब्दावली (वर्णनात्मक एवं वर्गीकारक): वंशानुक्रम, वंशानुक्रमण एवं पूरक वंशानुक्रम; वंशानुक्रम एवं सहबंध।

आर्थिक संगठन

  • आर्थिक संगठन : अथ॑, क्षेत्र एवं आर्थिक नृविज्ञान की प्रासंगिकता; रूपवादी एवं तत्ववादी बहस; उत्पादन, वितरण एवं समुदायों में विनिमय (अन्योन्यता, पुनर्वितरण एवं बाजार), शिकार एवं संग्रहण, मत्सयन, स्विडेनिंग, पशुचारण, उद्यानकृषि एवं कृषि पर निर्वाह; भूमंडलीकरण एवं देशी आर्थिक व्यवस्थाएं।

राजनीतिक संगठन एवं सामाजिक नियंत्रण

  • राजनीतिक संगठन एवं सामाजिक नियंत्रण : टोली, जनजाति, सरदारी, राज एवं राज्य; सत्ता, प्राधिकार एवं वैधता की संकल्पनाएं; सरल समाजों मैं सामाजिक नियंत्रण, विधि एवं नयाय।

धर्म :

  • धर्म के अध्ययन मेँ नृवैज्ञानिक उपागम (विकासात्मक, मनोवैज्ञानिक एवं प्रकार्यात्मक); एकेश्वरवाद; पवित्र एवं अपावन; मिथक एवं कर्मकांड; जनजातीय एवं कृषक समाजों में धर्म के रूप (जीववाद, जीवात्मावाद, जड़पूजा, प्रकृति पूजा एवं गणचिहन वाद); धर्म, जादू एवं विज्ञान विशिष्ट जादुई-धार्मिक कार्यकर्ता (पुजारी, शमन, ओझा, ऐद्रजालिक और डाइन)।

नृवैज्ञानिक सिद्धांत :

  • (क) क्लासिकी विकासवाद (टाइलर, मॉगर्न एवं फ्रेजर)
  • (ख) ऐतिहासिक विशिष्टतावाद (बोआस); विसरणवाद (ब्रिटिश, जर्मन एवं अमरीका)
  • (ग)  प्रकार्यवाद (मैलिनोस्की); संरचना-प्रकार्यवाद (रैडक्लिक-ब्राउन)
  • (घ)  संरचनावाद (लेवी स्ट्राश एवं ई लीश)
  • (ड.) संस्कृति एवं व्यक्तित्व (बेनेडिक्ट, मीड, लिंटन, कार्डिनर एवं कोरा-दु-बुवा)
  • (च) नव-विकासवाद (चिल्ड, व्हाइट, स्ट्यूवर्ड, शाहलिन्स एवं सर्विस)
  • (छ) सांस्कृतिक भौतिकवाद (हैरिस)
  • (ज) प्रतीकात्मक एवं अर्थनिरूपी सिद्धांत (टार्नर, श्नाइडर, एवं गीर्ट)।
  • (क) संज्ञानात्मक सिद्धांत (टाइलर कांक्सिन)
  • (ख) नृविज्ञान मेँ उत्तर आधुनिकवाद

संस्कृति, भाषा एवं संचार :

  • भाषा का स्वरूप, उद्गम एवं विशेषताएं; वाचिक एवं अवाचिक संप्रेषण; आषा प्रयोग के सामाजिक संदभभ।

नृविज्ञान में अनुसंधान पद्धतियां :

  • (क) नृविज्ञान में क्षेत्रकार्य परंपरा
  • (ख) तकनीक, पद्धति एवं कार्य विधि के बीच विभेद।
  • (ग) दत्त संग्रहण के उपकरण : प्रेक्षण, साक्षात्कार, अनुसूचियां, प्रश्नावली, केस अध्ययन, वंशावली, मौखिक इतिवृत्त, सूचना के दवितीयक स्रोत, सहभागिता पद्धति।
  • (घ) दत्त का विश्लेषण , निर्वचन एवं प्रस्तुतीकरण।

मानव आनुवंशिकी – पद्धति एवं अनुप्रयोग

  • मनुष्य परिवार अध्ययन मैं आनुवंशिक सिद्धांतों के अध्ययन की पद्धतियां (वंशावली विश्लेषण, युग्म अध्ययन, पोष्यपुत्र, सह-युग्म पद्धति, कोशिका-जननिक पद्धति, गुणसूत्री एवं केन्द्रक प्रारूप विश्लेषण), जैव रसायनी पद्धतियां, डी.एन.ए प्रौद्योगिकी एवं पुनर्योगज प्रौद्योगिकियां।
  • मनुष्य-परिवार अध्ययन मैं मैंडेलीय आनुवंशिक, मनुष्य मैं एकल उत्पादन, बहु उत्पादन, घातक, अवघ्वातक एवं अनेक जीनी वंशागति।
  • आनुवंशिक बहुरूपता एवं वरण की संकल्पना, मेंडेलीय जनसंख्या, हार्डी-वीन वर्ग नियम; बारंबारता में कमी लाने वाले कारण एवं परिवर्तन-उत्परिवर्तन, विज्नयन, प्रवासन, वरण,अंत: प्रजनन एवं आनुवंशिक च्युति, समरक्‍त एवं असमरक्‍्त समागम, आनुवंशिक भार, समरक्‍त एवं भगिनी-बंध विवाहों के आनुवंशिक प्रभाव।

गुणसूत्र एवं मनुष्य में गुणसूत्री विपथन, क्रियाविधि:

  • (क) संख्यात्मक एवं संरचनात्मक विपथन (अव्यवस्थाएं)
  • (ख) लिंग गुणसूत्री विपथन-क्लाइनफेल्टर (XXY), टर्न (XO) अधिजाया (XXX) अंतर्लिंग एवं अन्य संलक्षणात्मक अव्यवस्थाएं।
  • (ग) अलिंग सूत्री विपथन-डाउन संलक्षण, पातो, एडवर्ड एवं क्रि-दु-शॉ संलक्षण।
  • (घ) मानव रोगों मैं आनुवंशिक अध्ययन, आनुवंशिक स्क्रीनिंग, आनुवंशिक उपबोधन, मानव डीएनए प्रोफाइलिंग, जॉन मैपिंग एवं जीनोम अध्ययन।
  • प्रजाति एवं प्रजातिवाद, दूरीक एवं अदूरीक लक्षणों की आकारिकीय विभिन्‍नताओं का जीव वैज्ञानिक आधार, प्रजातीय निकष, आनुवंशिकता एवं पर्यावरण के संबंध में प्रजातीय विशेषक; मनुष्य में प्रजातीय वर्गीकरण, प्रजातीय विभेदन एवं प्रजाति संस्करण का जीव वैज्ञानिक आधार।
  • आनुवंशिक चिहनक के रूप में आयु, लिंग एवं जनसंख्या विभेद-एबीओ, आरएच रक्‍तसमूह, एचएलएएचपी, ट्रेन्सफेरिन, जीएम, रक्‍त एंजाइम, शरीर क्रियात्मक लक्षण विभिन्‍न सांस्कृतिक एवं सामाजिक-आर्थिक समूहों में एचबी स्तर, शरीर वसा, स्पंद दर, श्वसन प्रकार्य एवं संवेदी प्रत्यक्षण।
  • पारिस्थितिक नृविज्ञान की संकल्पनाएं एवं पद्धतियां, जैव-सांस्कृतिक अनुकूलन-जननिक एवं अजननिक कारक, पर्यावरणीय दबावों के प्रति मनुष्य की शरीर क्रियात्मक अनुक्रियाएं: गर्म मरूभूमि, शीत, उच्च तुंगता जलवायु।
  • जानपदिक रोग विज्ञानीय नृविज्ञान : स्वास्थ्य एवं रोग, संक्रामक एवं असंक्रामक रोग, पोषक तत्वों की कमी से संबंधित रोग।
  • मानव वृद्धि एवं विकास की संकल्पना : वृद्धि की अवस्थाएं-प्रसवपूर्व, प्रसव, शिशु, बचपन, किशोरावस्था, परिपक्वावस्था, जरत्व। वृद्धि और विकास को प्रभावित करने वाले कारक: जननिक, पर्यावरणीय, जैव रासायनिक, पोषण संबंधी, सांस्कृतिक एवं सामाजिक-आर्थिक। कालप्रभावन एवं जरत्व, सिद्धांत एवं प्रेक्षण जैविक एवं कालानुक्रमिक दीर्घ आयु, मानवीय शरीर गठन एवं कायप्ररूप, वृद्धि अध्ययन की क्रियाविधियां।
  • रजोदर्शन, रजोनिवृत्ति एवं प्रजनन शक्ति की अन्य जैव घटनाओं की प्रासंगिकता, प्रजनन शक्ति के प्रतिरूप एवं विभेद।
  • जनांकिकीय सिद्धांत – जैविक , सामाजिक एवं सांस्कृतिक।
  • बहुप्रजता, प्रजनन शक्ति, जन्मदर एवं मृत्युदर को प्रभावित करने वाले जैविक एवं सामाजिक-आर्थिक कारण।
  • नृविज्ञान के अनुप्रयोग : खेलों का नृविज्ञान, पोषणात्मक नृविज्ञान, रक्षा एवं अन्य उपकरणों की अभिकल्पना मैं नृविज्ञान, न्‍्यायालयिक नृविज्ञान, व्यक्ति अभिज्ञान एवं पुनर॑चना की पद्धतियां एवं सिद्धांत ,अनुप्रयुक्त मानव आनुवंशिकी-पितृत्व निदान, जननिक उपबोधन एवं सुजननिकी, रोगों एवं आयुर्विज्ञान में डीएनए प्रौद्योगिकी, जनन-जीव-विज्ञान में सीरम-आनुवंशिकी तथा कोशिका-आनुवंशिकी।

UPSC Anthropology Optional Syllabus Paper-II

  • भारतीय संस्कृति एवं सभ्यता का विकास-प्रागैतिहासिक (पुरापाषाण मध्यपाषाण, नवपाषाण तथा नवपाषाण-ताम्रपाषाण), आद्यऐतिहासिक (सिंधु सभ्यता): हड़प्पा-पूर्व, हड़प्पाकालीन एवं पश्च-हड़प्पा संस्कृतियां, भारतीय सभ्यता मैं जनजातीय संस्कृतियों का योगदान।
  • शिवालिक एवं नर्मदा द्रोणी के विशेष संदर्भ के साथ भारत से पुरा-नृवैज्ञानिक साक्ष्य (रामापिथेकस, शिवापिथेकस एवं नर्मदा मानव।
  • भारत मैं नृजाति – पुरातत्व विज्ञान: नृजाति पुरातत्व विज्ञान की संकल्पना; शिकारी, रसदखोजी, मछियारी, पशुचारक एवं कृषक समुदायों एवं कला और शिल्प उत्पादक समुदायों में उत्तरजीवक एवं समांतरक।
  • भारत की जनांकिकीय परिच्छेदिकी – भारतीय जनसंख्या एवं उनके वितरण मेँ नृजातीय एवं भाषायी तत्व भारतीय जनसंख्या-इसकी संरचना और वृद्धि को प्रभावित करने वाले कारक।
  • पारंपरिक भारतीय सामाजिक प्रणाली की संरचना और स्वरूप-वर्णाश्रम, पुरूषार्थ, कर्म ऋण एवं पुनर्जन्म।
  • भारत मेँ जाति व्यवस्था-संरचना एवं विशेषताएं, वर्ण एवं जाति, जाति व्यवस्था के उदगम के सिद्धांत, प्रबल जाति, जाति गतिशीलता, जाति व्यवस्था का भविष्य, जजमानी प्रणाली, जनजाति-जाति सातत्यक।
  • पवित्र-मनोग्रंथि एवं प्राकृत-मनुष्य-प्रेतात्मा मनोग्रंथि।
  • भारतीय समाज पर बौद्ध धर्म, जैन धर्म, इस्लाम और ईसाई धर्म का प्रभाव।
  • भारत में नृविज्ञान का आविर्भाव एवं संवृद्धि – 8वीं, 9वीं एवं प्रारंभिक 20 वीं शताब्दी के शास्त्रज्ञ-प्रशासकों के योगदान, जनजातीय एवं जातीय अध्ययनों में भारतीय नृवैज्ञानिकों के योगदान।
  • भारतीय ग्राम: भारत में ग्राम अध्ययन का महत्व, सामाजिक प्रणाली के रूप में भारतीय ग्राम बस्ती एवं अंतर्जाति संबंधों के पारंपरिक एवं बदलते प्रतिरुप : भारतीय ग्रामों मैं कृषिक संबंध भारतीय ग्रामों पर भूमंडलीकरण का प्रभाव।
  • भाषायी एवं धार्मिक अल्पसंख्यक एवं उनकी सामाजिक, राजनैतिक तथा आर्थिक स्थिति।
  • भारतीय समाज में सामाजिक-सांस्कृतिक परिवर्तन की देशीय एवं बहिर्जात प्रक्रियाएं: संस्कृतिकरण, पश्चिमीकरण, आधुनिकीकरण छोटी एवं बड़ी परंपराओं का परस्पर प्रभाव, पंचायती राज एवं सामाजिक-परिवर्तन मीडिया एवं सामाजिक परिवर्तन।
  • भारत मेँ जनजातीय स्थिति-जैव जननिक परिवर्तिता, जनजातीय जनसंख्या एवं उनके वितरण की भाषायी एवं सामाजिक-आर्थिक विशेषताएँ।
  • जनजातीय समुदायों की समस्याएं-भूमि संक्रामण, गरीबी, ऋणग्रस्तता, अल्प साक्षरता, अपर्याप्त शैक्षिक सुविधाएं, बेरोजगारी, अल्परोजगारी, स्वास्थ्य तथा पोषण।
  • विकास परियोजनाएं एवं जनजातीय स्थानांतरण तथा पुनर्वास समस्याओं पर उनका प्रभाव, वन नीतियों एवं जनजातियों का विकास, जनजातीय जनसंख्या पर नगरीकरण तथा औदयोगिकीकरण का प्रभाव।
  • अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों एवं अन्य पिछड़े वर्गों के पोषण तथा वंचन की समस्याएं। अनुसूचित जातियों एवं अनुसूचित जनजातियों के लिए सांविधानिक रक्षोपाय।
  • सामाजिक परिवर्तन तथा समकालीन जनजाति समाज : जनजातियों तथा कमजोर वर्गों पर आधुनिक लोकतांत्रिक संस्थाओं, विकास कार्यक्रमों एवं कल्याण उपायों का प्रभाव।
  • नृजातीयता की संकल्पना नृजातीय दवन्दव एवं राजनैतिक विकास, जनजातीय समुदायों के बीच अशांति: क्षेत्रीयतावाद एवं स्वायतता की मांग, छदम जनजातिवाद, औपनिवेशिक एवं स्वातंत्रयोत्तः भारत के दौरान जनजातियों के बीच सामाजिक परिवर्तन।
  • जनजातीय समाजों पर हिन्दू धर्म, बौद्ध धर्म, ईसाई धर्म, इस्लाम तथा अन्य धर्मों का प्रभाव।
  • जनजाति एवं राष्ट्र राज्य भारत एवं अन्य देशों मेँ जनजातीय समुदायों का तुलनात्मक अध्ययन।
  • जनजाति क्षेत्रों के प्रशासन का इतिहास, जनजाति नीतियां, योजनाएं, जनजातीय विकास के कार्यक्रम एवं उनका कार्यान्‍्वयन। आदिम जनजातीय समूहों (पीटीजीएस) की संकल्पना, उनका वित्तरण, उनके विकास के विशेष कार्यक्रम, जनजातीय विकास में गैर सरकारी संगठनों की भूमिका।
  • जनजातीय एवं ग्रामीण विकास में नृविज्ञान की भूमिका।
  • क्षेत्रीयतावाद, सांप्रदायिकता, नृजातीय एवं राजनैतिक आंदोलनों को समझने में नृविज्ञान का योगदान।

Anthropology Books in Hindi for UPSC

UPSC की तैयारी करते समय अच्छे Writers की Books पढ़ना बहुत जरुरी है, ताकि हमारे Efforts 100% Success Result में Convert हो सके। आइये कुछ अच्छे Writers की Anthropology books for UPSC देखे।

  • G S Bhatt: भारतीय सामाजिक विचार
  • US Mishra: सामाजिक-सांस्कृतिक नृविज्ञान का परिचय
  • US Misra: मानवशास्त्रीय विचार
  • Vaid & Pandey: जयविक पुरुषार्थ
  • Vaid: Who Cares for Tribal Development (Hindi & English)

IAS | UPSC Anthropology Previous Year Question Paper 

किसी भी Government Job Exam को Crack करने के लिए उस Exam का Exam Pattern और Exam Syllabus दोनों ही जानना जरूरी है IAS | UPSC Agriculture Previous Year Question Paper नीचे दिए गए हैं : 

UPSC Anthropology Question Paper Optional Paper-1 Download

UPSC Anthropology Question Paper Optional Paper-2 Download

Anthropology UPSC Syllabus Optional Paper in pdf

UPSC Civil Services Exam Syllabus PDF

आशा करते हैं इस Blog में दी गई जानकारी आपको UPSC Civil Services Exam को Crack करने में आपके लिए सहायक सिद्ध हो ।

Is Anthropology a good optional for UPSC?

UPSC Mains में Easy Optional Papers की List में Anthropology को एक अच्छा Subject मानते है। यह एक Good Scoring Subject है।

Which optional subject has less syllabus in UPSC?

Anthropology.

Is anthropology easy for UPSC?

Anthropology Science Stream के Students के लिए Easy माना जाता है, क्युकि यह Subject Science की अवधारणाओं से मिलता जुलता है। UPSC Mains Exam में Answer देते समय आपका Answer Acurate और to the point होना chahiye.

UPSC PHILOSOPHY OPTIONAL PAPER SYLLABUS IN HINDI

दोस्तों TOP SARKARI RESULT पर आपका स्वागत है, UPSC Syllabus में UPSC Philosophy Syllabus in Hindi Optional Paper Syllabus के बारे में बताने से पहले हम आपको कुछ Important Information देना चाहते है।

जैसा की आप जानते है UPSC Exam (Union Public Service Commission Exam) या UPSC Civil Services Exam में आपको तीन चरणों से होकर गुजरना होता है : (1) UPSC Prelims (2) UPSC Main (3) UPSC Interview.

Eligibility for UPSC Exam qualify करने के बाद UPSC Prelims Exam / IAS Prelims या Civil Services Preliminary Examination एक Objective Type Exam जिसमे Minimum Qualifying Marks Obtain करने होते है और उसके आधार पर Final Merit List बनती है।

UPSC Main Exam में हमने Total 9 Paper देने होते है जिसमे UPSC Philosophy Optional Paper है UPSC Main Exam में यह Paper-6 और Paper-7 होता है प्रत्येक Paper 250 Marks का होता है यानि (250 + 250 = 500 Marks).

UPSC Exam Syllabus में Total 25 Optional Subject होते है, जिसमे से हमे 1 Subject अपनी इच्छा से चुनना होता है और उस Subject के आधार पर हमे Paper-6 और Paper-7 देना होता है :

UPSC Optional Subject Syllabus | IAS Optional Subject Syllabus in Hindi

UPSC Exam Syllabus के 25 Optional Subject की सूची इस प्रकार है:

  1. UPSC Agriculture Optional Paper
  2. UPSC Animal Husbandry and Veterinary Science Optional Paper
  3. UPSC Anthropology Optional Paper 
  4. UPSC Botany Optional Paper 
  5. UPSC Chemistry Optional Paper 
  6. UPSC Civil Engineering Optional Paper 
  7. UPSC Commerce & Accountancy Optional Paper 
  8. UPSC Economics Optional Paper 
  9. UPSC Electrical Engineering Optional Paper 
  10. UPSC Geography Optional Paper 
  11. UPSC Geology Optional Paper 
  12. UPSC History Optional Paper 
  13. UPSC Law Optional Paper 
  14. UPSC Management Optional Paper 
  15. UPSC Mathematics Optional Paper 
  16. UPSC Mechanical Engineering Optional Paper
  17. UPSC Medical Science Optional Paper 
  18. UPSC Philosophy Optional Paper 
  19. UPSC Physics Optional Paper 
  20. UPSC Political Science & International Relations Optional Paper 
  21. UPSC Psychology Optional Paper 
  22. UPSC Public Administration Optional Paper 
  23. UPSC Sociology Optional Paper 
  24. UPSC Statistics Optional Paper 
  25. UPSC Zoology Optional Paper 

UPSC PHILOSOPHY OPTIONAL PAPER-I

दर्शन का इतिहास एवं समस्याएँ

  • प्लेटो एवं अरस्तूः प्रत्यय; द्रव्य; आकार एवं पुदगल; कार्यकारण भाव; वास्तविकता एवं शक्यता।
  • तर्कबुद्धिवाद (देकार्त, स्पिनोजा, लीबनिज़): देकार्त की पद्धति एवं असंदिग्ध ज्ञान; द्रव्य; परमात्मा; मन-शरीर द्वैतवाद; नियतत्ववाद एवं स्वातंत्र्य।
  • इंद्रियानुभव (लॉक, बर्कले, ह्यूम); ज्ञान का सिद्धांत; द्रव्य एवं गुण; आत्मा एवं परमात्मा; संशयवाद।
  • कांटः संश्लेषात्मक प्रागनुभविक निर्णय की संभवता; दिक एवं काल; कौटियाँ/विकल्प/पदार्थ; तर्कबुद्धि प्रत्यय; विप्रतिषेध; परमात्मा के अस्तित्व के प्रमाणों की मीमांसा।
  • हीगेलः द्वंद्वात्मक प्रणाली; परमप्रत्ययवाद।
  • मूर, रसेल एवं पूर्ववर्ती विटगेन्स्टीन; सामान्य बुद्धि का मंडन/समर्थन; प्रत्ययवाद का खंडन; तार्किक परमाणुवाद; तार्किक रचना; अपूर्ण प्रतीक; अर्थ का चित्र सिद्धांत; उक्ति एवं प्रदर्शन।
  • तार्किक प्रत्यक्षवाद; अर्थ का सत्यापन सिद्धांत; तत्वमीमांसा का अस्वीकार; अनिवार्य प्रतिज्ञप्ति का भाषिक सिद्धांत।
  • उत्तरवर्ती विटगेन्स्टीन: अर्थ एवं प्रयोग; भाषा-खेल; निजी/व्यक्ति भाषा की मीमांसा।
  • संवृतिशास्त्र (हर्सल); प्रणाली; सार सिद्धांत; मनोविज्ञानपरता का परिहार।
  • अस्तित्वपरकतावाद (कीर्कगार्द, सार्त्र, हीडेगर); अस्तित्व एवं सार; वरण, उत्तरदायित्व एवं प्रामाणिक अस्तित्व; विश्वनिसत एवं कालसत्ता।
  • क्वाइन एवं स्ट्रासनः इंद्रियानुभववाद की मीमांसा; मूल विशिष्ट एवं व्यक्ति का सिद्धांत।
  • चार्वाकः ज्ञान का सिद्धांत; अतींद्रिय सत्वों का अस्वीकार।
  • जैनदर्शन संप्रदाय; सत्ता का सिद्धांत; सप्तभंगी न्याय; बंधन एवं मुक्ति।
  • बौद्धदर्शन संप्रदाय; प्रतीत्यसमुत्पाद; क्षणिकवाद, नैरात्म्यवाद।
  • न्याय-वैशेषिकः पदार्थ सिद्धांत; आभास सिद्धांत; प्रणाम सिद्धांत; आत्मा, मुक्ति; परमात्मा; परमात्मा के अस्तित्व के प्रणाम; कार्यकारण-भाव का सिद्धांत, सृष्टि का परमाणुवादी सिद्धांत।
  • सांख्यः प्रकृति; पुरुष; कार्यकारण-भाव; मुक्ति।
  • योगः चित्त; चित्तवृति; क्लेश; समाधि; कैवल्य।
  • मीमांसा; ज्ञान का सिद्धांत।
  • वेदांत संप्रदायः ब्रह्मन; ईश्वर; आत्मन; जीव; जगत; माया; अविद्या; अध्यास; मोक्ष; अपृथक सिद्धि; पंचविधभेद।
  • अरविन्दः विकास, प्रतिविकास; पूर्ण योग।

UPSC PHILOSOPHY OPTIONAL PAPER-II

सामाजिक-राजनैतिक दर्शन

  • सामाजिक एवं राजनैतिक आदर्श; समानता, न्याय, स्वतंत्रता।
  • प्रभुसत्ताः आस्टिन, बोदॉ, लास्की, कौटिल्य।
  • व्यक्ति एवं राज्यः अधिकार; कर्तव्य एवं उत्तरदायित्व।
  • शासन के प्रकारः राजतंत्र; धर्मतंत्र एवं लोकतंत्र।
  • राजनैतिक विचारधाराएँ; अराजकतावाद; मार्क्सवाद एवं समाजवाद।
  • मानववाद; धर्मनिरपेक्षतावाद; बहुसंस्कृतिवाद।
  • अपराध एवं दंडः भ्रष्टाचार, व्यापक हिंसा, जातिसंहार, प्राणदंड।
  • विकास एवं सामाजिक उन्नति।
  • लिंग भेदः स्त्रीभ्रूण हत्या, भूमि एवं संपत्ति अधिकार; सशक्तिकरण।
  • जाति भेदः गांधी एवं अम्बेडकर।

धर्म दर्शन

  • ईश्वर की धारणाः गुण; मनुष्य एवं विश्व से संबंध (भारतीय एवं पाश्चात्य)।
  • ईश्वर के अस्तित्व के प्रमाण और उसकी मीमांसा (भारतीय एवं पाश्चात्य)।
  • अशुभ की समस्या।
  • आत्माः अमरता; पुनर्जन्म एवं मुक्ति।
  • तर्कबुद्धि, श्रुति एवं आस्था।
  • धार्मिक अनुभवः प्रकृति एवं वस्तु (भारतीय एवं पाश्चात्य)।
  • ईश्वर रहित धर्म।
  • धर्म एवं नैतिकता।
  • धार्मिक शुचिता एवं परम सत्यता की समस्या।
  • धार्मिक भाषा की प्रकृतिः सादृश्यमूलक एवं प्रतीकात्मक; संज्ञानवादी एवं निस्संज्ञानवादी।

IAS | UPSC Previous Year Question Paper 

किसी भी Government Job Exam को Crack करने के लिए उस Exam का Exam Pattern और Exam Syllabus दोनों ही जानना जरूरी है IAS | UPSC Philosophy Previous Year Question Paper नीचे दिए गए हैं : 

UPSC Philosophy Optional Paper-1 Download

UPSC Philosophy Optional Paper-2 Download

UPSC Philosophy Syllabus in Hindi Optional Paper pdf

UPSC Civil Services Exam Syllabus PDF

आशा करते हैं इस Blog में दी गई जानकारी आपको UPSC Civil Services Exam को Crack करने में आपके लिए सहायक सिद्ध हो ।

UPSC Animal Husbandry And Veterinary Science Optional Paper Syllabus in Hindi

दोस्तों TOP SARKARI RESULT पर आपका स्वागत है  ANIMAL HUSBANDRY AND VETERINARY SCIENCE OPTIONAL PAPER / AHVS  SYLLABUS के बारे में बताने से पहले हम आपको कुछ Important Information देना चाहते है, जैसा की आप जानते है UPSC (Union Public Service Commission) Exam या  UPSC Civil Services Exam में आपको तीन चरणों से होकर गुजरना होता है :

UPSC Prelims Exam / IAS Prelims या Civil Services Preliminary Examination एक Objective Type Exam जिसमे Minimum Qualifying Marks Obtain करने होते है और उसके आधार पर Final Merit List बनती है 

UPSC Main Exam में हमने Total 9 Paper देने होते है जिसमे ANIMAL HUSBANDRY AND VETERINARY SCIENCE Optional Paper है UPSC Main Exam में यह Paper-6 और Paper-7 होता है प्रत्येक Paper 250 Marks का होता है यानि (250 + 250 = 500 Marks).

UPSC Exam Syllabus में Paper-6 और Paper-7 में Total 25 Subject होते है, जिसमे से हमे 1 Subject अपनी इच्छा से चुनना होता है और उस Subject के आधार पर हमे Paper-6 और Paper-7 देना होता है :

UPSC Optional Subject Syllabus | IAS Optional Subject Syllabus in Hindi

UPSC Exam Syllabus के 25 Optional Subject की सूची इस प्रकार है:

  1. UPSC Agriculture Optional Paper
  2. UPSC Animal Husbandry and Veterinary Science Optional Paper
  3. UPSC Anthropology Optional Paper 
  4. UPSC Botany Optional Paper 
  5. UPSC Chemistry Optional Paper 
  6. UPSC Civil Engineering Optional Paper 
  7. UPSC Commerce & Accountancy Optional Paper 
  8. UPSC Economics Optional Paper 
  9. UPSC Electrical Engineering Optional Paper 
  10. UPSC Geography Optional Paper 
  11. UPSC Geology Optional Paper 
  12. UPSC History Optional Paper 
  13. UPSC Law Optional Paper 
  14. UPSC Management Optional Paper 
  15. UPSC Mathematics Optional Paper 
  16. UPSC Mechanical Engineering Optional Paper
  17. UPSC Medical Science Optional Paper 
  18. UPSC Philosophy Optional Paper 
  19. UPSC Physics Optional Paper 
  20. UPSC Political Science & International Relations Optional Paper 
  21. UPSC Psychology Optional Paper 
  22. UPSC Public Administration Optional Paper 
  23. UPSC Sociology Optional Paper 
  24. UPSC Statistics Optional Paper 
  25. UPSC Zoology Optional Paper 

UPSC ANIMAL HUSBANDRY AND VETERINARY SCIENCE OPTIONAL PAPER-I

पशु पोषण

  • पशु के अंदर खाद्य ऊर्जा का विभाजन; प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष ऊष्मामिति; कार्बन-नाइट्रोजन संतुलन एवं तुलनात्मक बध विधियां, रोमंथी पशुओं; सुअरों एवं कुक्कुटों में खादय का ऊर्जामान व्यक्त करने के सिद्धांत; अनुरक्षण; वृद्धि संगर्भता; सूतन्य स्त्राव तथा अंडा; ऊन एवं मांस उत्पादन के लिए ऊर्जा आवश्यकताएं।
  • प्रोटीन पोषण में नवीनतम प्रगति, ऊर्जा-प्रोटीन संबंध; प्रोटीन गुणता का मूल्यांकन; रोमंथी आहार में शेर योगिकों का प्रयोग; अनुरक्षण वृद्धि संगर्भता; स्तन्‍्य स्त्राव तथा अंडा; ऊन एवं मांस उत्पादन के लिए प्रोटीन आवश्यकताएं।
  • प्रमुख एवं लेस खनिज-उनके स्त्रोत: शरीर क्रियात्मक प्रकार्य एवं हीनता लक्षण; विषैले खनिज; खनिज अंत: क्रियाएं, शरीर मेँ वसा-घुलनशील तथा जल घुलनशील खनिजों की भूमिका, उनके स्त्रोत एवं हीनता लक्षण।
  • आहार संयोजी-मीथेन संदमक; प्रोबायोटिक; एंजाइम; एंटीबायोटिक; हारमोन; ओलिगो; शर्कराइड; एंटीओक्सीडेंट; पायसीकारक; संच संदमक; उभयरोधी इत्यादि, हारमोन एवं एंटीबायोटिक्स जैसे वृद्धिवर्धकों का उपयोग एवं दुष्प्रयोग-नवीनतम संकल्पनाएं।
  • चारा सरंक्षण; आहार का भंडारण एवं आहार अवयव, आहार प्रौद्योगिकी एवं आहार प्रसंस्करण मेँ अभिनव प्रगति; पशु आहार में उपस्थित पोषण रोधी एवं विषैले कारक; आहार विश्लेषण एवं गुणता नियंत्रण; पाचनीयता अभिप्रयोग-प्रत्यक्ष; अप्रत्यक्ष एवं सूचक विधियां, चारण पशुओं में आहार ग्रहण प्रायुक्ति।
  • रौपंथी पोषण मैं हुई प्रगति; पोषक तत्व आवश्यकताएं; संतुलित राशन; बछड़ों; सगर्भा; कामकाजी पशुओं एवं प्रजनन सांडों का आहार, दुधारु पशुओं को स्तन्य स्त्राव; चक्र की विभिन्न‍न अवस्थाओं के दौरान आहार देने की युक्तियां; दुग्ध संयोजन आहार का प्रभाव; माँस एवं दुग्ध उत्पादन के लिए बकरी/बकरे का आहार; माँस एवं ऊन उत्पादन के लिए भेड़ का आहार।
  • शूकर पोषण; पोषक आवश्यकताएं; विसर्पी; प्रवर्तत; विकासन एवं परिष्कारण राशन; बेचर्बी माँस उत्पादन हेतु शूकर-आहार; शूकर के लिए कम लागत के राशन।
  • कुक्कुट पोषण; कुक्कुट पोषण के विशिष्ट लक्षण; माँस एवं अंडा उत्पादन हेतु पोषक आवश्यकताएं, अंडे देने वालों एवं ब्रोलरों की विभिन्न‍न श्रेणियों के लिए राशन संरुपण।

पशु शरीर क्रिया विज्ञान :

  • रक्‍त की कार्थयिकी एवं इसका परिसंचरण; श्वसन; उत्सर्जन; स्वास्थ्य एवं रोगों में अंत:स्रावी ग्रंथी।
  • रक्‍त के घटक-गुणधर्म एवं प्रकार्य- रक्त कोशिका रचना, होमोग्लोबीन संश्लेषण एवं रसायनिकी-प्लाज्मा; प्रोटीन उत्पादन, वर्गीकरण एवं गुणधर्म; रक्त का स्कंदन; रक्‍तस्रावी विकास-प्रतिस्कंदन-रक्‍कत समूह-रकक्‍त मात्रा-प्लाज्मा विस्तारक-रक्‍त में उभय रोधी प्रणाली, जैव रसायनिक परीक्षण एवं रोग-निदान में उनका महत्व।
  • परिसंचरण-हृदय की कार्यिकी; अभिहृद चक्र; हृदध्वनि; हृदस्पंद; इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम; हृदय     का कार्य और दक्षता-हृदय प्रकार्य में आयनों का प्रभाव-अभिहृद पेशी का उपापचय; हृदय का तंत्रिका-नियमन एवं रासायनिक नियम; हृदय पर ताप एवं तनाव का प्रभाव; रक्त दाब एवं अतिरिक्त दाब; परासरण नियमन; धमनी स्पंद; परिसंचरण का वाहिका प्रेरक नियमन; स्तब्धता; हद एवं फुण्फुस परिसंचरण; रक्त मस्तिष्क रोध-मस्तिष्क तरलपक्षियों का परिसंचरण।
  • श्वसन-श्वसन क्रिया विधि गैसों का परिवहन एवं विनियम-श्वसन का तंत्रिका नियंत्रण; रसोग्राही; अल्पआक्सीयता; पक्षियों मैं श्वसन।
  • उत्सर्जन-वृक्क की संरचना एवं प्रकार्य-मूत्र निर्माण, वृकक प्रकार्य, अध्ययन विधियां-वृककीय अम्ल-क्षार संतुलन नियमन; मूत्र के शरीर क्रियात्मक घटक-वृक्‍क पात-निश्चेष्ट शीरा रकताधिक्य-चूजों में मूत्र स्रवण-स्वेदग्रंथियां एवं उनके प्रकार्य, मूत्रियदुष्क्रिया के लिए जैव रासायनिक परीक्षण।
  • अंतःस्रावी ग्रंथियां-प्रकार्यात्मक दुष्क्रिया, उनके लक्षण एवं निदान; हार्मोनों का संश्लेषण; स्रवण की क्रिया विधि एवं नियंत्रण-हार्मोनिय ग्राही-वर्गीकरण एवं प्रकार्य।
  • वृद्धि एवं पशु उत्पादन-प्रसव पूर्व एवं प्रसव पश्चात वृद्धि; परिपक्वता; वृद्धि वक्र; वृद्धि के माप; वृद्धि में प्रभावित करने वाले कारक; कंफर्मेशन; शारीरिक गठन; मांस गुणता।
  • दुग्ध उत्पादन की कार्यिकी, जनन एवं पाचन स्तन विकास के हार्मोनीय नियंत्रण की वर्तमान स्थिति, दुग्ध स्रवण एवं दुग्ध निष्कासन; नर एवं मादा जनन अंग; उनके अवयव एवं प्रकार्य; पाचन अंग एवं उनके प्रकार्य।
  • पर्यावरणीय कार्यिकी-शरीर क्रियात्मक संबंध एवं उनका नियमन; अनुकूलन की क्रियाविधि; पशु व्यवहार में शामिल पर्यावरणीय कारक एवं नियामक क्रियाविधियां; जलवायु विज्ञान-विभिन्‍न प्राचल एवं उनका महत्व, पशु पारिस्थितिकी; व्यवहार की कार्यिकी; स्वास्थ्य एवं उत्पादन पर तनाव का प्रभाव।

पशु जनन:

  • वीर्य गुणता-संरक्षण एवं कृत्रिम वीर्यसेचन-वीर्य के घटक स्पर्मेटजोआ की रचना; स्खलित वीर्य का भौतिक एवं रासायनिक गुणधर्म; जीवे एवं पात्रे वीर्य को प्रभावित करने वाले कारक; वीर्य उत्पादन एवं गुणता को प्रभावित करने वाले कारक; संरक्षण; तनुकारकों की रचना; शुक्राणु संकेन्द्रण; तनुकृत वीर्य का परिवहन, गायों; भेड़ौं, बकरों, शूकरो एवं कुक्कुटों में गहन प्रशीतन क्रियाविधियां; स्त्रीमद की पहचान तथा बेहतर गर्भाधान हैतु वीर्यसेचन का समय, अमद अवस्था एवं पुनरावर्ती प्रजनन।

पशुधन उत्पादन एवं प्रबंध :

  • वाणिज्यिक डेरी फार्मिंग – उन्‍नत देशों के साथ भारत की डेरी फार्मिंग की तुलना, मिश्रित कृषि के अधीन एवं विशिष्ट कृषि के रूप में डेरी उद्योग, आशिक डेरी फार्मिंग, डेरी फार्म शुरू करना; पूंजी एवं भूमि आवश्यकताएं; डेरी फार्म का संगठन; डेरी फार्मिंग में अवसर; डेरी पशु की दक्षता को निर्धारित करने वाले कारक; यूथ अभिलेखन; बजटन; दुग्ध उत्पादन की ल्रागत; कीमत निर्धारण नीति; कार्मिक प्रबंध; डेरी गोपशुओं के लिए व्यावहारिक एवं किफायती राशन विकसित करना; वर्षभर हरे चारे की पूर्ति; डेरी फार्म हेतु आहार एवं चारे की आवश्यकताएं, छोटे पशुओं एवं सांडों, बछियों एवं प्रजनन पशुओं के लिए आहार प्रवृत्तियां; छोटे एवं वयस्क पशुधन आहार की नई प्रवृत्तियां, आहार अभिलेख।
  • वाणिज्यिक माँस; अंडा एवं ऊन उत्पादन-भेड़; बकरी; शूकर; खरगोश एवं कुक्कुट के लिए व्यावहारिक एवं किफायती राशन विकसित करना, चारे, हरे चारे की पूर्ति; छोटे एवं परिपक्व पशुधन के लिए आहार प्रवृत्तियां, उत्पादन बढ़ाने वाले एवं प्रबंधन की नई प्रवृत्तिया, पूँजी एवं भूमि आवश्यकताएं एवं सामाजिक-आर्थिक संकल्पना।
  • सूखा; बाढ़ एवं अन्य नैसर्गिक आपदाओं से प्राप्त पशुओं का आहार एवं उनका प्रबंध।

आनुवंशिक एवं पशु-प्रजनन :

  • पशु आनुवंशिकी का इतिहास, सूत्री विभाजन एवं अधध॑सूत्री विभाजन; मेंडल की वंशागति; मेंडल की आनुवंशिकी से विचलन, जीन की अभिव्यक्ति; सहलग्नता एवं जीन-विनियमन; लिंग निर्धारण; लिंग प्रभावित एवं लिंग सीमित लक्षण; रक्त समूह एवं बहुरूपता; गरुणसूत्र विपथन; कोशिकादव्य वंशागति, जीन एवं इसकी संरचना आनुवंशिक पदार्थ के रूप में DNA आनुवंशिक कूट एवं प्रोटीन संश्‌लेषण पुनर्योगन; DNA प्रौद्योगिकी, उत्परिवर्तन; उत्परिवर्तन के प्रकार; उत्परिवर्तन एवं उत्परिवर्तन दर को पहचानने की विधियां; पारजनन।
  • पशु प्रजनन पर अनुप्रयुक्त समष्टि आनुवंशिकी, मात्रात्मक और इसकी तुलना में गुणात्मक विशेषक; हार्डी वीनवर्ग नियम; समष्टि और इसकी तुलना मैं व्यष्टि; जीन एवं जीन प्रारूप बारंबारता; जीन बारंबारता को परिवर्तित करने वाले बल; याहृच्छिक अपसरण एवं लघु समष्टियां; पथ गुणांक का सिद्धांत, अंत: प्रजनन गुणांक, आकलन की विधियां, अंत: प्रजनन प्रणात्रियां; प्रभावा समष्टि आकार; विभिन्‍नता संवितरण; जीन प्रारूप पर्यावरण सहसंबंध एवं जीन प्रारूप “5 पर्यावरण अंतः क्रिया बहुमापों की भूमिका, संबंधियों के बीच समरूपता।
  • प्रजनन तंत्र-पशुधन एवं कुक्कुटों की नस्‍्लें; वंशागतित्व; पुनरावर्तनीयता एवं आनुवंशिक एवं समलक्षणीय सहसंबंध, उनकी आकलन विधि एवं आकलन परिशुद्धि; वरण के साधन एवं उनकी संगत योग्यताएं; व्यष्टि; वंशावली; कुल एवं कुलांतर्गत वरण, संतति परीक्षण; वरण विधियां; वरण सूचकों की रचना एवं उनका उपयोग; विभिन्‍न वरण विधियों द्वारा आनुवंशिक लब्धियों का तुलनात्मक मूल्यांकन; अप्रत्यक्ष वरण सूचकों की रचना एवं उनका उपयोग; विभिन्न‍न वरण विधियों द्वारा आनुवंशिक लब्धियों का तुलनात्मक मूल्यांकन; अप्रत्यक्ष वरण एवं सह संबंधित अनुक्रिया; अंत: प्रजनन; बहि; प्रजनन; अपग्रेडिंग संस्करण एवं प्रजनन संश्लेषण; अतः प्रजनित लाइनों का वाणिज्यिक प्रयोजनों हेतु संस्करण; सामान्य एवं विशिष्ट संयोजन योग्यता हेतु वरण; देहली लक्षणों के लिए प्रजनन; सायर इंडेक्स।

विस्तार :

  • विस्तार का आधारभूत दर्शन; उद्देश्य; संकल्पना एवं सिद्धांत; किसानों को ग्रामीण दशाओं में शिक्षित करने की विभिन्‍न विधियां, प्रौद्योगिकी पीढ़ी; इसका अंतरण एवं प्रति पुष्टि; प्रौद्योगिकी अंतरण में समस्याएं एवं कठिनाइयाँ; ग्रामीण विकास हेतु पशु पालन कार्यक्रम।

UPSC ANIMAL HUSBANDRY AND VETERINARY SCIENCE OPTIONAL PAPER-II

शरीर रचना विज्ञान, भैषज गुण विज्ञान एवं स्वास्थ्य विज्ञान :

  • ऊतक विज्ञान एवं ऊतकीय तकनीक : ऊतक प्रक्रमण एवं प्र.5. अभिरंजन की पैराफीनअंत: स्थापित तकनीक-हिमीकरण माइक्रोटोमी-सूक्ष्मदर्शिकी-दीप्त क्षेत्र सूक्ष्मीदर्शी एवंइलेक्ट्रान सूक्ष्मदर्शी, कोशिका की कोशिका विज्ञान संरचना, कोशिकांग एवं अंतर्वैशन;कोशिका विभाजन-कोशिका प्रकार-ऊतक एवं उनका वर्गीकरण-भ्रूणीय एवं व्यस्क ऊतक-अंगों का तुलनात्मक ऊतक विज्ञान- संवहनी, तंत्रिका, पाचन, श्वसन, पेशी कंकाली एवंजननमून तंत्र – अंतःस्रावीग्रथियों-अध्यावरण-संवेदी अंग।
  • भ्रूण विज्ञान – पक्षि वर्ग एवं घरेलू स्तनपायियों के विशेष संदर्भ के साथ कशेरुकियों काभ्रूण विज्ञान-युग्मक जनन-निषेचन-जनन स्तर-गर्भ झिल्ली एवं अपरान्यास-घरेलूस्तनपायियों से अपरा के प्रकार-विरुपता विज्ञान-यमल एवं यमलन-अंगविकास-जनन स्तरव्युत्पन्न-अंतश्चर्मी, मध्यचर्मी एवं बहिर्चमी व्युत्पन्न।
  • मौ-शरीरिकी-क्षेत्रीय शारीरिकी : वृषभ के पैरानासीय कोटर-लारग्रंथियो की बहिस्तलशारीरिकी; अवनेत्रकोटर, जंभिका, चिबुककूपिका, मानसिक एवं शूंगी तंत्रिका रोध कीक्षेत्रीय शारीरिकी, पराकशेरूक तंत्रिकाओं की क्षेत्रीय शारीरिकी गुहय तंत्रिका, मध्यमतंत्रिका, अंत: प्रकोष्ठिका तंत्रिका एवं बहि: प्रकोष्ठिका तंत्रिका-अंतजीविका, बहिजीविकाएवं अंगुलि तंत्रिकाएं-कपाल तंत्रिकाएं-अधिदृढ़तानिका संज्ञाहरण में शामिल संरचनाएं-उपरिस्थ लसीका पर्व-वक्षीय, उदरीय तथा श्रोणीय गुहिका के अंतरांगों की बहिस्तरशारीरिकी-गतितंत्र की तुलनात्मक विशेषताएं एवं स्तनपायी शरीर की जैव यांत्रिकी मेँ उनका अनुप्रयोग।
  • कुक्कुट शारीरिकी-पेशी-कंकाली तंत्र-श्वसन एवं उड़ने के संबंध में प्रकायौत्मक शारीरिकी,पाचन एवं        अंडोत्पादन।
  • भेषज गुण विज्ञान एवं भेषज बलगतिकी के कोशकीय स्तर तरलों पर कार्यकारी औषर्ध एवं विद्युत अपघट्य संतुलन। स्वसंचालित तंत्रिका तंत्र पर कार्यकारी औषध। संज्ञाहरणकी आधुनिक संकल्पनाएं एवं वियोजी संज्ञाहरण, ऑटाकॉइड, प्रतिरोगाणु एवं रोगाणुसंक्रमण में रसायन चिकित्सा के सिद्धांत, चिकित्साशास्त्र मैं हा्मोनों का उपयोग-परजीवीसंक्रमणों में रसायन चिकित्सा, पशुओं के खादय ऊतकों में औषध एवं आर्थिक सरोकार-अर्बुद रोगों में रसायन चिकित्सा, कीटनाशकों, पौधो, धातुओं, अधातुओं, जंतुविषों एवंकवकविषों के कारण विषालुता।
  • जल, वायु एवं वासस्थान के संबंध के साथ पशु स्वास्थ्य विज्ञान-जल, वायु एवं मृदा प्रदूषण का आकलन-पशु स्वास्थ्य में जलवायु का महत्व-पशु कार्य एवं निष्पादन में पर्यावरण का प्रभाव-पशु कृषि एवं औदयोगीकरण के बीच संबंध विशेष श्रेणी के घरेलु पशओं, यथा, सगर्भा गौ एवं शूकरी, दुधारु गाय, ब्रायलर पक्षी के लिए आवास आवश्यकताएं-पशु वासस्थान के संबंध में तनाव, श्रांति एवं उत्पादकता।

पशु रोग

  • गोपशु, भेड़ तथा अजा, घोड़ा, शूकर तथा कुक्कुट के संक्रामक रोगों का रोगकरण,जानपादित रोग विज्ञान, रौगजनन, लक्षण, मरणोत्तर विक्षति, निदान एवं नियंत्रण।
  • गोपशु, घोड़ा, शूकर एवं कुक्कुट के उत्पादन रोगों का रोककारण, जानपादित रोग विज्ञान,लक्षण, निदान, उपचार।
  • घरेलु पशुओं और पक्षियों के हीनता रोग।
  • अंतर्घट्टन, अफरा, प्रवाहिका, अजीर्ण, निर्जलीकरण, आघात, विषाक्तता जैसी अविशिष्ट दशाओं का निदान एवं उपचार
  • तंत्रिका वैज्ञानिक विकारों का निदान एवं उपचार।
  • पशुओं के विशिष्ट रोगों के प्रति प्रतिरक्षीकरण के सिद्धांत एवं विधियां-यूथ प्रतिरक्षा-रोगमुकत क्षेत्र शून्य रोग संकल्पना-रसायन रोग निरोध
  • संज्ञाहरण-स्थानिक, क्षेत्रीय एवं सार्वदेहिक- संज्ञाहरण पूर्व औषध प्रदान, अस्थिभंग एवं संधिच्युति में लक्षण एवं शल्य व्यतिकरण, हरनिया, अवरोध, चतुर्थ अमाशायी विस्थापन-सिजेरियन शस्त्र कर्म, रोमंथिका-छेदन-जनदनाशन।
  • रोग जांच तकनीक-प्रयोगशाला जांच हेतु सामग्री-पशु स्वास्थ्य केन्द्रों की स्थापना -रोगमुकत क्षेत्र।

सार्वजनिक पशु स्वास्थ्य :

  • पशुजन्य रोग-वर्गीकरण, परिभाषा, पशुजन्य रोगों की व्यापकता एवं प्रसार मैं पशुओं एवं पक्षियों की भूमिका – पेशागत पशुजन्य रोग।
  • जानपदिक रोग विज्ञान – सिद्धांत, जानपदिक रोग विज्ञान संबधी पदावली की परिभाषा,रोग तथा उनकी रोकथाम के अध्ययन में जानपदिक रोग विज्ञानी उपायों का अनुप्रयोग,वायु, जल तथा खादय जनित संक्रमणों के जानपदिक रोग विज्ञानीय लक्षण, OIE  विनियम, WTO स्वच्छता एवं पादप-स्वच्छता उपाय।
  • पशु चिकित्सा विधिशास्त्र-पशु गुणवत्ता सुधार तथा पशु रोग निवारण के लिए नियम एवं विनियम-पशुजनित एवं पशु उत्पादन जनित रोगों के निवारण हेतु राज्य एवं केन्द्र के नियम,SPCA पशु चिकित्सा-विधिक जांच हैतु नमूनों के संग्रहण की सामग्रियां एवं विधियां।

दुग्ध एवं दुग्धोत्पाद प्रौद्योगिकी :

  • बाजार का दूध: कच्चे दूध की गुणता, परीक्षण एवं कोटि निर्धारण, प्रसंस्करण, परिवेष्टन, भंडारण, वितरण, विपणन, दोष एवं उनकी रोकथाम, निम्नलिखित प्रकार के दूध को बनाना; पाश्चुरीकृत, मानकित, टोन्ड, डबल टोन्‍्ड, निर्जीवाणुकृत, सामांगीकृत, सामांगीकृत, पुननिर्मित पुनर्सयोजित एवं सुवासित दूध, संवर्धित दूध तैयार करना,संवर्धन तथा उनका प्रबंध, योगर्ट, दही, लस्सी एवं श्रीखंड, सुवासित एवं निर्जीवाणुकृत दूध तैयार करना, विधिक मानक, स्वच्छ एवं सुरक्षित दूध तथा दुग्ध संयंत्र उपस्कर हेतु स्वच्छता आवश्यकताएं।
  • दुग्ध उत्पाद प्रौद्योगिकी : कच्ची सामग्री का चयन, क्रीम, मक्खन, घी, खोया, छेना,चीज, संघनित, वाष्पित, शुष्कित दूध एवं शिशु आहार, आइसक्रीम तथा कुल्फी जैसे दुग्ध उत्पादों का प्रसंस्करण, भंडारण, वितरण एवं विपणन; उपोत्पाद, छेने के पानी के उत्पाद,छाछ (बटर मिल्क), लैक्टोज एवं केसीन, दूध उत्पादों का परीक्षण, कोटि-निर्धारण, उन्हें परखना, BIS एवं एगमार्क विनिर्देशन, विधिक मानक, गुणता नियंत्रण एवं पोषक गुण,संवेष्टन प्रसंस्करण एवं संक्रियात्मक नियंत्रण, डेरी उत्पादों का लागत निर्धारण।

माँस स्वास्थ्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी :

माँस स्वास्थ्य विज्ञान

  • खादय पशुओं की मृत्यु पूर्व देखभाल एवं प्रबंध, विसंज्ञा, वध एवं प्रसाधन संक्रिया; वधशाला आवश्यकताएं एवं अभिकल्प; मांस निरीक्षण प्रक्रियाएं एवं पशु शव मांस खंडों को परखना-पशु शव मांस खंडों का कोटि निर्धारण-पुष्टिकर मांस उत्पादन में पशु चिकित्सकों के कर्तव्य और कार्य।
  • माँस उत्पादन संभालने की स्वास्थ्य कर विधियां-माँस का बिगड़ना एवं इसकी रोकथाम के उपाय-वधोपरांत माँस में भौतिक-रासायनिक परिवर्तन एवं इन्हें प्रभावित करने वाले कारक-गुणता सुधार विधियां-माँस व्यापार एवं उद्योग में नियामक उपबंध।

माँस प्रौद्योगिकी :

  • माँस के भौतिक एवं रासायनिक लक्षण-मांस इमल्शन-मांस परीक्षण की विधियां-मांस एवं मांस उत्पादन का संसाधन, डिब्बाबंदी, किरणन, संवेष्टन, प्रसंस्करण एवं संयोजन।
  • उपोत्पाद-वधशाला उपोत्पाद एवं उनके उपयोग-खाद्य एवं अखादूय उपोत्पाद-वधशाला उपोत्पाद के समुचित उपयोग सामाजिक एवं आर्थिक निहितार्थ: खाद्य एवं भेषजिक उपयोग हेतु अंग उत्पाद।
  • कुक्कुट उत्पाद प्रौद्योगिकी-कुक्कुट मांस के रासायनिक संघटन एवं पोषक मान-वध की देखभाल तथा प्रबंध, वध की तकनीकें, कुक्कुट मांस एवं उत्पादों का निरीक्षण, परीक्षण, विधिक एवं छा$ मानक, अंडों की संरचना, संघटन एवं पोषक मान, सूक्ष्मजीवी विकृति,परीक्षण एवं अनुरक्षण, कुक्कुट मांस, अंडों एवं उत्पादों का विपणन, मूल्यवर्धित मांस उत्पाद।
  • खरगोश/फर वाले पशुओं की फार्मिंग-खरगोश मांस उत्पादन, फर एवं ऊन का निपटानएवं उपयोग तथा अपशिष्ट उपोत्पादो का पुनश्चक्रण, ऊन का कोटिनिर्धारण।

IAS | UPSC Previous Year Question Paper 

किसी भी Government Job Exam को Crack करने के लिए उस Exam का Exam Pattern और Exam Syllabus दोनों ही जानना जरूरी है IAS | UPSC Animal Husbandry And Veterinary Science Previous Year Question Paper नीचे दिए गए हैं : 

UPSC Animal Husbandry And Veterinary Science Optional Paper-1 Download

UPSC Animal Husbandry And Veterinary Science Optional Paper-2 Download

UPSC Animal Husbandry And Veterinary Science Optional Paper Syllabus in pdf

आशा करते हैं इस Blog में दी गई जानकारी आपको UPSC Civil Services Exam को Crack करने में आपके लिए सहायक सिद्ध हो ।

UPSC Physics Syllabus in Hindi

दोस्तों TOP SARKARI RESULT पर आपका स्वागत है, UPSC Syllabus में UPSC Physics Syllabus in Hindi Optional Paper Syllabus के बारे में बताने से पहले हम आपको कुछ Important Information देना चाहते है।

जैसा की आप जानते है UPSC Exam (Union Public Service Commission Exam) या UPSC Civil Services Exam में आपको तीन चरणों से होकर गुजरना होता है : (1) UPSC Prelims (2) UPSC Main (3) UPSC Interview.

Eligibility for UPSC Exam qualify करने के बाद UPSC Prelims Exam / IAS Prelims या Civil Services Preliminary Examination एक Objective Type Exam जिसमे Minimum Qualifying Marks Obtain करने होते है और उसके आधार पर Final Merit List बनती है।

UPSC Main Exam में हमने Total 9 Paper देने होते है जिसमे UPSC Physics Optional Paper है UPSC Main Exam में यह Paper-6 और Paper-7 होता है प्रत्येक Paper 250 Marks का होता है यानि (250 + 250 = 500 Marks).

UPSC Exam Syllabus में Total 25 Optional Subject होते है, जिसमे से हमे 1 Subject अपनी इच्छा से चुनना होता है और उस Subject के आधार पर हमे Paper-6 और Paper-7 देना होता है :

UPSC Optional Subject Syllabus | IAS Optional Subject Syllabus in Hindi

UPSC Exam Syllabus के 25 Optional Subject की सूची इस प्रकार है:

  1. UPSC Agriculture Optional Paper
  2. UPSC Animal Husbandry and Veterinary Science Optional Paper
  3. UPSC Anthropology Optional Paper 
  4. UPSC Botany Optional Paper 
  5. UPSC Chemistry Optional Paper 
  6. UPSC Civil Engineering Optional Paper 
  7. UPSC Commerce & Accountancy Optional Paper 
  8. UPSC Economics Optional Paper 
  9. UPSC Electrical Engineering Optional Paper 
  10. UPSC Geography Optional Paper 
  11. UPSC Geology Optional Paper 
  12. UPSC History Optional Paper 
  13. UPSC Law Optional Paper 
  14. UPSC Management Optional Paper 
  15. UPSC Mathematics Optional Paper 
  16. UPSC Mechanical Engineering Optional Paper
  17. UPSC Medical Science Optional Paper 
  18. UPSC Philosophy Optional Paper 
  19. UPSC Physics Optional Paper 
  20. UPSC Political Science & International Relations Optional Paper 
  21. UPSC Psychology Optional Paper 
  22. UPSC Public Administration Optional Paper 
  23. UPSC Sociology Optional Paper 
  24. UPSC Statistics Optional Paper 
  25. UPSC Zoology Optional Paper 

UPSC Physics Exam Syllabus In Hindi – Optional Subject Paper-I

(क) कण यांत्रिकी

  • गतिनियम, उर्जा एवं संवेग का संरक्षण, घूर्णी फ्रेम पर अनुप्रयोग, अपकेंद्री एवं कोरियालिस त्वरण।
  • केंद्रीय बल के अंतर्गत गति।
  • कोणीय संवेग का संरक्षण, केप्लर नियम।
  • क्षेत्र एवं विभव; गोलीय पिंडों के कारण मुरूत्व क्षेत्र एवं विभव।
  • गौस एवं प्वासों समीकरण, गुरूत्व स्वऊर्जा; द्‌विपिंड समस्या; समानीत द्रव्यमान; रदरफोर्ड प्रकीर्णन।
  • द्रव्यमान केंद्र एवं प्रयोगशाला संदर्भ फ्रेम।

(ख) दृढ़ पिंडों की यांत्रिकी

  • कणनिकाय।
  • द्रव्यमान केंद्र, कोणीय संवेग, गति समीकरण; ऊर्जा संवेग एवं कोणीय संवेग के संरक्षण प्रमेय।
  • प्रत्यास्थ एवं अप्रत्यास्थ संघटन; दृढ़ पिंड।
  • स्वातंत्रय कोटियां, आयलर प्रमेय कोणीय वेग, कोणीय संवेग, जड़त्व आघूर्ण, समांतर एवं अभिलंब अक्षों के प्रमेय घूर्णन हेतु गति का समीकरण।
  • आण्विक घूर्णन (इृढ़ पिंडों के रूप में)।
  • दवि एवं ब्रि-परमाण्विक अनु, पुरस्सरण गति,  भ्रमि घूर्णाक्षस्थापी।

(ग) संतत माध्यमों की यांत्रिकी

  • प्रत्यास्थता, हुक का नियम एवं समदैशिक ठोसों के प्रत्यास्थतांक तथा उनके अंतर्संबंध।
  • प्रवाहरेखा (स्तरीय) प्रवाह, श्यानता, प्वाजय समीकरण, बरनूली समीकरण, स्टोक नियम एवं उसके अनुप्रयोग।

(घ) विशिष्टआपेक्षिता

  • माइकल्सन-मोर्ले प्रयोग एवं इसकी विवक्षाएं।
  • लॉरैंज रूपांतरण-दैर्ध्य-संकुचन, कालवृद्धि, आपेक्षिकीय वेगों का योग, विपथन तथा डॉप्लर प्रभाव, द्रव्यमान-ऊर्जा संबंध, क्षय प्रक्रिया से सरल अनुप्रयोग।
  • चतुर्विमीय संवेग सदिश; भौतिकी के समीकरणों से सहप्रसरण।

तरंग एवं प्रकाशिकी

(क) तरंग

  • सरल आवर्त गति, अवमंदित दोलन, प्रणोदित दोलन तथा अनुनाद।
  • विस्पंद; तंतु मेँ स्थिर तरंगे; स्पंदन तथा तरंग संचायिकाएं; प्रावस्था तथा समूह वेग।
  • हाईजन के सिद्धांत से परावर्तन तथा अपवर्तन।

(ख) ज्यामितीय प्रकाशिकी

  • फरमैट के सिद्धांत से परावर्तन तथा अपवर्तन के नियम, उपाक्षीय प्रकाशिकी में आव्यूह पद्धति-पतले लैंस के सूत्र, निस्पंद तल, दो पतले लेंसों की प्रणाली, वर्ण तथा गोलीय विपंथन।

(ग) व्यतिकरण

  • प्रकाश का व्यतिकरण-ौयंत्र का प्रयोग, न्‍्यूटन वलय, तनु फिल्मों द्वारा व्यतिकरण, माइकल्सन  व्यतिकरणमापी।
  • विविध किरणपुंज. व्यतिकरण एवं फैब्रीपेरटव्यतिकरणमापी।

(घ) विवर्तन

  • फ्रानहोफर विवर्तन-एकल रेखाछिद्र, दविरेखाछिद्र, विवर्तन ग्रेटिंग, विभेदन क्षमता।
  • वित्तीय दवारक द्वारा विवर्तन तथा वायवीय पैटर्न; फ्रेसनेल विवर्तन।
  • अर्दध आवर्तन जोन एवं जोन प्लेट, वृत्तीय द्वारक।

(ड.) धुवीकरण एवं आधुनिक प्रकाशिकी

  • रेखीय तथा वृत्तीय श्रुवित प्रकाश का उत्पादन तथा अभिज्ञान।
  • दविअपवर्तन, चतुर्थाश तरंग प्लेट; प्रकाशीय सक्रियता।
  • रेशा प्रकाशिकों के सिद्धांत, क्षीणन।
  • स्टेप इंडेक्स तथा परवल्यिक इंडेक्स तंतुओं में स्पंद परिक्षेपण।
  • पदार्थ परिक्षेपण, एकल रूप रेशा।
  • लेसर आइनस्टाइन A तथा B गुणांक, रूबी एवं हीलियम नियॉन लेसर।
  • लेसर प्रकाश की विशेषताएं – स्थानिक तथा कालिक संबदधता।
  • लेसर किरण पुंजो का फोकसन; लेसर क्रिया के लिए त्रि-स्तरीय योजना होलीग्राफी एवं सरल अनुप्रयोग।

विद्युत एवं चुंबकत्व

(क) विद्युत एवं चुंबकत्व

  • स्थिर वैदयुत में लाप्लास एवं प्वासों समीकरण एवं उनके अनुप्रयोग
  • आवेश निकाय की उर्जा, आदेश विभव का बहुध्रुव प्रसार।
  • प्रतिबिम्ब विधि एवं उसका अनुप्रयोग।
  • द्विश्वुव के कारण विभव एवं क्षेत्र, बाह्य क्षेत्र मैं दविध्रुव पर बल एवं बल आधूर्ण, परावैदयुत ध्रुवण।
  • परिसीमा-मान समस्या का हल-एकसमान वैदयुत क्षेत्र मे चालन एवं परवैद्युत गोलक।
  • चुंबकीय कोश, एकसमान चुंबकित गोलक, लोह चुंबकीय पदार्थ, शैथिल्य, ऊर्जाह्रास ।

(ख) धारा विद्युत

  • किरचॉफ नियम एवं उनके अनुप्रयोग।
  • बायोसवार्ट नियम, ऐम्पियर नियम, फराड़े रिनयम, लेंज नियम, स्व एवं अन्योन्य प्रेरकत्व।
  • प्रत्यावर्ती धारा (AC) परिपथ में माध्य एवं वर्गमाध्य मूल (rms) मान, RL, एवं  घटक वाले DC एवं AC – परिपथ।
  • श्रेणीबद्ध एवं समांतर अनुनाद; गुणता कारक; परिणामित्र के सिदधांत।

(ग) विद्युत चुंबकीय तरंगे एवं कृष्णिका विकिरण

  • विस्थापन धारा एवं मैक्सवेल के समीकरण।
  • निर्वात में तरंग समीकरण, प्वाइंटिंग प्रमेय; सदिश एवं अदिश विभव।
  • विद्युत चुंबकीय क्षेत्र प्रदिश, मैक्सवेल समीकरणों का सहप्रसरण।
  • समदैशिक परावैद्युत मेँ तरंग समीकरण, दो परावैदयुतों की परिसीमा पर परावर्तन तथा अपवर्तन।
  • फ्रेसनल संबंध; पूर्ण आतंरिक परावर्तन; प्रसामान्‍्य एवं असंगत वर्ण विक्षैपण, रेले प्रकीर्णन।
  • कृष्णिका विकिरण एवं प्लैंक विकिरण नियम, स्टीफन बोल्ट्जमैन नियम, वियेन विस्थापन नियम एवं रेले-जीन्स नियम।

तापीय एवं सांख्यिकी भौतिकी

(क) ऊष्मागतिकी

  • ऊष्मागतिकी का नियम, उत्क्रम्य तथा अफ्रतिक्रम्य प्रक्रम, एन्ट्रॉपी, समतापी, रूदधोष्म, समदाब, समआयतन प्रक्रम एवं एन्ट्रॉपी परिवर्तन।
  • ओटो एवं डीजल इंजिन, गिब्स प्रावस्था नियम एवं रासायनिक विभव, वास्तविक गैस अवस्था के लिए वांडरवाल समीकरण, क्रांतिक स्थिरांक, आण्विक वेग का मैक्सवेल बोल्टजमान वितरण, परिवहन परिघटना, समविभाजन एवं वीरियल प्रमेय।
  • ठोसों की विशिष्ट ऊष्मा के डयूलां-पेती, आइंस्टाइन, एवं डेबी सिद्धांत; मैक्सवेल संबंध एवं अनुप्रयोग।
  • क्लासियस क्लेपरॉन समीकरण, रूद्धोष्म विचुंबकन, जूल केल्विन प्रभाव एवं गैसों का द्रवण।

(ख) सांख्यिकीय भौतिकी

  • स्थूल एवं सूक्ष्म अवस्थाएं, सांख्यिकीय बंटन, मैक्सवेल-बोल्ट्जमान, बोसआइंस्टाइन एवं फर्मी-दिराक बंटन, गैसों की विशिष्ट ऊष्मा एवं कृष्णिका विकिरण में अनुप्रयोग नकारात्मक ताप की संकल्पना।

UPSC Physics Exam Syllabus In Hindi – Optional Subject Paper-II

क्वांटम यांत्रिकी

  • कण तरंग दवैतता; श्रीडिंगग समीकरण एवं प्रत्याशामान।
  • अनिश्चितता सिद्धांत, मुक्तकण, बॉक्स में कण, परिमित कूप में कण के लिए एक विमीय श्रीडिंगग समीकरण का हल (गाउसीय तरंग-वेस्टन), रैखिक आवर्ती लोलक।
  • पग-विभव द्वारा एवं आयताकार रोधिका दवारा परावर्तन एवं संचरण।
  • त्रिविमीय बॉक्स में कण, अवस्थाओं का घनत्व, धातुओं का मुक्त इलेक्ट्रान सिद्धांत, कोणीय संवेग, हाइड्रोजन परमाणु।
  • अर्दधप्रचकरण कण, पाउली प्रचक्रण आव्यूहो के गुणधर्म।

परमाण्विक एवं आण्विक भौतिकी

  • स्टर्न- गर्लैंक प्रयोग, इलेक्ट्रान प्रचक्रण, हाइड्रोजन परमाणु की सूक्ष्म संरचना।
  • युग्मन,L-S, J-J युग्मन, परमाणु अवस्था का स्पेक्ट्रमी संकेतन, जीमान प्रभाव, फ्रैंक कंडोन सिद्धांत एवं अनुप्रयोग।
  • द्विपरमाणुक अणु के घूर्णनी, कांपनिक एवं इलेक्ट्रानिक स्पेक्ट्रमों का प्राथमिक सिद्धांत, रमन प्रभाव एवं आण्विक संरचना।
  • लेसर रमन स्पेक्ट्रमिकी, खगोलिकी मैं उदासीन हाइड्रोजन परमाणु, आण्विक हाइड्रोजन एवं आण्विक हाइड्रोजन ऑयन का महत्व।
  • प्रतिदिष्ति एवं स्फुरदीप्ति ‘NMR एवं EPR का प्राथमिक सिद्धांत एवं अनुप्रयोग, लैम्बसृति की प्राथमिक धारणा एवं इसका महत्व।

नाभिकीय एवं कण भौतिकी

  • मूलभूत नाभिकीय गुणधर्म-आकार, बंधन, ऊर्जा, कोणीय संवेग, समता, चुंबकीय आधघूर्ण।
  • अर्द्ध-आंनुभाविक द्रव्यमान सूत्र एवं अनुप्रयोग, द्रव्यमान परवलय।
  • ड्यूटेरॉन की मूल अवस्था, चुंबकीय आधघूर्ण एवं अकेंद्रीय बल।
  • नाभिकीय बलों का मेसॉन सिद्धांत, नाभिकीय बलों की प्रमुख विशेषताएं।
  • नाभिक का कोश मॉडल-सफलताएं एवं सीमाएं; बीटाहास में समता का उल्लंघन।
  • गामा हास एवं आंतरिक रूपांतरण, मासबौर स्टेक्ट्रमिकी की प्राथमिक धारणा।
  • नाभिकीय अभिक्रियाओं का ७ मान; नाभिकीय विखंडन एवं संलयन, ताराओं में ऊर्जा उत्पादन।
  • नाभिकीय रियेक्टर। मूल कणों का वर्गीकरण एवं उनकी अन्योन्यक्रियाएं।
  • संरक्षण नियम; हैड्रॉनों की क्वार्क संरचना; क्षीण वैद्युत एवं प्रबल्न अन्योन्य क्रिया का क्षेत्रक्‍क्वांटा।
  • बलों के एकीकरण की प्राथमिक धारणा; न्यूट्रिनों की भौतिकी।

ठोस अवस्था भौतिकी, यंत्र एवं इलेक्ट्रॉनिकी

  • पदार्थ की क्रिस्टलीय एवं अक्रिस्टलीय संरचना; विभिन्‍न क्रिस्टल निकाय, आकाशी समूह।
  • क्रिस्टल संरचना निर्धारण की विधियां; X-किरण विवर्तन, क्रमवीक्षण एवं संचरण इलेक्ट्रॉन-सूक्ष्मदर्शी।
  • ठोसों का पट्‌ट सिद्धांत-चालक, विद्युतरोधी एवं अर्द्धचालक।
  • ठोसों के तापीय गुणधर्म, विशिष्ट ऊष्मा, डेबी सिद्धांत।
  • चुंबकत्व; प्रति, अनु एवं लोह चुंबकत्व।
  • अतिचालकता के अवयव, माइस्रर प्रभाव, जोसेफसन संधि एवं अनुप्रयोग।
  • उच्च तापक्रम अतिचालकता की प्राथमिकता धारणा।
  • नैज एवं बाहय अर्द्धचालक।
  • p-n-p एवं n-p-n ट्रांजिस्टर, प्रवर्धक एवं दोलित्र, संक्रियात्मक प्रवर्धक, FET, JFET एवं MOSFET’ : अंकीय इलेक्ट्रॉनिकी-बूलीय तत्समक, डीमॉगर्न नियम, तर्क द्वार एवं सत्य सारणियां।
  • सरल तर्क परिषथ; ऊष्म प्रतिरोधी, सौर सेल।
  • माइक्रोप्रोसेसर एवं अंकीय कंप्यूटरों के मूल सिद्धांत।

IAS | UPSC Previous Year Question Paper 

किसी भी Government Job Exam को Crack करने के लिए उस Exam का Exam Pattern और Exam Syllabus दोनों ही जानना जरूरी है IAS | UPSC Physics Previous Year Question Paper नीचे दिए गए हैं : 

UPSC Physics Optional Paper-1 Download

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UPSC Physics Syllabus in Hindi Optional Paper pdf

UPSC Civil Services Exam Syllabus PDF

आशा करते हैं इस Blog में दी गई जानकारी आपको UPSC Civil Services Exam को Crack करने में आपके लिए सहायक सिद्ध हो ।

UPSC Geography Syllabus in Hindi

दोस्तों TOP SARKARI RESULT पर आपका स्वागत है, UPSC Syllabus में UPSC Geography Syllabus in Hindi Optional Paper Syllabus के बारे में बताने से पहले हम आपको कुछ Important Information देना चाहते है।

जैसा की आप जानते है UPSC Exam (Union Public Service Commission Exam) या UPSC Civil Services Exam में आपको तीन चरणों से होकर गुजरना होता है : (1) UPSC Prelims (2) UPSC Main (3) UPSC Interview.

Eligibility for UPSC Exam qualify करने के बाद UPSC Prelims Exam / IAS Prelims या Civil Services Preliminary Examination एक Objective Type Exam जिसमे Minimum Qualifying Marks Obtain करने होते है और उसके आधार पर Final Merit List बनती है।

UPSC Main Exam में हमने Total 9 Paper देने होते है जिसमे UPSC Geography Optional Paper है UPSC Main Exam में यह Paper-6 और Paper-7 होता है प्रत्येक Paper 250 Marks का होता है यानि (250 + 250 = 500 Marks).

UPSC Exam Syllabus में Total 25 Optional Subject होते है, जिसमे से हमे 1 Subject अपनी इच्छा से चुनना होता है और उस Subject के आधार पर हमे Paper-6 और Paper-7 देना होता है :

UPSC Optional Subject Syllabus | IAS Optional Subject Syllabus in Hindi

UPSC Exam Syllabus के 25 Optional Subject की सूची इस प्रकार है:

  1. UPSC Agriculture Optional Paper
  2. UPSC Animal Husbandry and Veterinary Science Optional Paper
  3. UPSC Anthropology Optional Paper 
  4. UPSC Botany Optional Paper 
  5. UPSC Chemistry Optional Paper 
  6. UPSC Civil Engineering Optional Paper 
  7. UPSC Commerce & Accountancy Optional Paper 
  8. UPSC Economics Optional Paper 
  9. UPSC Electrical Engineering Optional Paper 
  10. UPSC Geography Optional Paper 
  11. UPSC Geology Optional Paper 
  12. UPSC History Optional Paper 
  13. UPSC Law Optional Paper 
  14. UPSC Management Optional Paper 
  15. UPSC Mathematics Optional Paper 
  16. UPSC Mechanical Engineering Optional Paper
  17. UPSC Medical Science Optional Paper 
  18. UPSC Philosophy Optional Paper 
  19. UPSC Physics Optional Paper 
  20. UPSC Political Science & International Relations Optional Paper 
  21. UPSC Psychology Optional Paper 
  22. UPSC Public Administration Optional Paper 
  23. UPSC Sociology Optional Paper 
  24. UPSC Statistics Optional Paper 
  25. UPSC Zoology Optional Paper 

UPSC GEOGRAPHY SYLLABUS IN HINDI – OPTIONAL SUBJECT PAPER-I

PRINCIPLES OF GEOGRAPHY IN HINDI

प्राकृतिक भूगोल | Physical Geography

भूआकृतिक विज्ञान

  • भूआकृतिक विकास के नियंत्रक कारक।
  • अंतर्जात एवं बहिर्जात बल।
  • भूपर्पटी का उद्गम एवं विकास।
  • भू-चुंबकत्व के मूल सिद्धांत।
  • पृथ्वी के अंतरंग की प्राकृतिक दशाएँ; भू-अभिनति; महाद्वीपीय विस्थापन; समस्थिति; प्लेट विवर्तनिकी; पर्वतोत्पत्ति के संबंध में अभिनव विचार।
  • ज्वालामुखीयता; भूकंप एवं सुनामी, भूआकृति चक्र एवं दृश्यभूमि विकास की संकल्पनाएँ।
  • अनाच्छादन कालानुक्रम; जलमार्ग आकृतिविज्ञान; अपरदन पृष्ठ; प्रवणता विकास।
  • अनुप्रयुक्त भूआकृति विज्ञान; भूजलविज्ञान, आर्थिक भूविज्ञान एवं पर्यावरण।

जलवायु विज्ञान

  • विश्व के ताप एवं दाब कटिबंध; पृथ्वी का तापीय बजट।
  • वायुमंडल परिसंचरण; वायुमंडल स्थिरता एवं अस्थिरता।
  • भूमंडलीय एवं स्थानीय पवन; मानसून एवं जेट प्रवाह; वायु राशि एवं वाताग्रजनन।
  • कोपेन, थॉर्नवेट एवं त्रेवार्था एवं त्रेवार्था का विश्व जलवायु वर्गीकरण।
  • जलीय चक्र; विश्व जलवायु परिवर्तन एवं जलवायु परिवर्तन में मानव की भूमिका एवं अनुक्रिया।
  • अनुप्रयुक्त जलवायु विज्ञान एवं नगरी जलवायु।

समुद्र विज्ञानः

  • अटलांटिक, हिंद एवं प्रशांत महासागरों की तलीय स्थलाकृति; महासागरों का ताप एवं लवणता।
  • ऊष्मा एवं लवण बजट, महासागरीय निक्षेप; तरंग धाराएँ एवं ज्वार-भाटा; समुद्री संसाधन।
  • जीवीय, खनिज एवं ऊर्जा संसाधन; प्रवाल भित्तियाँ, प्रवाल विरंजन।
  • समुद्र तल परिवर्तन; समुद्री नियम एवं समुद्री प्रदूषण।

 जीव भूगोलः

  • मृदाओं की उत्पत्ति; मृदाओं का वर्गीकरण एवं वितरण; मृदा परिच्छेदिका; मृदा अपरदन; न्यूनीकरण एवं संरक्षण।
  • पादप एवं जंतुओं के वैश्विक वितरण को प्रभावित करने वाले कारक।
  • वन अपरोपण की समस्याएँ एवं संरक्षण के उपाय।
  • सामाजिक वानिकी; कृषि वानिकी; वन्य जीवन; प्रमुख जीन पूल केन्द्र।

 पर्यावरणीय भूगोलः

  • पारिस्थितिकी के सिद्धांत; मानव पारिस्थितिक अनुकूलन; पारिस्थितिकी एवं पर्यावरण पर मानव का प्रभाव।
  • वैश्विक एवं क्षेत्रीय पारिस्थितिकी परिवर्तन एवं असंतुलन; पारितंत्र, उनका प्रबंधन एवं संरक्षण।
  • पर्यावरणीय निम्नीकरण, प्रबंध एवं संरक्षण; जैव-विविधता एवं संपोषणीय विकास; पर्यावरणीय शिक्षा एवं विधान।

मानव भूगोल | Human Geography

मानव भूगोल में संदर्शः

  • क्षेत्रीय विभेदन; प्रादेशिक संश्लेषण; द्विभाजन एवं द्वैतवाद; पर्यावरणवाद।
  • मात्रात्मक क्रांति एवं अवस्थिति विश्लेषण।
  • उग्रसुधार, व्यावहारिक, मानवीय एवं कल्याण उपागम।
  • भाषाएँ, धर्म एवं धर्मनिरपेक्षता।
  • विश्व के सांस्कृतिक प्रदेश; मानव विकास सूचकांक।

आर्थिक भूगोलः

  • विश्व आर्थिक विकासः माप एवं समस्याएँ; विश्व संसाधन एवं उनका वितरण; ऊर्जा संकट; संवृद्धि की सीमाएँ।
  • विश्व कृषिः कृषि प्रदेशों की प्रारूपता; कृषि निवेश एवं उत्पादकता।
  • खाद्य एवं पोषण समस्याएँ; खाद्य सुरक्षा; दुर्भिक्षः कारण, प्रभाव एवं उपचार।
  • विश्व उद्योग, अवस्थानिक प्रतिरूप एवं समस्याएँ; विश्व व्यापार के प्रतिमान।

 जनसंख्या एवं बस्ती भूगोलः

  • विश्व जनसंख्या की वृद्धि और वितरण; जनसांख्यिकी गुण।
  • प्रवासन के कारण एवं परिणाम।
  • अतिरेक-अल्प एवं अनुकूलतम जनसंख्या की संकल्पनाएँ; जनसंख्या के सिद्धांत; विश्व की जनसंख्या समस्याएँ और नीतियाँ; सामाजिक कल्याण एवं जीवन गुणवत्ता।
  • सामाजिक पूंजी के रूप में जनसंख्या।
  • ग्रामीण बस्तियों के प्रकार एवं प्रतिरूप; ग्रामीण बस्तियों में पर्यावरणीय मुद्दे।
  • नगरीय बस्तियों का पदानुक्रम; नगरीय आकारिकी।
  • प्रमुख शहर एवं श्रेणी आकार प्रणाली की संकल्पना; नगरों का प्रकार्यात्मक वर्गीकरण; नगरीय प्रभाव क्षेत्र; ग्राम नगर उपांत; अनुषंगी नगर; नगरीकरण की समस्याएँ एवं समाधान; नगरों का संपोषणीय विकास।

 प्रादेशिक आयोजनः

  • प्रदेश की संकल्पना; प्रदेशों के प्रकार एवं प्रदेशीकरण की विधियाँ।
  • वृद्धि केन्द्र तथा वृद्धि ध्रुव।
  • प्रादेशिक असंतुलन; प्रादेशिक विकास कार्यनीतियाँ; प्रादेशिक आयोजन में पर्यावरणीय मुद्दे।
  • संपोषणीय विकास के लिये आयोजन।

मानव भूगोल में मॉडल, सिद्धान्त एवं नियमः

  • मानव भूगोल में तंत्र विश्लेषण।
  • माल्थस का, मार्क्स का और जनसांख्यिकीय संक्रमण मॉडल।
  • क्रिस्टा़वर एवं लॉश का केन्द्रीय स्थान सिद्धान्त।
  • पेरू एवं बूदविए।
  • वॉन थूनेन का कृषि अवस्थिति मॉडल, वेबर का औद्योगिक अवस्थिति मॉडल।
  • ओस्तोव का वृद्धि अवस्था मॉडल।
  • अंतःभूमि एवं बहिःभूमि सिद्धान्त।
  • अंतर्राष्ट्रीय सीमाएँ एवं सीमांत क्षेत्र के नियम।

UPSC HISTORY SYLLABUS – OPTIONAL SUBJECT PAPER-II

भारत का भूगोल | Geography of India

भौतिक विन्यासः

  • पड़ोसी देशों के साथ भारत का अंतरिक्ष संबंध।
  • संरचना एवं उच्चावच; अपवाह तंत्र एवं जल विभाजक।
  • भू-आकृतिक प्रदेश; भारतीय मानसून एवं वर्षा प्रतिरूप।
  • उष्णकटिबंधीय चक्रवात एवं पश्चिमी विक्षोभ की क्रियाविधि।
  • बाढ़ एवं अनावृष्टि; जलवायवीय प्रदेश।
  • प्राकृतिक वनस्पति; मृदा एवं उनका वितरण।

 संसाधनः

  • भूमि, सतह एवं भौमजल, ऊर्जा, खनिज, जीवीय एवं समुद्री संसाधन।
  • वन एवं वन्य जीवन संसाधन एवं उनका संरक्षण; ऊर्जा संकट।

कृषिः

  • अवसंरचना, सिंचाई, बीज, उर्वरक, विद्युत; संस्थागत कारकः जोत, भू-धारण एवं भूमि सुधार।
  • शस्यन प्रतिरूप, कृषि उत्पादकता, कृषि प्रकर्ष, फसल संयोजन, भूमि क्षमता।
  • कृषि एवं सामाजिक वानिकी।
  • हरित क्रान्ति एवं इसकी सामाजिक आर्थिक एवं पारिस्थितिक विवक्षा।
  • वर्षाधीन खेती का महत्त्व। पशुधन संसाधन एवं श्वेत क्रान्ति।
  • जल कृषि, रेशम कीटपालन, मधुमक्खी पालन एवं कुक्कुट पालन।
  • कृषि प्रादेशीकरण; कृषि जलवायवीय क्षेत्र; कृषि पारिस्थितिक प्रदेश।

 उद्योगः 

  • उद्योगों का विकास; कपास, जूट, वस्त्रोद्योग, लौह एवं इस्पात, एल्युमिनियम, उर्वरक, कागज, रसायन एवं फार्मास्युटिकल्स ऑटोमोबाइल।
  • कुटीर एवं कृषि आधारित उद्योगों के अवस्थिति कारक।
  • सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों सहित औद्योगिक संकुल।
  • औद्योगिक प्रादेशीकरण; नई औद्योगिक नीति।
  • बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ एवं उदारीकरण; विशेष आर्थिक क्षेत्र।
  • पारिस्थितिक-पर्यटन समेत पर्यटन।

 परिवहन, संचार एवं व्यापारः

  • सड़क, रेलमार्ग, जलमार्ग, हवाई मार्ग एवं पाइपलाइन नेटवर्क एवं प्रादेशिक विकास में उनकी पूरक भूमिका।
  • राष्ट्रीय एवं विदेशी व्यापार वाले पत्तनों का बढ़ता महत्व।
  • व्यापार संतुलन; व्यापार नीति; निर्यात प्रक्रमण क्षेत्र।
  • संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी में आया विकास और अर्थव्यवस्था तथा समाज पर उनका प्रभाव।
  • भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम।

सांस्कृतिक विन्यासः 

  • भारतीय समाज का ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य; प्रजातीय, भाषिक एवं नृजातीय विविधताएँ।
  • धार्मिक अल्पसंख्यक; प्रमुख जनजातियाँ, जनजातीय क्षेत्र तथा उनकी समस्याएँ।
  • सांस्कृतिक प्रदेश; जनसंख्या की संवृद्धि, वितरण एवं घनत्व।
  • जनसांख्यिकीय गुण; लिंग अनुपात, आयु संरचना, साक्षरता दर, कार्यबल, निर्भरता अनुपात, आयुकाल।
  • प्रवासन (अंतः प्रादेशिक, प्रदेशांतर तथा अंतर्राष्ट्रीय) एवं इससे जुड़ी समस्याएँ, जनसंख्या समस्याएँ एवं नीतियाँ।
  • स्वास्थ्य सूचक।

 बस्तीः

  • ग्रामीण बस्ती के प्रकार, प्रतिरूप तथा आकारिकी।
  • नगरीय विकास; भारतीय शहरों की आकारिकी; भारतीय शहरों का प्रकार्यात्मक वर्गीकरण।
  • सत्रनगर एवं महानगरीय प्रदेश; नगर स्वप्रसार।
  • गंदी बस्ती एवं उससे जुड़ी समस्याएँ।
  • नगर आयोजना; नगरीकरण की समस्याएँ एवं उपचार।

प्रादेशिक विकास एवं आयोजनः

  • भारत में प्रादेशिक आयोजन का अनुभव।
  • पंचवर्षीय योजनाएँ; समन्वित ग्रामीण विकास कार्यक्रम।
  • पंचायती राज़ एवं विकेंद्रीकृत आयोजन।
  • कमान क्षेत्र विकास; जल विभाजक प्रबंध।
  • पिछड़ा क्षेत्र, मरूस्थल, अनावृष्टि प्रबण, पहाड़ी, जनजातीय क्षेत्र विकास के लिये आयोजना; बहुस्तरीय योजना।
  • प्रादेशिक योजना एवं द्वीप क्षेत्रों का विकास।

राजनैतिक परिप्रेक्ष्यः

  • भारतीय संघवाद का भौगोलिक आधार।
  • राज्य पुनर्गठन; नए राज्यों का आविर्भाव; प्रादेशिक चेतना एवं अंतर्राज्यीय मुद्दे।
  • भारत की अंतर्राष्ट्रीय सीमा और संबंधित मुद्दे।
  • सीमापार आतंकवाद; वैश्विक मामलों में भारत की भूमिका।
  • दक्षिण एशिया एवं हिन्द महासागर परिमंडल की भू-राजनीति।

समकालीन मुद्देः

  • पारिस्थितिक मुद्दे।
  • पर्यावरणीय संकटः भू-स्खलन, भूकंप, सुनामी, बाढ़ एवं अनावृष्टि, महामारी; पर्यावरणीय प्रदूषण से संबंधित मुद्दे।
  • भूमि उपयोग के प्रतिरूप में बदलाव; पर्यावरणीय प्रभाव आकलन एवं प्रबंधन के सिद्धान्त।
  • जनसंख्या विस्फोट एवं खाद्य सुरक्षा।
  • पर्यावरणीय निम्नीकरण, वनोन्मूलन, मरूस्थलीकरण एवं मृदा अपरदन।
  • कृषि एवं औद्योगिक अशांति की समस्याएँ।
  • आर्थिक विकास में प्रादेशिक असमानताएँ।
  • संपोषणीय वृद्धि एवं विकास की संकल्पना।
  • पर्यावरणीय संचेतना; नदियों का सहवर्द्धन भूमंडलीकरण एवं भारतीय अर्थव्यवस्था।

IAS | UPSC Previous Year Question Paper 

किसी भी Government Job Exam को Crack करने के लिए उस Exam का Exam Pattern और Exam Syllabus दोनों ही जानना जरूरी है IAS | UPSC Geography Previous Year Question Paper नीचे दिए गए हैं : 

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आशा करते हैं इस Blog में दी गई जानकारी आपको UPSC Civil Services Exam को Crack करने में आपके लिए सहायक सिद्ध हो ।

UPSC History Syllabus in Hindi

दोस्तों TOP SARKARI RESULT पर आपका स्वागत है, UPSC Syllabus में UPSC History Syllabus in Hindi Optional Paper Syllabus के बारे में बताने से पहले हम आपको कुछ Important Information देना चाहते है।

जैसा की आप जानते है UPSC Exam (Union Public Service Commission Exam) या UPSC Civil Services Exam में आपको तीन चरणों से होकर गुजरना होता है : (1) UPSC Prelims (2) UPSC Main (3) UPSC Interview.

Eligibility for UPSC Exam qualify करने के बाद UPSC Prelims Exam / IAS Prelims या Civil Services Preliminary Examination एक Objective Type Exam जिसमे Minimum Qualifying Marks Obtain करने होते है और उसके आधार पर Final Merit List बनती है।

UPSC Main Exam में हमने Total 9 Paper देने होते है जिसमे UPSC HIstory Optional Paper है UPSC Main Exam में यह Paper-6 और Paper-7 होता है प्रत्येक Paper 250 Marks का होता है यानि (250 + 250 = 500 Marks).

UPSC Exam Syllabus में Total 25 Optional Subject होते है, जिसमे से हमे 1 Subject अपनी इच्छा से चुनना होता है और उस Subject के आधार पर हमे Paper-6 और Paper-7 देना होता है :

UPSC Optional Subject Syllabus | IAS Optional Subject Syllabus in Hindi

UPSC Exam Syllabus के 25 Optional Subject की सूची इस प्रकार है:

  1. UPSC Agriculture Optional Paper
  2. UPSC Animal Husbandry and Veterinary Science Optional Paper
  3. UPSC Anthropology Optional Paper 
  4. UPSC Botany Optional Paper 
  5. UPSC Chemistry Optional Paper 
  6. UPSC Civil Engineering Optional Paper 
  7. UPSC Commerce & Accountancy Optional Paper 
  8. UPSC Economics Optional Paper 
  9. UPSC Electrical Engineering Optional Paper 
  10. UPSC Geography Optional Paper 
  11. UPSC Geology Optional Paper 
  12. UPSC History Optional Paper 
  13. UPSC Law Optional Paper 
  14. UPSC Management Optional Paper 
  15. UPSC Mathematics Optional Paper 
  16. UPSC Mechanical Engineering Optional Paper
  17. UPSC Medical Science Optional Paper 
  18. UPSC Philosophy Optional Paper 
  19. UPSC Physics Optional Paper 
  20. UPSC Political Science & International Relations Optional Paper 
  21. UPSC Psychology Optional Paper 
  22. UPSC Public Administration Optional Paper 
  23. UPSC Sociology Optional Paper 
  24. UPSC Statistics Optional Paper 
  25. UPSC Zoology Optional Paper 

UPSC HISTORY SYLLABUS – OPTIONAL SUBJECT PAPER-I

स्रोतः

  • पुरातात्विक स्रोतः अन्वेषण, उत्खनन, पुरालेखविद्या, मुद्राशास्त्र, स्मारक, साहित्य स्रोत।
  • स्वदेशीः प्राथमिक व द्वितीयक; कविता, विज्ञान साहित्य, साहित्य, क्षेत्रीय भाषाओं का साहित्य, धार्मिक साहित्य।
  • विदेशी वर्णन : यूनानी, चीनी एवं अरब लेखक

प्रागैतिहास एवं आद्य इतिहास

  • भौगोलिक कारक, शिकार एवं संग्रहण (पुरापाषाण एवं मध्यपाषाण युग)
  • कृषि का आरंभ (नवपाषाण एवं ताम्रपाषाण युग)।

सिंधु घाटी सभ्यताः

  • उद्गम, काल, विस्तार, विशेषताएँ, पतन, अस्तित्व एवं महत्त्व, कला एवं स्थापत्य।

महापाषाणयुगीन संस्कृतियाँ

  • सिंधु से बाहर पशुचारण एवं कृषि संस्कृतियों का विस्तार।
  • सामुदायिक जीवन का विकास, बस्तियाँ, कृषि का विकास, शिल्पकर्म, मृदभांड एवं लौह उद्योग।

आर्य एवं वैदिक कालः

  • भारत में आर्यों का प्रसार।
  • वैदिक कालः धार्मिक एवं दार्शनिक साहित्य।
  • ऋग्वैदिक काल से उत्तर वैदिक काल तक हुए रूपांतरण।
  • राजनैतिक, सामाजिक एवं आर्थिक जीवन।
  • वैदिक युग का महत्त्व।
  • राजतंत्र एवं वर्ण व्यवस्था का क्रम विकास।

महाजनपद कालः

  • महाजनपदों का निर्माण।
  • गणतंत्रीय एवं राजतंत्रीय।
  • नगर केंद्रों का उद्भव।
  • व्यापार मार्ग, आर्थिक विकास।
  • टंकण (सिक्का ढलाई)।
  • जैन धर्म एवं बौद्ध धर्म का प्रसार।
  • मगधों एवं नंदों का उद्भव।
  • ईरानी एवं मकदूनियाई आक्रमण एवं उनके प्रभाव।

मौर्य साम्राज्यः

  • मौर्य साम्राज्य की नींव, चंद्रगुप्त, कौटिल्य और अर्थशास्त्र।
  • अशोक धर्म की संकल्पना, धर्मादेश।
  • राज्य व्यवस्था; प्रशासन; अर्थ-व्यवस्था।
  • कला, स्थापत्य एवं मूर्तिशिल्प; विदेशी संपर्क।
  • धर्म, धर्म का प्रसार, साहित्य।
  • साम्राज्य का विघटन, शुंग एवं कण्व।

उत्तर मौर्य काल (भारत-यूनानी, शक, कुषाण, पश्चिमी क्षत्रप)

  • बाहरी विश्व से संपर्क, नगर-केंद्रों का विकास, अर्थव्यवस्था, टंकण।
  • धर्मों का विकास, महायान।
  • सामाजिक दशाएँ, कला, स्थापत्य, संस्कृति।
  • साहित्य एवं विज्ञान।

प्रारंभिक राज्य एवं समाज

  • पूर्वी भारत, दकन एवं दक्षिण भारत में खारवेल, सातवाहन, संगमकालीन तमिल राज्य।
  • प्रशासन, अर्थव्यवस्था, भूमि-अनुदान, टंकण, व्यापारिक श्रेणियों एवं नगर केंद्र।
  • बौद्ध केंद्र, संगम साहित्य एवं संस्कृति,
  • कला एवं स्थापत्य।

गुप्त वंश, वाकाटक एवं वर्धन वंशः

  • राज्य व्यवस्था एवं प्रशासन।
  • आर्थिक दशाएँ,
  • गुप्तकालीन टंकण।
  • भूमि अनुदान।
  • नगर केंद्रों का पतन।
  • भारतीय सामंतशाही।
  • जाति प्रथा, स्त्री की स्थिति।
  • शिक्षा एवं शैक्षिक संस्थाएँ, नालंदा।
  • विक्रमशिला एवं वल्लभी,
  • साहित्य, विज्ञान।
  • कला एवं स्थापत्य।

गुप्तकालीन क्षेत्रीय राज्य

  • कदंब वंश, पल्लव वंश, बादामी का चालुक्य वंश।
  • राज्य व्यवस्था एवं प्रशासन, व्यापारिक श्रेणियाँ, साहित्य; वैष्णव एवं शैव धर्मों का विकास।
  • तमिल भक्ति आंदोलन, शंकराचार्य; वेदांत, मंदिर संस्थाएँ एवं मंदिर स्थापत्य।
  • पाल वंश, सेन वंश, राष्ट्रकूट वंश, परमार वंश।
  • राज्य व्यवस्था एवं प्रशासन।
  • सांस्कृतिक पक्ष।
  • सिंध के अरब विजेता; अलबरूनी।
  • कल्याणी का चालुक्य वंश, चोल वंश, होयसल वंश, पांड्य वंश।
  • राज्य व्यवस्था एवं प्रशासन; स्थानीय शासन; कला एवं स्थापत्य का विकास।
  • धार्मिक संप्रदाय, मंदिर एवं मठ संस्थाएँ, अग्रहार वंश,
  • शिक्षा एवं साहित्य।
  • अर्थव्यवस्था एवं समाज।

प्रारंभिक भारतीय सांस्कृतिक इतिहास के प्रतिपाद्य

  • भाषाएँ एवं मूलग्रंथ।
  • कला एवं स्थापत्य के क्रम विकास के प्रमुख चरण।
  • प्रमुख दार्शनिक चिंतक एवं शाखाएँ।
  • विज्ञान एवं गणित के क्षेत्र में विचार।

प्रारंभिक मध्यकालीन भारत, 750-1200

  • राज्य व्यवस्था : उत्तरी भारत एवं प्रायद्वीप में प्रमुख राजनैतिक घटनाक्रम, राजपूतों का उद्गम एवं उदय।
  • चोल वंश : ग्रामीण अर्थव्यवस्था एवं समाज।
  • भारतीय सामंतशाही।
  • कृषि अर्थव्यवस्था एवं नगरीय बस्तियाँ।
  • व्यापार एवं वाणिज्य।
  • समाज : ब्राह्मण की स्थिति एवं नई सामाजिक व्यवस्था।
  • स्त्री की स्थिति।
  • भारतीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी।

भारत की सांस्कृतिक पंरपरा, 750-1200

  • दर्शनः शंकराचार्य एवं वेदांत, रामानुज एवं विशिष्टाद्वैत, मध्व एवं ब्रह्म-मीमांसा।
  • धर्म : धर्म के स्वरूप एवं विशेषताएँ, तमिल भक्ति, संप्रदाय, भक्ति का विकास, इस्लाम एवं भारत में इसका आगमन, सूफी मत।
  • साहित्य : संस्कृत साहित्य, तमिल साहित्य का विकास, नवविकासशील भाषाओं का साहित्य, कल्हण की राजतरंगिणी, अलबरूनी का इंडिया।
  • कला एवं स्थापत्य : मंदिर स्थापत्य, मूर्तिशिल्प, चित्रकला।

तेरहवीं शताब्दी

  • दिल्ली सल्तनत की स्थापना : गोरी के आक्रमण-गोरी की सफलता के पीछे कारक।
  • आर्थिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक परिणाम।
  • दिल्ली सल्तनत की स्थापना एवं प्रारंभिक तुर्क सुल्तान।
  • सुदृढ़ीकरण : इल्तुतमिश और बलबन का शासन।

चौदहवीं शताब्दी

  • खिलजी क्रांति-अलाउद्दीन खिलजी।
  • विजय एवं क्षेत्र-प्रसार, कृषि एवं आर्थिक उपाय।
  • मुहम्मद तुगलक : प्रमुख प्रकल्प (Project), कृषि उपाय, मुहम्मद तुगलक की अफसरशाही।
  • फिरोज तुगलक : कृषि उपाय, सिविल इंजीनियरी एवं लोक निर्माण में उपलब्धियाँ।
  • दिल्ली सल्तनत का पतन।
  • विदेशी संपर्क एवं इब्नबतूता का वर्णन।

तेरहवीं एवं चौदहवीं शताब्दी का समाज, संस्कृति एवं अर्थव्यवस्था

  • समाज, ग्रामीण समाज की रचना, शासी वर्ग, नगर निवासी, स्त्री, धार्मिक वर्ग।
  • सल्तनत के अंतर्गत जाति एवं दास प्रथा।
  • भक्ति आन्दोलन, सूफी आन्दोलन।
  • संस्कृति : फारसी साहित्य, उत्तर भारत की क्षेत्रीय भाषाओं का साहित्य, दक्षिण भारत की भाषाओं का साहित्य।
  • सल्तनत स्थापत्य एवं नए स्थापत्य रूप, चित्रकला, सम्मिश्र संस्कृति का विकास।
  • अर्थव्यवस्था : कृषि उत्पादन, नगरीय अर्थव्यवस्था एवं कृषित्तर उत्पादन का उद्भव, व्यापार एवं वाणिज्य।

पंद्रहवीं एवं प्रारंभिक सोलहवीं शताब्दी-राजनैतिक घटनाक्रम एवं अर्थव्यवस्था

  • प्रांतीय राजवंशों का उदयः बंगाल, कश्मीर (जैनुल आबदीन), गुजरात, मालवा, बहमनी।
  • विजयनगर साम्राज्य।
  • लोदी वंश।
  • मुगल साम्राज्य, पहला चरण : बाबर एवं हुमायूँ।
  • सूर साम्राज्य : शेरशाह का प्रशासन।
  • पुर्तगाली औपनिवेशिक प्रतिष्ठान। 

पंद्रहवीं एवं प्रारंभिक सोलहवीं शताब्दी : समाज एवं संस्कृति

  • क्षेत्रीय सांस्कृतिक विशिष्टताएँ।
  • साहित्यिक परंपराएँ।
  • प्रांतीय स्थापत्य।
  • विजयनगर साम्राज्य का समाज, संस्कृति, साहित्य और कला।

अकबर

  • विजय एवं साम्राज्य का सुदृढ़ीकरण।
  • जागीर एवं मनसब व्यवस्था की स्थापना।
  • राजपूत नीति।
  • धार्मिक एवं सामाजिक दृष्टिकोण का विकास।
  • सुलह-ए-कुल का सिद्धांत एवं धार्मिक नीति।
  • कला एवं प्रौद्योगिकी को राज-दरबारी संरक्षण।

सत्रहवीं शताब्दी में मुगल साम्राज्य

  • जहाँगीर, शाहजहाँ एवं औरंगजेब की प्रमुख प्रशासनिक नीतियाँ।
  • साम्राज्य एवं जमींदार।
  • जहाँगीर, शाहजहाँ एवं औरंगजेब की धार्मिक नीतियाँ।
  • मुगल राज्य का स्वरूप।
  • उत्तर सत्रहवीं शताब्दी का संकट एवं विद्रोह।
  • अहोम साम्राज्य।
  • शिवाजी एवं प्रारंभिक मराठा राज्य।

सोलहवीं एवं सत्रहवीं शताब्दी में अर्थव्यवस्था एवं समाज

  • जनसंख्या, कृषि उत्पादन, शिल्प उत्पादन।
  • नगर, डच, अंग्रेज़ी एवं फ्राँसीसी कंपनियों के माध्यम से यूरोप के साथ वाणिज्य : व्यापार क्रांति।
  • भारतीय व्यापारी वर्ग, बैंकिग, बीमा एवं ऋण प्रणालियाँ।
  • किसानों की दशा, स्त्रियों की दशा।
  • सिख समुदाय एवं खालसा पंथ का विकास।

मुगल साम्राज्यकालीन संस्कृति

  • फारसी इतिहास एवं अन्य साहित्य। 
  • हिन्दी एवं अन्य धार्मिक साहित्य।
  • मुगल स्थापत्य।
  • मुगल चित्रकला।
  • प्रांतीय स्थापत्य एवं चित्रकला। 
  • शास्रीय संगीत।
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी।

अठारहवीं शताब्दी

  • मुगल साम्राज्य के पतन के कारक। 
  • क्षेत्रीय सामंत देशः निजाम का दकन, बंगाल, अवध।
  • पेशवा के अधीन मराठा उत्कर्ष।
  • मराठा राजकोषीय एवं वित्तीय व्यवस्था।
  • अफगान शक्ति का उदय।
  • पानीपत का युद्ध-1761.
  • ब्रिटिश विजय की पूर्व संध्या में राजनीति।
  • संस्कृति एवं अर्थव्यवस्था की स्थिति।

UPSC HISTORY SYLLABUS – OPTIONAL SUBJECT PAPER-II

भारत में यूरोप का प्रवेश

  • प्रारंभिक यूरोपीय बस्तियाँ।
  • पुर्तगाली एवं डच।
  • अंग्रेज़ी एवं फ्राँसीसी ईस्ट इंडिया कंपनियाँ।
  • आधिपत्य के लिये उनके युद्ध।
  • कर्नाटक युद्ध।
  • बंगाल-अंग्रेज़ों एवं बंगाल के नवाब के बीच संघर्ष।
  • सिराज और अंग्रेज़।
  • प्लासी का युद्ध, प्लासी का महत्त्व।

भारत में ब्रिटिश प्रसार

  • बंगाल – मीर ज़ाफर एवं मीर कासिम।
  • बक्सर का युद्ध, मैसूर, मराठा।
  • तीन अंग्रेज़ – मराठा युद्ध, पंजाब।

ब्रिटिश राज की प्रारंभिक संरचना

  • प्रारंभिक प्रशासनिक संरचना।
  • द्वैधशासन से प्रत्यक्ष नियंत्रण तक।
  • रेगुलेटिंग एक्ट (1773)।
  • पिट्स इंडिया एक्ट (1784)।
  • चार्टर एक्ट (1833)।
  • मुक्त व्यापार का स्वर एवं ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन का बदलता स्वरूप।
  • अंग्रेज़ी उपयोगितावादी और भारत।

ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन का आर्थिक प्रभाव

  • ब्रिटिश भारत में भूमि – राजस्व बंदोबस्त, स्थायी बंदोबस्त, रैयतवारी बंदोबस्त, महालवारी बंदोबस्त।
  • राजस्व प्रबंध का आर्थिक प्रभाव।
  • कृषि का वाणिज्यीकरण, भूमिहीन कृषि श्रमिकों का उदय।
  • ग्रामीण समाज का परिक्षीणन।
  • पारंपरिक व्यापार एवं वाणिज्य का विस्थापन।
  • अनौद्योगीकरण, पारंपरिक शिल्प की अवनति।
  • धन का अपवाह।
  • भारत का आर्थिक रूपांतरण, टेलीग्राफ एवं डाक सेवाओं समेत रेल पथ एवं संचार जाल।
  • ग्रामीण भीतरी प्रदेश में दुर्भिक्ष एवं गरीबी।
  • यूरोपीय व्यापार उद्यम एवं इसकी सीमाएँ।

सामाजिक एवं सांस्कृतिक विकास

  • स्वदेशी शिक्षा की स्थिति, इसका विस्थापन, प्राच्यविद्-आंग्लविद् विवाद।
  • भारत में पश्चिमी शिक्षा का प्रादुर्भाव।
  • प्रेस, साहित्य एवं लोक मत का उदय।
  • आधुनिक मातृभाषा साहित्य का उदय।
  • विज्ञान की प्रगति।
  • भारत में क्रिश्चियन मिश्नरी के कार्यकलाप।

बंगाल एवं अन्य क्षेत्रों में सामाजिक एवं धार्मिक सुधार आंदोलन

  • राममोहन राय, देवेन्द्रनाथ टैगोर, ईश्वरचन्द्र विद्यासागर, दयानंद सरस्वती।
  • ब्रह्म आंदोलन, युवा बंगाल आंदोलन।
  • भारत में सती, विधवा विवाह, बाल विवाह आदि समेत सामाजिक सुधार आन्दोलन।
  • आधुनिक भारत के विकास में भारतीय पुनर्जागरण का योगदान।
  • इस्लामी पुनरूद्धार वृत्ति- फराइजी एवं वहाबी आन्दोलन।

ब्रिटिश शासन के प्रति भारत की अनुक्रिया

  • गपुर ढींग (1783), कोल विद्रोह (1832), मालाबार में मोपला विद्रोह (1841-1920), सन्थाल हुल (1855), नील विद्रोह (1859-60), दकन विप्लव (1875), एवं मुंडा उल्गुलान (1899-1900) समेत 18वीं एवं 19वीं शताब्दी में हुए किसान आंदोलन एवं जनजातीय विप्लव।
  • 1857 का महाविद्रोह-उद्गम, स्वरूप, असफलता के कारण, परिणाम।
  • पश्च 1857 काल में किसान विप्लव के स्वरूप में बदलाव।
  • 1920 और 1930 के दशकों में हुए किसान आंदोलन।

भारतीय राष्ट्रवाद के जन्म के कारक

  • संघों की राजनीति।
  • भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की बुनियाद।
  • कांग्रेस के जन्म के संबंध में सेफ्टी वाल्व का पक्ष।
  • प्रारंभिक कांग्रेस के कार्यक्रम एवं लक्ष्य।
  • प्रारंभिक कांग्रेस नेतृत्व की सामाजिक रचना।
  • नरम दल एवं गरम दल।
  • बंगाल का विभाजन (1905); बंगाल में स्वदेशी आन्दोलन।
  • स्वदेशी आन्दोलन के आर्थिक एवं राजनैतिक परिप्रेक्ष्य।
  • भारत में क्रांतिकारी उग्रपंथ का आरंभ।

गांधी का उदय

  • गांधी के राष्ट्रवाद का स्वरूप, गांधी का जनाकर्षण; रौलेट सत्याग्रह।
  • खिलाफत आंदोलन।
  • असहयोग आंदोलन समाप्त होने के बाद से सविनय अवज्ञा आन्दोलन के प्रारंभ होने तक की राष्ट्रीय राजनीति।
  • सविनय अवज्ञा आन्दोलन के दो चरण।
  • साइमन कमीशन; नेहरू रिपोर्ट; गोलमेज परिषद; राष्ट्रवाद और किसान आंदोलन।
  • राष्ट्रवाद एवं श्रमिक वर्ग आंदोलन।
  • महिला एवं भारतीय युवा तथा भारतीय राजनीति में छात्र (1885-1947)।
  • 1937 का चुनाव तथा मंत्रालयों का गठन।
  • क्रिप्स मिशन, भारत छोड़ो आन्दोलन, वैवेल योजना, कैबिनेट मिशन।

औपनिवेशिक

  • भारत में 1858 और 1935 के बीच सांविधानिक घटनाक्रम।

राष्ट्रीय आन्दोलन की अन्य कड़ियाँ

  • क्रांतिकारी – बंगाल, पंजाब, महाराष्ट्र, यू.पी., मद्रास प्रदेश, भारत से बाहर, वामपक्ष।
  • कांग्रेस के अंदर का वाम पक्ष : जवाहरलाल नेहरू, सुभाषचन्द्र बोस, कांग्रेस समाजवादी पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, अन्य वामदल।

अलगाववाद की राजनीति

  • मुस्लिम लीग, हिन्दू महासभा।
  • सांप्रदायिकता एवं विभाजन की राजनीति।
  • सत्ता का हस्तांतरण, स्वतंत्रता।

एक राष्ट्र के रूप में सुदृढ़ीकरण

  • नेहरू की विदेश नीति।
  • भारत और उसके पड़ोसी (1947-1964)
  • राज्यों का भाषावाद पुनर्गठन (1935-1947)
  • क्षेत्रीयतावाद एवं क्षेत्रीय असमानता।
  • भारतीय रियासतों का एकीकरण।
  • निर्वाचन की राजनीति में रियासतों के नरेश (प्रिंस)।
  • राष्ट्रीय भाषा का प्रश्न।

1947 के बाद जाति एवं नृजातित्त्व

  • उत्तर-औपनिवेशिक निर्वाचन- राजनीति में पिछड़ी जातियाँ एवं जनजातियाँ।
  • दलित आंदोलन।

आर्थिक विकास एवं राजनीतिक परिवर्तन

  • भूमि सुधार, योजना एवं ग्रामीण पुनर्रचना की राजनीति।
  • उत्तर औपनिवेशिक भारत में पारिस्थितिकी एवं पर्यावरण नीति।
  • विज्ञान की तरक्की।

प्रबोध एवं आधुनिक विचार

  • प्रबोध के प्रमुख विचार : कांट, रूसो।
  • उपनिवेशों में प्रबोध – प्रसार।
  • समाजवादी विचारों का उदय (मार्क्स तक), मार्क्स के समाजवाद का प्रसार।

आधुनिक राजनीति के मूल स्रोत

  • यूरोपीय राज्य प्रणाली।
  • अमेरिकी क्रांति एवं संविधान।
  • फ्राँसिसी क्रांति एवं उसके परिणाम, 1789-1815.
  • अब्राहम लिंकन के संदर्भ के साथ अमरीकी सिविल युद्ध एवं दासता का उन्मूलन।
  • ब्रिटिश गणतंत्रात्मक राजनीति, 1815-1850; संसदीय सुधार, मुक्त व्यापारी, चार्टरवादी।

औद्योगीकरण

  • अंग्रेज़ी औद्योगिक क्रांति : कारण एवं समाज पर प्रभाव।
  • अन्य देशों में औद्योगीकरणः यू.एस.ए., जर्मनी, रूस, जापान।
  • औद्योगीकरण एवं भूमंडलीकरण।

राष्ट्र राज्य प्रणाली

  • 19वीं शताब्दी में राष्ट्रवाद का उदय।
  • राष्ट्रवाद : जर्मनी और इटली में राज्य निर्माण।
  • पूरे विश्व में राष्ट्रीयता के आविर्भाव के समक्ष साम्राज्यों का विघटन।

साम्राज्यवाद एवं उपनिवेशवाद

  • दक्षिण एवं दक्षिण -पूर्व एशिया।
  • लातीनी अमरीका एवं दक्षिण अफ्रीका।
  • ऑस्ट्रेलिया।
  • साम्राज्यवाद एवं मुक्त व्यापार : नवसाम्राज्यवाद का उदय।

क्रांति एवं प्रतिक्रांति

  • 19वीं शताब्दी की यूरोपीय क्रांतियाँ।
  • 1917-1921 की रूसी क्रांति।
  • फासीवाद प्रतिक्रांति, इटली एवं जर्मनी।
  • 1949 की चीनी क्रांति।

विश्व युद्ध

  • संपूर्ण युद्ध के रूप में प्रथम एवं द्वितीय विश्व युद्ध : समाजीय निहितार्थ।
  • प्रथम विश्व युद्ध : कारण एवं परिणाम।
  • द्वितीय विश्व युद्ध : कारण एवं परिणाम।

द्वितीय विश्व युद्ध के बाद का विश्व

  • दो शक्तियों का आविर्भाव।
  • तृतीय विश्व एवं गुटनिरपेक्षता का आविर्भाव।
  • संयुक्त राष्ट्रसंघ एवं वैश्विक विवाद।

औपनिवेशिक शासन से मुक्ति

  • लातीनी अमरीका – बोलीवर।
  • अरब विश्व – मिस्र।
  • अफ्रीका – रंगभेद से गणतंत्र तक।
  • दक्षिण-पूर्व एशिया – वियतनाम।

वि-औपनिवेशीकरण एवं अल्पविकास

  • विकास के बाधक कारक : लातीनी अमरीका, अफ्रीका।

यूरोप का एकीकरण

  • युद्धोत्तर स्थापनाएँ NATO एवं यूरोपीय समुदाय (यूरोपियन कम्युनिटी)।
  • यूरोपीय समुदाय (यूरोपियन कम्युनिटी) का सुदृढ़ीकरण एवं प्रसार।
  • यूरोपीय संघ।

सोवियत यूनियन का विघटन एवं एक ध्रुवीय विश्व का उदय

  • सोवियत साम्यवाद एवं सोवियत यूनियन को निपात तक पहुँचाने वाले कारक, 1985-1991.
  • पूर्वी यूरोप में राजनीतिक परिवर्तन 1989-2001.
  • शीत युद्ध का अंत एवं अकेली महाशक्ति के रूप में US का उत्कर्ष।

IAS | UPSC Previous Year Question Paper 

किसी भी Government Job Exam को Crack करने के लिए उस Exam का Exam Pattern और Exam Syllabus दोनों ही जानना जरूरी है IAS | UPSC History Previous Year Question Paper नीचे दिए गए हैं : 

UPSC History Optional Paper-1 Download

UPSC History Optional Paper-2 Download

UPSC History Syllabus in Hindi Optional Paper pdf

UPSC Civil Services Exam Syllabus PDF

आशा करते हैं इस Blog में दी गई जानकारी आपको UPSC Civil Services Exam को Crack करने में आपके लिए सहायक सिद्ध हो ।

UPSC Agriculture Syllabus In Hindi

दोस्तों TOP SARKARI RESULT पर आपका स्वागत है। UPSC Agriculture Syllabus के बारे में बताने से पहले हम आपको कुछ Important Information देना चाहते है, अपनी Qualification पूरी करने के बाद Sarkari Naukri या Government Job करना हर Student का पहला सपना होता है। 

जैसा की आप जानते है UPSC (Union Public Service Commission) Exam या  UPSC Civil Services Exam में आपको तीन चरणों से होकर गुजरना होता है :

UPSC Prelims Exam / IAS Prelims या Civil Services Preliminary Examination एक Objective Type Exam जिसमे Minimum Qualifying Marks Obtain करने होते है और उसके आधार पर Final Merit List बनती है।  

UPSC Main Exam में हमने Total 9 Paper देने होते है जिसमे UPSC Agriculture Syllabus Optional Paper है UPSC Main Exam में यह Paper-6 और Paper-7 होता है प्रत्येक Paper 250 Marks का होता है यानि (250 + 250 = 500 Marks).

UPSC Exam Syllabus में Paper-6 और Paper-7 में Total 25 Subject होते है, जिसमे से हमे 1 Subject अपनी इच्छा से चुनना होता है और उस Subject के आधार पर हमे Paper-6 और Paper-7 देना होता है :

UPSC Optional Subject Syllabus | IAS Optional Subject Syllabus in Hindi

UPSC Exam Syllabus के 25 Optional Subject की सूची इस प्रकार है:

  1. UPSC Agriculture Optional Paper
  2. UPSC Animal Husbandry and Veterinary Science Optional Paper
  3. UPSC Anthropology Optional Paper 
  4. UPSC Botany Optional Paper 
  5. UPSC Chemistry Optional Paper 
  6. UPSC Civil Engineering Optional Paper 
  7. UPSC Commerce & Accountancy Optional Paper 
  8. UPSC Economics Optional Paper 
  9. UPSC Electrical Engineering Optional Paper 
  10. UPSC Geography Optional Paper 
  11. UPSC Geology Optional Paper 
  12. UPSC History Optional Paper 
  13. UPSC Law Optional Paper 
  14. UPSC Management Optional Paper 
  15. UPSC Mathematics Optional Paper 
  16. UPSC Mechanical Engineering Optional Paper
  17. UPSC Medical Science Optional Paper 
  18. UPSC Philosophy Optional Paper 
  19. UPSC Physics Optional Paper 
  20. UPSC Political Science & International Relations Optional Paper 
  21. UPSC Psychology Optional Paper 
  22. UPSC Public Administration Optional Paper 
  23. UPSC Sociology Optional Paper 
  24. UPSC Statistics Optional Paper 
  25. UPSC Zoology Optional Paper 

UPSC Qualifying Papers

UPSC IAS Exam में Paper-8 और Paper-9 दोनों Qualifying Paper / Language  Paper 300-300 Marks के होते है। भारतीय भाषा में Minimum Qualifying Marks 25% (75) तथा  English Language में  Minimum Qualifying Marks 25% (75) निर्धारित किए गए हैं।

UPSC Agriculture Syllabus Paper-I in Hindi | Optional Paper

पारिस्थितिकी एवं मानव के लिए उसकी प्रासंगिकता, प्राकृतिक संसाधन, उनके अनुरक्षण का प्रबंध तथा संरक्षण।

  • सस्य वितरण एवं उत्पादन के कारकों के रूप में भौतिक एवं सामाजिक पर्यावरण।
  • कृषि पारिस्थितिकी।
  • पर्यावरण के संकेतक के रूप मे सस्य क्रम। पर्यावरण प्रदूषण एवं फसलों को होने वाले इससे संबंधित खतरे।
  • पशु एवं मानव। 
  • जलवायु परिवर्तन, अंतर्राष्ट्रीय अभिसमय एवं भूमंडलीय पहल। ग्रीन हाउस प्रभाव एवं भूमंडलीय तापन। 
  • पारितंत्र विश्लेषण के प्रगत उपकरण, सुदूर संवेदन एवं भौगोलिक सूचना प्रणालियाँ।

देश के विभिन्न कृषि जलवायु क्षेत्रों में सस्य क्रम।

  • सस्य क्रम में विस्थापन पर अधिक पैदावार वाली तथा अल्पावधि किस्मों का प्रभाव। 
  • विभिन्न सस्यन एवं कृषि प्रणालियों की संकल्पनाएँ। 
  • जैव एवं परिशुद्धता कृषि।
  • महत्वपूर्ण अनाज, दलहन, रेशा, शर्करा, वाणिज्यिक एवं चारा फसलों के उत्पादन। हेतु पैकेज रीतियाँ।

विभिन्न प्रकार के वन रोपण जैसे कि सामाजिक। वानिकी, कृषि वानिकी एवं प्राकृतिक वनों की मुख्य विशेषताएँ तथा विस्तार।

  • वन पादपों का प्रसार।
  • वनोत्पाद। कृषि वानिकी एवं मूल्य परिवर्धन। 
  • वनों की वनस्पतियों और जंतुओं का संरक्षण।

खरपतवार, उनकी विशेषताएं

  • प्रकीर्णन तथा विभिन्न फसलों के साथ उनकी संबद्धता। 
  • उनका गुणन।
  • खरपतवारों का संवर्धी, जैव तथा रासायनिक नियंत्रण।

मृदा-भौतिकी, रासायनिक तथा जैविक गुणधर्म।

  • मृदा रचना के प्रक्रम तथा कारक। 
  • भारत की मृदाएँ। 
  • मृदाओं के खनिज तथा कार्बनिक संघटक तथा मृदा उत्पादकता अनुरक्षण मे उनकी भूमिका। 
  • पौधों के लिए आवश्यक पोषक तत्व तथा मृदाओं एवं पादपों के अन्य लाभकर तत्व। 
  • मृदा उर्वरता, मृदा परीक्षण एवं उर्वरक संस्तावना के सिद्धांत।
  • समाकलित पोषक तत्व। प्रबंध। जैव उर्वरक। 
  • मृदा मे नाइट्रोजन की हानि, जलमग्न धान-मृदा मे नाइट्रोजन उपयोग क्षमता। 
  • मृदा में नाइट्रोजन योगिकीकरण। 
  • फास्फोरस एवं पोटेशियम का दक्ष उपयोग। 
  • समस्या जनक, मृदाएँ तथा उनका सुधार।
  • ग्रीन हाऊस गैस उत्सर्जन को प्रभावित करने वाले मृदा कारक।
  • मृदा संरक्षण, समाकलित जल-विभाजक प्रबंधन।
  • मृदा अपरदन एवं इसका प्रबंधन।
  • वर्षाधीन कृषि और इसकी समस्याएँ।
  • वर्षा पोषित कृषि क्षेत्रों में कृषि उत्पादन में स्थिरता लाने की प्रौद्योगिकी।

सस्य उत्पादन से संबंधित जल उपयोग क्षमता

  • सिंचाई कार्यक्रम के मानदंड
  • सिंचाई जल की अपवाह हानि को कम करने की विधियाँ तथा साधन।
  • ड्रिप तथा छिड़काव द्वारा सिंचाई। 
  • जलाक्रांत मृदाओं से जलनिकास
  • सिंचाई जल की गुणवत्ता
  • मृदा तथा जल प्रदूषण पर औद्योगिक बहिस्रावों का प्रभाव। 
  • भारत मे सिंचाई परियोजनाएँ।

फार्म प्रबंधन, विस्तार, महत्व। तथा विशेषताएं, फार्म आयोजना। 

  • संसाधनों का इष्टतम उपयोग तथा बजटन।
  • विभिन्न प्रकार की कृषि प्रणालियों का अर्थशास्त्र। 
  • विपणन प्रबंधन- विकास की कार्यनीतियाँ, बाजार आसूचना। 
  • कीमत में उतार -चढ़ाव एवं उनकी लागत। 
  • कृषि अर्थव्यवस्था में सहकारी संस्थाओं की भूमिका। 
  • कृषि के प्रकार तथा प्रणालियाँ एवं और उनको प्रभावित करने वाले कारक। 
  • कृषि कीमत नीति।फसल बीमा।

कृषि- विस्तार, इसका महत्व और भूमिका

  • कृषि विस्तार कार्यक्रमों के मूल्यांकन की विधियाँ। 
  • सामाजिक आर्थिक सर्वेक्षण तथा छोटे-बड़े और सीमांत कृषकों व भूमिहीन कृषि श्रमिकों की स्थिति। 
  • विस्तार कार्यकर्ताओं के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम।
  • कृषि प्रौद्योगिकी के प्रसार में कृषि विज्ञान। केन्द्रों की भूमिका।
  • गैर-सरकारी संगठन तथा ग्रामीण। विकास के लिए स्व- सहायता उपागम।

UPSC Agriculture Syllabus Paper-II In Hindi | Optional Paper

कोशिका संरचना, प्रकार्य एवं कोशिका चक्र।

  • आनुवंशिक उपादान का संश्लेषण, संरचना तथा प्रकार्य। 
  • आनुवंशिकता के नियम। 
  • गुण्वत्ता संरचना, गुण्सूत्र, विपथन। 
  • सहलग्नता एवं जीन- विनिमय एवं पुनर्योजन प्रजनन में उनकी सार्थकता। 
  • बहुगुणिता, सुगुणित तथा असुगुणित। 
  • उत्परिवर्तन एवं सस्य सुधार में उनकी भूमिका। 
  • वंशागतित्व, बंध्यता तथा असंयोज्यता, वर्गीकरण तथ सस्य सुधार में उनका अनुप्रयोग। 
  • कोशिका द्रव्यी वंशागति, लिंग सहलग्न। 
  • लिंग प्रभावित तथा लिंग सीमित लक्षण।

पादप प्रजनन का इतिहास।

  • जनन की विधियाँ, स्वनिषेचन तथा संस्करण प्रविधियाँ। 
  • सस्य पादपों का उद्गम, विकास एवं उपजाया जाना। 
  • उद्गम केन्द्र, समजात श्रेणी का नियम, सस्य आनुवंशिक संसाधन-संरक्षण तथा उपयोग। 
  • पादप प्रजनन के सिद्धांतों का अनुप्रयोग, सस्य पादपों का सुधार। 
  • आण्विक सूचक एवं पादप सुधार में उनका अनुप्रयोग। 
  • शुद्ध वंशक्रम वरम, वंशावली, समूह तथा पुनरावर्ती वरण, संयोजी क्षमता, पादप प्रजनन में इसका महत्व।
  • संकर ओज एवं उसका उपयोग। 
  • कार्य संकरण। 
  • रोग एवं पीड़क प्रतिरोध के लिए प्रजनन।
  • अंतरजातीय तथा अंतरावंशीय संकरण की भूमिका। 
  • सस्य सुधार में आनुवंशिक इंजीनियरी एवं प्रौद्योगिकी की भूमिका। 
  • आनुवंशिकताः रूपांतरित सस्य पादप।

बीज उत्पादन एवं प्रसंस्करण प्रौद्योगिकियां। 

  • बीज प्रमाणन , बीज परीक्षण एवं भंडारण। 
  • DNA फिंगर प्रिंटिग एवं बीज पंजीकरण। 
  • बीज उत्पादन एवं विपणन मे सरकारी एवं निजी क्षेत्रों की भूमिका। 
  • बौद्धिक संपदा अधिकार। सम्बन्धी मामले।
  • पादप पोषण , पोषक तत्वों के अवशोषण, स्थानान्तरण एवं उपापचय के संदर्भ में पादप कार्यिकी के सिद्धांत। 

मृदा- जल पादप सम्बन्ध।

  • राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय खाद्य नीतियां, अधिप्राप्ति वितरण की बाध्यताएं। 
  • भारत में खाद्य उत्पादन एवं उपभोग की प्रवृतियां। 

प्रकिण्व एवं पादप -वर्णक; प्रकाश संश्लेषण आधुनिक संकल्पनाएँ और इसके प्रक्रम को प्रभावित करने वाले कारक, आक्सी व अनाक्सी श्वसन; C3C4 एवं CAM क्रियाविधियाँ। 

  • कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन एवं वसा उपापचय। 
  • वृद्धि एवं परिवर्धन, दीप्तिकालिता एवं वसंतीकरण। 
  • पादप वृद्धि उपादान एवं सस्य उत्पादन में इनकी भूमिका।
  • बीज परिवर्धन अनुकरण की कार्यिकी, प्रसुप्ति। 
  • प्रतिबल कार्यिकी- वातप्रवाह, लवण एवं जल प्रतिबल। 
  • प्रमुख फल, बागान फसल, सब्जियाँ, मसाले एवं पुष्पी फसल। 
  • प्रमुख बागवानी फसलों की पैकेज रीतियाँ। 
  • संरक्षित कृषि एवं उच्च तकनीकी बागवानी। 
  • तुड़ाई के बाद की प्रौद्योगिकी एवं फलों व सब्जियों का मूल्यवर्धन। 
  • मूशुदर्शनीकरण एवं वाणिज्यिक पुष्पकृषि।
  • औषधीय एवं एरोमैटिक पौधे। 
  • मानक पोषण में फलों व सब्जियों की भूमिका।

पीड़िकों एवं फसलों , सब्जियों, फलद्यानों एवं बागान फसलों के रोगों का निदान एवं उनका आर्थिक महत्व। 

  • पीड़कों एवं रोगों का वर्गीकरण एवं उनका प्रबंधन। 
  • भंडारण के पीड़क और उनका प्रबंधन।
  • पीड़कों एवं रोगों की जीव वैग्यानिक रोकथाम। 
  • जानपदिक रोग विज्ञान एवं प्रमुख फसलों की पीड़कों व रोगों का पूर्वानुमान। 
  • पादप संगरोध उपाय। पीड़क नाशक, उनका सूत्रण एवं कार्यप्रकार।
  • भारत में खाद्य उत्पादन एवं उपभोग की प्रवृत्तियाँ।
  • खाद्य सुरक्षा एवं जनसंख्या वृद्धि-दृष्टि 2020 अन्न अधिशेष के कारण। राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय खाद्य नीतियां, अधिप्राप्ति, वितरण की बाध्यताएं।

खाद्यान्नों की उपलब्धता, खाद्य पर प्रति व्यक्ति व्यय।

  • गरीबी की प्रवृत्तियाँ, जन वितरण प्रणाली तथा गरीबी रेखा के नीचे की जनसंख्या, लक्ष्योन्मुखी जन वितरण प्रणाली (PDS) भूमंडलीकरण के संदर्भ में नीति कार्यान्वयन। 
  • प्रक्रम बाध्याताएं। खाद्य उत्पादन का राष्ट्रीय आहार दिशा-निर्देशों एवं खाद्य उपभोग प्रवृत्ति से सम्बन्ध।
  • क्षुधाशमन के लिए खाद्यधारित आहार उपागम। 
  • पोषक तत्वों की न्यूनता- सूक्ष्म पोषक तत्व न्यूनता: प्रोटीन ऊर्जा कुपोषण या प्रोटीन कैलोरी कुपोषण (PEM)या (PCM), महिलाओं और बच्चों की कार्यक्षमता के संदर्भ में सूक्ष्म पोषक तत्व न्यूनता एवं मानव संसाधन विकास। खाद्यान्न उत्पादकता एवं खाद्य सुरक्षा।

IAS | UPSC Previous Year Question Paper 

किसी भी Government Job Exam को Crack करने के लिए उस Exam का Exam Pattern और Exam Syllabus दोनों ही जानना जरूरी है IAS | UPSC Agriculture Previous Year Question Paper नीचे दिए गए हैं : 

UPSC Agriculture Optional Paper-1 Download

UPSC Agriculture Optional Paper-2 Download

UPSC UPSC Agriculture Optional Paper Syllabus in pdf

आशा करते हैं इस Blog में दी गई जानकारी आपको UPSC Civil Services Exam को Crack करने में आपके लिए सहायक सिद्ध हो ।

UPSC Syllabus Mains in Hindi

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की प्रारंभिक परीक्षा (Prelims Exam) पास करने के पश्चात चुने गए अभ्यर्थियों के लिए मुख्य परीक्षा का आयोजन किया जाता है आइए अब हम जानते हैं मुख्य परीक्षा पाठ्यक्रम (Main Exam Syllabus).

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC)  की  मुख्य परीक्षा (Main Exam)  में विषयों का निर्धारण दो प्रकार से किया गया है अनिवार्य (Compulsary) और वैकल्पिक (Optional) विषय  जिसमें कुल 9 Paper  होते हैं जो कुल 1750 Marks  के  होते हैं । 

जो अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा में उत्तीर्ण होते हैं उनको व्यक्तित्व परीक्षण (Personality Test) के लिए बुलाया जाता है, जिसके लिए 275 अंक निर्धारित किए गए हैं ।

मुख्य परीक्षा पाठ्यक्रम की  विस्तृत जानकारी  इस  प्रकार है:

प्रश्न पत्र (Paper)विषय (Subject)अंक (Marks)
प्रश्न पत्र-1 (Paper-1)निबंध250
प्रश्न पत्र-1 (Paper-2)सामान्य अध्ययन-1: (भारतीय विरासत और संस्कृति, विश्व का इतिहास एवं भूगोल तथा समाज)250
प्रश्न पत्र-1 (Paper-3)सामान्य अध्ययन-2: (शासन व्यवस्था, संविधान, राजव्यवस्था, सामाजिक न्याय तथा अंतर्राष्ट्रीय संबंध)250
प्रश्न पत्र-1 (Paper-4)सामान्य अध्ययन-3: (प्रौद्योगिकी, आर्थिक विकास, जैव-विविधता, पर्यावरण, सुरक्षा तथा आपदा- प्रबंधन)250
प्रश्न पत्र-1 (Paper-5)सामान्य अध्ययन-4: (नीति शास्त्र, सत्यनिष्ठा और अभिवृत्ति)250
प्रश्न पत्र-1 (Paper-6)वैकल्पिक विषय- प्रश्नपत्र-1250
प्रश्न पत्र-1 (Paper-7)वैकल्पिक विषय- प्रश्नपत्र-2250
प्रश्न पत्र-1 (Paper-8)क्वालीफाइंग-1  अंग्रेज़ी भाषा300
प्रश्न पत्र-1 (Paper-9)क्वालिफाइंग-2 हिंदी या संविधान की 8वीं अनुसूची में शामिल कोई भाषा300
SUBTOTAL1750
PERSONALITY TEST MARKS275
TOTAL MARKS2025

महत्वपूर्ण जानकारी:

  • दोनों Qualifying Papers के Marks को योग्यता निर्धारण के लिए नहीं जोड़ा जाता है।
  • दोनों Qualifying Paper  300-300 Marks  के होते है। भारतीय भाषा में Minimum Qualifying Marks 25% (75) तथा  अंग्रेजी भाषा में  भी Minimum Qualifying Marks 25% (75) निर्धारित किए गए हैं।
  • IAS Main Exam के प्रश्न पत्र अंग्रेजी और हिंदी दोनों भाषाओं में साथ-साथ प्रकाशित किए जाते हैं।
  • IAS Main Exam  में उम्मीदवारों को भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची मैं शामिल 22  भाषाओं में से किसी में भी उत्तर देने की   छूट प्रदान की गई है।
  • उम्मीदवार सिविल सेवा परीक्षा के Form में Main Exam  के लिए जिस भाषा को अपने माध्यम के तौर पर अंकित करते हैं, उन्हें Main Exam के सभी प्रश्न पत्रों के उत्तर उसी भाषा में लिखने होते हैं। केवल साहित्य के विषयों में यह छूट है कि उम्मीदवार उसी भाषा की लिपि में उत्तर लिखता है, चाहे उसका माध्यम वह भाषा न हो। 

For Example :- अंग्रेज़ी माध्यम का उम्मीदवार अगर वैकल्पिक विषय के रूप में हिंदी साहित्य का चयन करता है तो उसके उत्तर वह देवनागरी लिपि में लिखेगा। शेष मामलों में, इसकी अनुमति नहीं है कि उम्मीदवार अलग-अलग प्रश्न पत्रों के उत्तर अलग-अलग भाषाओं में दे।

संघ लोक सेवा आयोग मुख्य परीक्षा पाठ्यक्रम (SYLLABUS) की पूरी जानकारी

निबंध  (Essay)

UPSC Main Exam का पहला प्रश्न पत्र होता है निबंध (Essay)  जिसमें 2 भाग होते हैं प्रत्येक भाग में 4 विषय दिए जाते हैं जिनमें से किसी एक विषय पर निबंध लिखना होता है अतः उम्मीदवार को  कुल दो विषयों पर निबंध लिखने होते हैं।

प्रत्येक निबंध 125  अंक का होता है । प्रत्येक निबंध के लिये निर्धारित शब्द सीमा लगभग 1000-1200 होती है। यह एक बहुत महत्वपूर्ण पेपर होता है जिससे अभ्यार्थियों की सोच समझ और व्यक्तित्व का परीक्षण किया जाता है।

अभ्यार्थियों से आशा की जाती है कि अपने विचारों को निबंध के विषय के निकट रखते हुए क्रमबद्ध करें तथा संक्षेप में लिखें| प्रभावशाली एवं सटीक अभिव्यक्ति यों के लिये श्रेय दिया जायेगा।

सामान्य अध्ययन-1: (भारतीय विरासत और संस्कृति, विश्व का इतिहास एवं भूगोल तथा समाज)

  • भारतीय संस्कृति में प्राचीन काल से आधुनिक काल तक के कला के रूप, साहित्य और वास्तुकला के मुख्य पहलू शामिल होंगे।
  • 18वीं सदी के लगभग मध्य से लेकर वर्तमान समय तक का आधुनिक भारतीय इतिहास- महत्त्वपूर्ण घटनाएँ, व्यक्तित्व, विषय।
  • स्वतंत्रता संग्राम- इसके विभिन्न चरण और देश के विभिन्न भागों से इसमें अपना योगदान देने वाले महत्त्वपूर्ण व्यक्ति/उनका योगदान।
  • स्वतंत्रता के पश्चात् देश के अंदर एकीकरण और पुनर्गठन।
  • विश्व के इतिहास में 18वीं सदी तथा बाद की घटनाएँ यथा औद्योगिक क्रांति, विश्व युद्ध, राष्ट्रीय सीमाओं का पुनःसीमांकन, उपनिवेशवाद, उपनिवेशवाद की समाप्ति, राजनीतिक दर्शन जैसे साम्यवाद, पूंजीवाद, समाजवाद आदि शामिल होंगे, उनके रूप और समाज पर उनका प्रभाव।
  • भारतीय समाज की मुख्य विशेषताएँ, भारत की विविधता।
  • महिलाओं की भूमिका और महिला संगठन, जनसंख्या एवं संबद्ध मुद्दे, गरीबी और विकासात्मक विषय, शहरीकरण, उनकी समस्याएँ और उनके रक्षोपाय।
  • भारतीय समाज पर भूमंडलीकरण का प्रभाव।
  • सामाजिक सशक्तीकरण, संप्रदायवाद, क्षेत्रवाद और धर्मनिरपेक्षता।
  • विश्व के भौतिक भूगोल की मुख्य विशेषताएँ।
  • विश्व भर के मुख्य प्राकृतिक संसाधनों का वितरण (दक्षिण एशिया और भारतीय उपमहाद्वीप को शामिल करते हुए), विश्व (भारत सहित) के विभिन्न भागों में प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक क्षेत्र के उद्योगों को स्थापित करने के लिये ज़िम्मेदार कारक।
  • भूकंप, सुनामी, ज्वालामुखीय हलचल, चक्रवात आदि जैसी महत्त्वपूर्ण भू-भौतिकीय घटनाएँ, भौगोलिक विशेषताएँ और उनके स्थान- अति महत्त्वपूर्ण भौगोलिक विशेषताओं (जल-स्रोत और हिमावरण सहित) और वनस्पति एवं प्राणिजगत में परिवर्तन और इस प्रकार के परिवर्तनों के प्रभाव।

सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र-2- शासन व्यवस्था, संविधान, शासन प्रणाली, सामाजिक न्याय तथा अंतर्राष्ट्रीय संबंध

  • भारतीय संविधान- ऐतिहासिक आधार, विकास, विशेषताएँ, संशोधन, महत्त्वपूर्ण प्रावधान और बुनियादी संरचना।
  • संघ एवं राज्यों के कार्य तथा उत्तरदायित्व, संघीय ढाँचे से संबंधित विषय एवं चुनौतियाँ, स्थानीय स्तर पर शक्तियों और वित्त का हस्तांतरण और उसकी चुनौतियाँ।
  • विभिन्न घटकों के बीच शक्तियों का पृथक्करण, विवाद निवारण तंत्र तथा संस्थान।
  • भारतीय संवैधानिक योजना की अन्य देशों के साथ तुलना।
  • संसद और राज्य विधायिका- संरचना, कार्य, कार्य-संचालन, शक्तियाँ एवं विशेषाधिकार और इनसे उत्पन्न होने वाले विषय।
  • कार्यपालिका और न्यायपालिका की संरचना, संगठन और कार्य- सरकार के मंत्रालय एवं विभाग, प्रभावक समूह और औपचारिक/अनौपचारिक संघ तथा शासन प्रणाली में उनकी भूमिका।
  • जन प्रतिनिधित्व अधिनियम की मुख्य विशेषताएँ।
  • विभिन्न संवैधानिक पदों पर नियुक्ति और विभिन्न संवैधानिक निकायों की शक्तियाँ, कार्य और उत्तरदायित्व।
  • सांविधिक, विनियामक और विभिन्न अर्द्ध-न्यायिक निकाय।
  • सरकारी नीतियों और विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिये हस्तक्षेप और उनके अभिकल्पन तथा कार्यान्वयन के कारण उत्पन्न विषय।
  • विकास प्रक्रिया तथा विकास उद्योग- गैर-सरकारी संगठनों, स्वयं सहायता समूहों, विभिन्न समूहों और संघों, दानकर्ताओं, लोकोपकारी संस्थाओं, संस्थागत एवं अन्य पक्षों की भूमिका।
  • केन्द्र एवं राज्यों द्वारा जनसंख्या के अति संवेदनशील वर्गों के लिये कल्याणकारी योजनाएँ और इन योजनाओं का कार्य-निष्पादन; इन अति संवेदनशील वर्गों की रक्षा एवं बेहतरी के लिये गठित तंत्र, विधि, संस्थान एवं निकाय।
  • स्वास्थ्य, शिक्षा, मानव संसाधनों से संबंधित सामाजिक क्षेत्र/सेवाओं के विकास और प्रबंधन से संबंधित विषय।
  • गरीबी एवं भूख से संबंधित विषय।
  • शासन व्यवस्था, पारदर्शिता और जवाबदेही के महत्त्वपूर्ण पक्ष, ई-गवर्नेंस- अनुप्रयोग, मॉडल, सफलताएँ, सीमाएँ और संभावनाएँ; नागरिक चार्टर, पारदर्शिता एवं जवाबदेही और संस्थागत तथा अन्य उपाय।
  • लोकतंत्र में सिविल सेवाओं की भूमिका।
  • भारत एवं इसके पड़ोसी- संबंध।
  • द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक समूह और भारत से संबंधित और/अथवा भारत के हितों को प्रभावित करने वाले करार।
  • भारत के हितों पर विकसित तथा विकासशील देशों की नीतियों तथा राजनीति का प्रभाव; प्रवासी भारतीय।
  • महत्त्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय संस्थान, संस्थाएँ और मंच- उनकी संरचना, अधिदेश।

सामान्य अध्ययन प्रश्नप्रत्र-3-प्रौद्योगिकी, आर्थिक विकास, जैव विविधता, पर्यावरण, सुरक्षा तथा आपदा प्रबंधन

  • भारतीय अर्थव्यवस्था तथा योजना, संसाधनों को जुटाने, प्रगति, विकास तथा रोज़गार से संबंधित विषय।
  • समावेशी विकास तथा इससे उत्पन्न विषय।
  • सरकारी बजट।
  • मुख्य फसलें- देश के विभिन्न भागों में फसलों का पैटर्न- सिंचाई के विभिन्न प्रकार एवं सिंचाई प्रणाली- कृषि उत्पाद का भंडारण, परिवहन तथा विपणन, संबंधित विषय और बाधाएँ; किसानों की सहायता के लिये ई-प्रौद्योगिकी।
  • प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष कृषि सहायता तथा न्यूनतम समर्थन मूल्य से संबंधित विषय; जन वितरण प्रणाली- उद्देश्य, कार्य, सीमाएँ, सुधार; बफर स्टॉक तथा खाद्य सुरक्षा संबंधी विषय; प्रौद्योगिकी मिशन; पशु पालन संबंधी अर्थशास्त्र।
  • भारत में खाद्य प्रसंस्करण एवं संबंधित उद्योग- कार्यक्षेत्र एवं महत्त्व, स्थान, ऊपरी और नीचे की अपेक्षाएँ, आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन।
  • भारत में भूमि सुधार।
  • उदारीकरण का अर्थव्यवस्था पर प्रभाव, औद्योगिक नीति में परिवर्तन तथा औद्योगिक विकास पर इनका प्रभाव।
  • बुनियादी ढाँचाः ऊर्जा, बंदरगाह, सड़क, विमानपत्तन, रेलवे आदि।
  • निवेश मॉडल।
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी- विकास एवं अनुप्रयोग और रोज़मर्रा के जीवन पर इसका प्रभाव।
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में भारतीयों की उपलब्धियाँ; देशज रूप से प्रौद्योगिकी का विकास और नई प्रौद्योगिकी का विकास।
  • सूचना प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष, कंप्यूटर, रोबोटिक्स, नैनो-टैक्नोलॉजी, बायो-टैक्नोलॉजी और बौद्धिक संपदा अधिकारों से संबंधित विषयों के संबंध में जागरुकता।
  • संरक्षण, पर्यावरण प्रदूषण और क्षरण, पर्यावरण प्रभाव का आकलन।
  • आपदा और आपदा प्रबंधन।
  • विकास और फैलते उग्रवाद के बीच संबंध।
  • आंतरिक सुरक्षा के लिये चुनौती उत्पन्न करने वाले शासन विरोधी तत्त्वों की भूमिका।
  • संचार नेटवर्क के माध्यम से आंतरिक सुरक्षा को चुनौती, आंतरिक सुरक्षा चुनौतियों में मीडिया और सामाजिक नेटवर्किंग साइटों की भूमिका, साइबर सुरक्षा की बुनियादी बातें, धन-शोधन और इसे रोकना।
  • सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा चुनौतियाँ एवं उनका प्रबंधन- संगठित अपराध और आतंकवाद के बीच संबंध।
  • विभिन्न सुरक्षा बल और संस्थाएँ तथा उनके अधिदेश।

सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र-4- नीतिशास्त्र, सत्यनिष्ठा और अभिरुचि

इस प्रश्न-पत्र में ऐसे प्रश्न शामिल होंगे जो सार्वजनिक जीवन में उम्मीदवारों की सत्यनिष्ठा, ईमानदारी से संबंधित विषयों के प्रति उनकी अभिवृत्ति तथा उनके दृष्टिकोण तथा समाज से आचार-व्यवहार में विभिन्न मुद्दों तथा सामने आने वाली समस्याओं के समाधान को लेकर उनकी मनोवृत्ति का परीक्षण करेंगे।

इन आयामों का निर्धारण करने के लिये प्रश्न-पत्र में किसी मामले के अध्ययन (केस स्टडी) का माध्यम भी चुना जा सकता है। मुख्य रूप से निम्नलिखित क्षेत्रों को कवर किया जाएगा।

  • नीतिशास्त्र तथा मानवीय सह-संबंधः मानवीय क्रियाकलापों में नीतिशास्त्र का सार तत्त्व, इसके निर्धारक और परिणाम; नीतिशास्त्र के आयाम; निजी और सार्वजनिक संबंधों में नीतिशास्त्र, मानवीय मूल्य- महान नेताओं, सुधारकों और प्रशासकों के जीवन तथा उनके उपदेशों से शिक्षा; मूल्य विकसित करने में परिवार, समाज और शैक्षणिक संस्थाओं की भूमिका।
  • अभिवृत्तिः सारांश (कंटेन्ट), संरचना, वृत्ति; विचार तथा आचरण के परिप्रेक्ष्य में इसका प्रभाव एवं संबंध; नैतिक और राजनीतिक अभिरुचि; सामाजिक प्रभाव और धारण।
  • सिविल सेवा के लिये अभिरुचि तथा बुनियादी मूल्य- सत्यनिष्ठा, भेदभाव रहित तथा गैर-तरफदारी, निष्पक्षता, सार्वजनिक सेवा के प्रति समर्पण भाव, कमज़ोर वर्गों के प्रति सहानुभूति, सहिष्णुता तथा संवेदना।
  • भावनात्मक समझः अवधारणाएँ तथा प्रशासन और शासन व्यवस्था में उनके उपयोग और प्रयोग।
  • भारत तथा विश्व के नैतिक विचारकों तथा दार्शनिकों के योगदान।
  • लोक प्रशासन में लोक/सिविल सेवा मूल्य तथा नीतिशास्त्रः स्थिति तथा समस्याएँ; सरकारी तथा निजी संस्थानों में नैतिक चिंताएँ तथा दुविधाएँ; नैतिक मार्गदर्शन के स्रोतों के रूप में विधि, नियम, विनियम तथा अंतरात्मा; उत्तरदायित्व तथा नैतिक शासन, शासन व्यवस्था में नीतिपरक तथा नैतिक मूल्यों का सुदृढ़ीकरण; अंतर्राष्ट्रीय संबंधों तथा निधि व्यवस्था (फंडिंग) में नैतिक मुद्दे; कॉरपोरेट शासन व्यवस्था।
  • शासन व्यवस्था में ईमानदारीः लोक सेवा की अवधारणा; शासन व्यवस्था और ईमानदारी का दार्शनिक आधार, सरकार में सूचना का आदान-प्रदान और पारदर्शिता, सूचना का अधिकार, नीतिपरक आचार संहिता, आचरण संहिता, नागरिक घोषणा पत्र, कार्य संस्कृति, सेवा प्रदान करने की गुणवत्ता, लोक निधि का उपयोग, भ्रष्टाचार की चुनौतियाँ।
  • उपर्युक्त विषयों पर मामला संबंधी अध्ययन (Case Study).

वैकल्पिक विषय- प्रश्नपत्र-1 & वैकल्पिक विषय- प्रश्नपत्र-2

S.No.विषयSubject
1कृषि विज्ञानAgriculture
2पशुपालन एवं पशु चिकित्सा विज्ञानAnimal Husbandry and Veterinary Science
3नृविज्ञानAnthropology
4वनस्पति विज्ञान Botany
5रसायन विज्ञानChemistry
6सिविल इंजीनियरीCivil Engineering
7वाणिज्य शास्त्र तथा लेखा विधिCommerce & Accountancy
8अर्थशास्त्रEconomics
9विद्युत इंजीनियरी Electrical Engineering
10भूगोल Geography
11भूविज्ञानGeology
12इतिहास History
13विधि Law
14प्रबंधन Management
15गणित Mathematics
16यांत्रिक इंजीनियरी Mechanical Engineering
17चिकित्सा विज्ञानMedical Science
18दर्शनशास्त्र Philosophy
19भौतिकी Physics
20राजनीति विज्ञान तथा अंतरराष्ट्रीय संबंध Political Science & International Relations
21मनोविज्ञानPsychology
22लोक प्रशासन Public Administration
23समाजशास्त्र Sociology
24सांख्यिकीStatistics
25प्राणी विज्ञानZoology

26.निम्नलिखित भाषाओं में से किसी एक भाषा का साहित्य :

क्र.सं.विषयSubject
1असमिया Assamese
2बंगालीBengali
3बोडोBodo
4डोगरीDogri
5गुजरातीGujarati
6हिंदीHindi
7कन्नड़Kannada
8कश्मीरीKashmiri
9कोंकणीKonkani
10मैथिलीMaithili
11मलयालमMalayalam
12मणिपुरीManipuri
13मराठीMarathi
14नेपालीNepali
15उड़ियाOriya
16पंजाबीPunjabi
17संस्कृतSanskrit
18संथालीSanthali
19सिंधीSindhi
20तमिलTamil
21तेलुगूTelugu
22उर्दूUrdu
23अंग्रेजी English

प्रश्न पत्र-8

अंग्रेज़ी भाषा

प्रश्न पत्र-9

(संविधान की आठवीं अनुसूची में सम्मिलित भाषाओं में से उम्मीदवारों द्वारा चुनी गई कोई एक भारतीय भाषा)

UPSC Mains Exam Previous Year Question Paper

YearPaper-IPaper-IIPaper-IIIPaper-IVPaper-V
2013EssayGS-IGS-IIGS-IIIGS-IV
2014EssayGS-IGS-IIGS-IIIGS-IV
2015EssayGS-IGS-IIGS-IIIGS-IV
2016EssayGS-IGS-IIGS-IIIGS-IV
2017EssayGS-IGS-IIGS-IIIGS-IV
2018EssayGS-IGS-IIGS-IIIGS-IV
2019EssayGS-IGS-IIGS-IIIGS-IV

IAS|UPSC Syllabus in Hindi

Welcome to Top Sarkari Result जैसा कि आप सब जानते हैं IAS  बनने  के लिए संघ लोक सेवा आयोग (UPSC)  द्वारा आयोजित की जाने वाली परीक्षा  बहुत कठिन होती है और किसी भी परीक्षा को  पास करने के लिए कड़ी मेहनत, लगन, के साथ  सबसे महत्वपूर्ण है समय का सदुपयोग और समय के सदुपयोग के लिए से महत्वपूर्ण होता है उस परीक्षा के पाठ्यक्रम Syllabus (IAS|UPSC Syllabus in Hindi) के बारे में पूर्ण जानकारी होना।

upsc-syllabus

UPSC EXAM के लिए (UPSC Syllabus in Hindi) को जानना अनिवार्य क्यों है?

परीक्षा देने के लिए  पाठ्यक्रम (SYLLABUS) के बारे में पूर्ण जानकारी होना इसलिए अनिवार्य है ताकि आपको पता चल सके की परीक्षा में किस- किस विषय से प्रश्न पूछे जाएंगे  ताकि आप अपना  पूर्ण समय उन्हीं विषयों की तैयारी में लगा सके और अपने समय का सदुपयोग कर सकें।

हमारा लक्ष्य है आपको IAS EXAM SYLLABUS के बारे में  पूर्ण जानकारी देना ताकि आप अपने IAS बनने के सपने को  सच कर सके। यदि आपके IAS बनने के सफर में हमारा यह प्रयास काम आता है तो हमको अत्यंत प्रसन्नता होगी  आपसे निवेदन है कि नीचे दिए गए IAS EXAM  पाठ्यक्रम (SYLLABUS) को ध्यान पूर्वक पढ़ें धन्यवाद:

संघ लोक सेवा आयोग द्वारा IAS EXAM का विभाजन 3  चरणों में किया गया है

IAS | UPSC Syllabus in Hindi for UPSC Prelims Exam

संघ लोक सेवा आयोग(UPSC)  द्वारा आयोजित की जाने वाली  प्रारंभिक परीक्षा(Prelims Exam) के लिए वर्तमान समय में दो Paper होते हैं Paper-1 सामान्य अध्ययन (General Studies) , Paper-2 सिविल सेवा अभिवृत्ति परीक्षा (Civil Service Aptitude Test) जिसे CSAT भी कहा जाता है।

S.No.PaperNo. QuesMarks Negative
Marking
1सामान्य अध्ययन (General Studies)1002001/3
2सिविल सेवा अभिवृत्ति परीक्षा( Civil Service Aptitude Test)802001/3

महत्वपूर्ण जानकारी | Important Information

  • सामान्य अध्ययन (General Studies) paper-1 200 अंकों का होता है जिसमें  2-2 अंकों के 100  प्रश्न  पूछे जाते हैं।
  • सिविल सेवा अभिवृत्ति परीक्षा( Civil Service Aptitude Test) Paper-2  भी 200 अंकों का होता है जिसमें 2.5-2.5 अंकों के 80  प्रश्न पूछे जाते हैं।
  • दोनों यानी Paper-1  और Paper-2  मैं Negative Marking होती है जिसमें 3 गलत  उत्तरों के स्थान पर एक सही उत्तर के समान Number  काटे जाते हैं जबकि CSAT मैं  निर्णयन क्षमता से संबंधित प्रश्नों में गलत उत्तर के लिए Nagetive Marking नहीं होती ।
  • वर्तमान समय में CSAT  को केवल Qualifying Paper कर दिया गया है जिसमें पास होने के लिए केवल 33%  अंक लाने होते हैं Cut-off Marks का निर्धारण केवल Paper-1 यानी सामान्य अध्ययन (General Studies) के आधार पर किया जाता है ।
  • प्रारंभिक परीक्षा (Prelims Exam)  में Objective Type  के प्रश्न पूछे जाते हैं जिसमें 4 Option (A,B,C और D) होते हैं , इन 4 Option  मेरे से  एक सही Option चयन करना होता है।

UPSC Syllabus in Hindi | सामान्य अध्ययन (General Studies) Paper-1

S.No.Topics of Paper-1
1 राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय महत्व की सामयिक घटनाएँ।
(Current events of national and international importance)
2भारत का इतिहास और भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन ।
(History of India and Indian National Movement)
3भारत एवं विश्व का भूगोल : भारत एवं विश्व का प्राकृतिक, सामाजिक, आर्थिक भूगोल ।
(Indian and World Geography – Physical, Social, Economic Geography of India and the World)
4भारतीय राज्यतंत्र और शासन- संविधान, राजनीतिक प्रणाली, पंचायती राज, लोकनीति, अधिकारों संबंधी मुद्दे इत्यादि ।
(Indian Polity and Governance – Constitution, Political System, Panchayati Raj, Public Policy, Rights Issues etc)
5आर्थिक और सामाजिक विकास- सतत् विकास, गरीबी, समावेशन, जनसांख्यिकी, सामाजिक क्षेत्र में    की गई पहल आदि।
(Economic and Social Development, Sustainable Development-Poverty, Inclusion, Demographics, Social Sector initiatives etc)
6पर्यावरणीय पारिस्थितिकी, जैव-विविधता और जलवायु परिवर्तन संबंधी सामान्य मुद्दे, जिनके लिये विषयगत विशेषज्ञता आवश्यक नहीं है।
(General issues on Environmental Ecology, Biodiversity and Climate Change – that do not require subject specialization)
7सामान्य विज्ञान ।
(General Science)

UPSC Syllabus in Hindi | सिविल सेवा अभिवृत्ति परीक्षा (Civil Service Aptitude Test) Paper-2

S.No.Topics of Paper-1
1 बोधगम्यता 
(Comprehension)
2संचार कौशल सहित अंतर-वैयक्तिक कौशल 
(Interpersonal skills including communication skills)
3तार्किक कौशल एवं विश्लेषणात्मक क्षमता
(Logical reasoning and analytical ability)
4निर्णय लेना और समस्या समाधान।
(Decision-making and problem-solving)
5सामान्य मानसिक योग्यता।
(General mental ability)
6आधार भूत संख्ययन – संख्याएँ और उनके संबंध, विस्तार-क्रम आदि) (दसवीं कक्षा का स्तर); आँकड़ों का निर्वचन (चार्ज, ग्राफ, तालिका, आँकड़ों की पर्याप्तता आदि- दसवीं कक्षा का स्तर।
Basic numeracy (numbers and their relations, orders of magnitude, etc.) (Class X level), Data interpretation (charts, graphs, tables, data sufficiency etc. (Class X level)
7सामान्य विज्ञान ।
(General Science)

IAS | UPSC Main Exam Syllabus

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की प्रारंभिक परीक्षा (Prelims Exam) पास करने के पश्चात चुने गए अभ्यर्थियों के लिए मुख्य परीक्षा का आयोजन किया जाता है आइए अब हम जानते हैं मुख्य परीक्षा पाठ्यक्रम (Main Exam Syllabus)

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC)  की  मुख्य परीक्षा (Main Exam)  में विषयों का निर्धारण दो प्रकार से किया गया है अनिवार्य (Compulsary) और वैकल्पिक (Optional) विषय  जिसमें कुल 9 Paper  होते हैं जो कुल 1750 Marks  के  होते हैं ।

जो अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा में उत्तीर्ण होते हैं उनको  व्यक्तित्व  परीक्षण (Personality Test) के लिए बुलाया जाता है, जिसके लिए 275 अंक निर्धारित किए गए हैं ।

IAS Syllabus of UPSC Main Exam की  विस्तृत जानकारी इस प्रकार है

UPSC Syllabus in Hindi | UPSC Mains Five Compulsory Paper for All Candidates

UPSC Syllabus in Hindi | UPSC Mains Two Optional Paper for All Candidates
UPSC Syllabus in Hindi | UPSC Mains Two Qualifying Paper for All Candidates
प्रश्न पत्र (Paper)विषय (Subject)अंक (Marks)
प्रश्न पत्र-1
(Paper-1)
निबंध250
प्रश्न पत्र-2
(Paper-2)
सामान्य अध्ययन-1: (भारतीय विरासत और संस्कृति, विश्व का इतिहास एवं भूगोल तथा समाज)250
प्रश्न पत्र-3
(Paper-3)
सामान्य अध्ययन-2: (शासन व्यवस्था, संविधान, राज व्यवस्था, सामाजिक न्याय तथा अंतर्राष्ट्रीय संबंध)250
प्रश्न पत्र-4
(Paper-4)
सामान्य अध्ययन-3: (प्रौद्योगिकी, आर्थिक विकास, जैव-विविधता, पर्यावरण, सुरक्षा तथा आपदा- प्रबंधन)250
प्रश्न पत्र-5
(Paper-5)
सामान्य अध्ययन-4: (नीति शास्त्र, सत्य निष्ठा और अभिवृत्ति)250
प्रश्न पत्र-6
(Paper-6)
वैकल्पिक विषय- प्रश्न पत्र-1250
प्रश्न पत्र-7
(Paper-7)
वैकल्पिक विषय- प्रश्नपत्र-2250
प्रश्न पत्र-8
(Paper-8)
क्वालीफाइंग-1  अंग्रेज़ी भाषा300
प्रश्न पत्र-9
(Paper-9)
क्वालिफाइंग-2 हिंदी या संविधान की 8वीं अनुसूची में शामिल कोई भाषा300
SUB TOTAL1750
PERSONALITY TEST MARKS275
TOTAL MARKS2025

महत्वपूर्ण जानकारी | Important Information

  • दोनों Qualifying Papers के Marks को योग्यता निर्धारण के लिए नहीं जोड़ा जाता है।
  • दोनों Qualifying Paper  300-300 Marks  के होते है। भारतीय भाषा में Minimum Qualifying Marks 25% (75) तथा  अंग्रेजी भाषा में  भी Minimum Qualifying Marks 25% (75) निर्धारित किए गए हैं।
  • IAS Main Exam के प्रश्न पत्र अंग्रेजी और हिंदी दोनों भाषाओं में साथ-साथ प्रकाशित किए जाते हैं।
  • IAS Main Exam  में उम्मीदवारों को भारतीय संविधान की आठवीं अनुसूची मैं शामिल 22  भाषाओं में से किसी में भी उत्तर देने की   छूट प्रदान की गई है।
  • उम्मीदवार सिविल सेवा परीक्षा के Form में Main Exam  के लिए जिस भाषा को अपने माध्यम के तौर पर अंकित करते हैं, उन्हें Main Exam के सभी प्रश्न पत्रों के उत्तर उसी भाषा में लिखने होते हैं। केवल साहित्य के विषयों में यह छूट है कि उम्मीदवार उसी भाषा की लिपि में उत्तर लिखता है, चाहे उसका माध्यम वह भाषा न हो।

आइए अब जानते हैं प्रारंभिक परीक्षा के Paper-1  और Paper-2  मैं किन-किन विषयों पर प्रश्न पूछे जाते हैं।

उदाहरण | Example

अंग्रेज़ी (English) माध्यम का उम्मीदवार अगर वैकल्पिक विषय के रूप में हिंदी साहित्य का चयन करता है तो उसके उत्तर वह देवनागरी लिपि में लिखेगा। शेष मामलों में, इसकी अनुमति नहीं है कि उम्मीदवार अलग-अलग प्रश्न पत्रों के उत्तर अलग-अलग भाषाओं में दे।

अभ्यार्थियों से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण प्रश्न :

क्या PSC  और UPSC SYLLABUS SAME होता है?

नहीं PSC  और UPSC SYLLABUS  बिल्कुल  SAME  नहीं होता ।

जिस प्रकार UPSC  केंद्र सरकार की एक संस्था है जो  केंद्र सरकार के लिए विभिन्न राजपत्रित अधिकारियों  की नियुक्ति परीक्षा का आयोजन करती है   जिन की सेवाएं राज्य सरकारों को भी दी जाती हैं।उसी प्रकार प्रत्येक राज्य  की  भी एक पब्लिक सर्विस कमीशन (PSC)  संस्था होती है जो राज्यों के लिए राजपत्रित अधिकारियों की नियुक्ति  के लिए परीक्षा  का आयोजन करती है

यह संस्था प्रत्येक राज्य के नाम से जानी जाती है जैसे :-  UTTAR PRADESH  के लिए(UPPSC) HARYANA  के लिए HPSC , MAHARASTRA  के लिए (MPSC) MADHYA PRA DESH के लिए (MPPSC) ETC.

किंतु UPSC  का EXAM LEVAL  और SYLLABUS STATE PSC के मुकाबले  डिफरेंट और मुश्किल होता है । लेकिन काफी हद तक मिलता-जुलता भी होता है यूपीएससी की तैयारी करने वाला   अभ्यार्थी किसी भी STATE PSC  का EXAM  आसानी से दे सकता है  किंतु STATE PSC की तैयारी करने  वाले विद्यार्थियों के लिए UPSC  आसान नहीं है।

क्या UPSC Hindi Medium के छात्रों और UPSC English Medium के छात्रों का Syllabus अलग-अलग होता है?

UPSC HINDI MEDIUM SYLLABUS और ENGLISH MEDIUM SYLLABUS   मैं  कोई DIFFRENCE  नहीं है केवल भाषा का DIFFRENCE  है

HINDI MEDIUM  वाले अभ्यार्थी  अपना EXAM  हिंदी भाषा में  देते हैं केवल ENGLISH LANGUAGE PAPER को छोड़कर और ENGLISH MEDIUM  वाले अभ्यर्थी अपना EXAM ENGLISH LANGUAGE मैं देते हैं केवल  हिंदी  भाषा PAPER  को छोड़कर  किंतु दोनों का SYLLABUS  बिल्कुल SAME  होता  है। 

क्या UPSC का Syllabus State wise अलग-अलग होता है?

UPSC EXAM  एक सेंट्रल लेवल का EXAM  होता है जिसके अंतर्गत INDIA के सभी STATE के  लोग भाग लेते हैं  किंतु इसका SYLLABUS प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए SAME होता है इसमें कोई DIFFRENCE  नहीं होता चाहे EXAM  देने वाला अभ्यार्थी किसी भी STATE से BELONG करता हो या किसी भी भाषा को जानने वाला  हो।

What is the official website of UPSC?

IAS/UPSC Prelims Syllabus in Hindi

संघ लोक सेवा आयोग(UPSC)  द्वारा आयोजित की जाने वाली  प्रारंभिक परीक्षा(IAS Prelims Exam) के लिए वर्तमान समय में दो Paper होते हैं Paper-1 सामान्य अध्ययन (General Studies) , Paper-2 सिविल सेवा अभिवृत्ति परीक्षा ( Civil Service Aptitude Test) जिसे CSAT भी कहा जाता है।

PaperNo. QuesNo. QuesNegative Marking
सामान्य अध्ययन (General Studies)1002001/3
सिविल सेवा अभिवृत्ति परीक्षा( Civil Service Aptitude Test)802001/3

Important Information | महत्वपूर्ण जानकारी

  1. सामान्य अध्ययन (General Studies) paper-1 200 अंकों का होता है जिसमें  2-2 अंकों के 100  प्रश्न  पूछे जाते हैं ।
  2. सिविल सेवा अभिवृत्ति परीक्षा( Civil Service Aptitude Test) Paper-2  भी 200 अंकों का होता है जिसमें 2.5-2.5 अंकों के 80  प्रश्न पूछे जाते हैं ।
  3. दोनों यानी Paper-1  और Paper-2  मैं Negative Marking होती है जिसमें 3 गलत  उत्तरों के स्थान पर एक सही उत्तर के समान Number  काटे जाते हैं जबकि CSAT मैं  निर्णयन क्षमता से संबंधित प्रश्नों में गलत उत्तर के लिए Nagetive Marking नहीं होती ।
  4. वर्तमान समय में CSAT  को केवल Qualifying Paper कर दिया गया है जिसमें पास होने के लिए केवल 33%  अंक लाने होते हैं Cut-off Marks का निर्धारण केवल Paper-1 यानी सामान्य अध्ययन (General Studies) के आधार पर किया जाता है ।

सामान्य अध्ययन (General Studies) paper-1 को 7 भागों में बाँटा गया है जो इस प्रकार है:

S.No.सामान्य अध्ययन GS PAPER-1
1राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय महत्व की सामयिक घटनाएँ।
(Current events of national and international importance)
2भारत का इतिहास और भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन।
(History of India and Indian National Movement)
3भारत एवं विश्व का भूगोल : भारत एवं विश्व का प्राकृतिक, सामाजिक, आर्थिक भूगोल ।
(Indian and World Geography – Physical, Social, Economic Geography of India and the World)
4भारतीय राज्यतंत्र और शासन- संविधान, राजनीतिक प्रणाली, पंचायती राज, लोकनीति, अधिकारों संबंधी मुद्दे इत्यादि।
(Indian Polity and Governance – Constitution, Political System, Panchayati Raj, Public Policy, Rights Issues etc)
5आर्थिक और सामाजिक विकास- सतत् विकास, गरीबी, समावेशन, जनसांख्यिकी, सामाजिक क्षेत्र में    की गई पहल आदि।
(Economic and Social Development, Sustainable Development-Poverty, Inclusion, Demographics, Social Sector initiatives etc)
6पर्यावरणीय पारिस्थितिकी, जैव-विविधता और जलवायु परिवर्तन संबंधी सामान्य मुद्दे, जिनके लिये विषयगत विशेषज्ञता आवश्यक नहीं है।
(General issues on Environmental Ecology, Biodiversity and Climate Change – that do not require subject specialization)
7सामान्य विज्ञान।
(General Science)

आइए अब हम प्रारंभिक परीक्षा के Paper-1 में  पूछे जाने वाले Subject को विस्तार से समझते हैं।

सामान्य अध्ययन (General Studies) Paper-1Syllabus

1.1 राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय महत्व की सामयिक घटनाएँ | Current events of national and international importance

राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय महत्व की सामयिक घटनाएँ यह एक महत्वपूर्ण विषय है जिसके लिए आपको कम से कम 1 साल का Current Affairs  की जानकारी होनी चाहिए इसके अंतर्गत भारत और विश्व में होने वाली घटनाओं  के बारे में पढ़ते रहना चाहिए इसके लिए Newspaper, Magazine  सबसे अच्छा विकल्प माना जाता है इसलिए आपको Daily Newspaper  पढ़ना चाहिए।

इसके अतिरिक्त  भारत और विश्व के बारे में General Knowledge  होना अनिवार्य है General Knowledge  एक महत्वपूर्ण विषय है General Knowledge  में किन-किन विषयों के बारे में पढ़ना है इसकी जानकारी इस प्रकार है –

सामान्य ज्ञान (General Knowledge)

1. भारत सामान्य जानकारी

  • भारत में प्रथम
  • महापुरुषों के उपनाम
  • प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे
  • सबसे बड़ा ऊंचा और लंबा
  • नदियों के किनारे बसे शहर
  • प्रमुख औद्योगिक उपक्रम
  • प्रमुख शोध संस्थान
  • राष्ट्रीय प्रतीक

2. अंतरराष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय दिवस

3. पुस्तकें एवं लेखक

4. शब्द संक्षेप

5. राष्ट्रीय पुरस्कार एवं अलंकरण

  • भारत रत्न
  • पद्म पुरस्कार
  • वीरता पुरस्कार
  • फिल्म पुरस्कार 
  • साहित्यिक एवं सांस्कृतिक पुरस्कार

6. खेलकूद

  • ग्रीष्मकालीन ओलंपिक
  • शीतकालीन ओलंपिक
  • राष्ट्रमंडल खेल
  • एशियाई खेल
  • राष्ट्रीय खेल
  • प्रमुख खेल
  • खेल शब्दावली
  • खेल संबंधी प्रमुख कप  ट्रॉफीया
  • खेल पुरस्कार

7. भारत के राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेश

विश्व सामान्य जानकारी

  • विश्व में प्रथम
  •  विश्व में सर्वाधिक बड़ा छोटा लंबा और ऊंचा
  •  विश्व में प्रसिद्ध स्थल
  •  प्रमुख देश उनकी राजधानियां एवं मुद्राएं 
  •  विभिन्न देशों के राष्ट्रीय गान
  •  प्रमुख  सांसदों के नाम
  •  राष्ट्राध्यक्ष  शासन अध्यक्षों के  आधिकारिक आवास 
  •  प्रमुख समाचार एजेंसियां प्रमुख समाचार पत्र
  •  गुप्त संस्थाएं
  •  प्रमुख अंतरिक्ष अभियान 
  • विश्व के प्रमुख आश्चर्य

अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार एवं अलंकरण

  • नोबेल पुरस्कार
  • ऑस्कर पुरस्कार
  •  ग्रैमी पुरस्कार
  •  यूनेस्को शांति पुरस्कार
  •  विश्व खाद्य पुरस्कार
  •  मिस वर्ल्ड पुरस्कार
  •  मिस यूनिवर्स पुरस्कार

संयुक्त राष्ट्र संघ एवं संगठन

  • संयुक्त राष्ट्र संघ का मुख्यालय
  •  महासभा
  •  अंतरराष्ट्रीय न्यायालय
  •  महासचिव

भारत का अंतरिक्ष कार्यक्रम

रक्षा एवं प्रतिरक्षा

  • थल सेना
  • वायु सेना
  • रक्षा उपकरण 
  • रडार प्रौद्योगिकी

1.2 भारत का इतिहास और भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन | History of India and Indian National Movement

इस विषय पर प्रतिवर्ष कम से कम 10 Question  अवश्य जाते हैं इसके दो भाग हैं:

  1. भारत का इतिहास – History of India.
  2. भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन-Indian National Movement.

भारत का इतिहास (History of india)  विषय को लिए तीन भागों में विभाजित किया गया है 

  1. प्राचीन भारत का इतिहास | Ancient History of India.
  2. मध्यकालीन भारत का इतिहास | Medieval History of India.
  3. वर्तमान कालीन भारत का इतिहास | Modern History of India.

प्राचीन भारत का इतिहास | Ancient History of India

  • ऐतिहासिक स्रोत
  •  प्रागैतिहासिक  संस्कृति या
  •  सिंधु घाटी सभ्यता
  •  वैदिक संस्कृति
  •  पूर्व मौर्य काल
  •  मौर्य काल
  •  मौर्योत्तर काल
  •  गुप्त काल
  •  गुप्तोत्तर काल/ पूर्व मध्यकाल
  •  दक्षिण भारत

मध्यकालीन भारत का इतिहास | Medieval History of India

  • भारत पर भारत एवं तुर्क आक्रमण
  •  दिल्ली सल्तनत 
  • सल्तनत कालीन प्रशासन, अर्थव्यवस्था, समाज एवं संस्कृति
  •  प्रांतीय राजवंश
  •  विजय नगर एवं  बहमनी साम्राज्य
  •  भक्ति एवं सूफी आंदोलन
  •   मुगल कॉल
  •  मुगलकालीन प्रशासन, अर्थव्यवस्था, समाज एवं संस्कृति
  •  मराठा राज्य और संघ
  •   पेशवाओ का काल

वर्तमान कालीन भारत का इतिहास | Modern History of India

  • उत्तर मुगल काल एवं प्रांतीय स्वायत्त राज्य
  •  भारत में यूरोपीय कंपनियों का आगमन
  •  गवर्नर, गवर्नर – जनरल एवं वायसराय
  •  1857 का विद्रोह
  •  ब्रिटिश काल की प्रशासनिक एवं आर्थिक नीतियां
  •  सामाजिक –  धार्मिक सुधार आंदोलन
  •  किसान आंदोलन
  •  जन एवं जनजाति आंदोलन
  •  मजदूर आंदोलन
  •  भारत में प्रेस शिक्षा का विकास 
  • भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन

Indian National Movement विषय को समझने के लिए Modern History को अच्छे से पढ़ना अनिवार्य है क्योंकि Indian National Movement, Modern History  का ही एक भाग है। इसके अंतर्गत होने  वाले events  और  उनकी Timeline  को अच्छे से समझ ना और याद करना चाहिए

सामाजिक स्तर के आन्दोलनों जैसे असहयोग आन्दोलन, भारत छोडो आन्दोलन बहुत Important Topics  इनको अच्छे से पढ़े। सामाजिक आंदोलन से जुड़े Leaders महात्मा गाँधी तथा जवाहर लाल नेहरु से जुड़ा हुआ हर एक तथ्य विस्तृत रूप से  पढ़ना चाहिए। 

कांग्रेस के अधिवेशन तथा उनकी अध्यक्षता बहुत ही important है।

  • भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन :  प्रथम चरण (1885-1915  ई.) 
  • भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन :  द्वितीय चरण (1915-1935  ई.)
  • भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन :   तृतीय चरण (1935-1947  ई.)
  •  अलगाववादी राजनीति
  •  वामपंथी राजनीति
  •  1947 से 1964 ई. तक  का भारत
  •  आधुनिक भारत के चर्चित व्यक्तित्व
  •  कांग्रेस के अधिवेशन
  •  भारत का ऐतिहासिक घटनाक्रम

1.3 भारत एवं विश्व का भूगोल : भारत एवं विश्व का प्राकृतिक, सामाजिक, आर्थिक भूगोल | Indian and World Geography – Physical, Social, Economic Geography of India and the World

विश्व का भूगोल

  • सामान्य भूगोल
  • भू- आकृति विज्ञान
  • जलवायु विज्ञान
  • समुद्र विज्ञान
  • जैव भूगोल
  • कृषि एवं खनिज
  • उद्योग एवं परिवहन
  • सामाजिक एवं सांस्कृतिक भूगोल
  • विश्व के महाद्वीप

भारत का भूगोल

  • भौतिक विन्यास
  • अफवाह- तंत्र
  • भारत की जलवायु
  • प्राकृतिक वनस्पति एवं  मृदा
  • प्राकृतिक संसाधन
  • भारतीय कृषि
  • उद्योग
  • मानव संसाधन
  • अधिवास
  • परिवहन एवं संचार
  • प्राकृतिक आपदाएं

1.4 भारतीय राज्यतंत्र और शासन- संविधान, राजनीतिक प्रणाली, पंचायती राज, लोकनीति, अधिकारों संबंधी मुद्दे इत्यादि | Indian Polity and Governance – Constitution, Political System, Panchayati Raj, Public Policy, Rights Issues etc

भारतीय राज्य व्यवस्था

  • संवैधानिक विकास
  • भारतीय संविधान प्रस्तावना एवं विशेषताएं
  • संघीय क्षेत्र एवं राज्यों का पुनर्गठन
  • नागरिकता
  • मौलिक अधिकार एवं कर्तव्य
  • राज्य के नीति निदेशक तत्व
  • संघ की कार्यपालिका
  • केंद्रीय व्यवस्थापिका
  • राज्य की कार्यपालिका
  • राज्य व्यवस्थापिका
  • न्यायपालिका संवाद एवं केंद्र राज्य संबंध
  • आपात उपबंध
  • लोक सेवा अधिकरण एवं  राजभाषा
  • संघ राज्य क्षेत्र अनुसूचित जाति  जनजाति क्षेत्रों का प्रशासन
  • कुछ वर्गों के संबंध में विशेष उपबंध
  • स्थानीय स्वशासन
  • निर्वाचन प्रणाली एवं दलीय व्यवस्था
  • जम्मू कश्मीर राज्य
  • संवैधानिक एवं गैर संवैधानिक संस्थाएं
  • संविधान संशोधन
  • संवैधानिक जागरूकता  

1.5 आर्थिक और सामाजिक विकास- सतत् विकास, गरीबी, समावेशन, जनसांख्यिकी, सामाजिक क्षेत्र में की गई पहल आदि | Economic and Social Development, Sustainable Development-Poverty, Inclusion, Demographics, Social Sector initiatives etc

भारतीय अर्थव्यवस्था

  • अर्थव्यवस्था
  • आर्थिक विकास और राष्ट्रीय आय
  • आर्थिक नियोजन
  • जनसंख्या गरीबी और बेरोजगारी
  • सामाजिक कार्यक्रम एवं योजनाएं
  • मुद्रा बाजार एवं पूंजी बाजार
  • भारतीय बैंकिंग व्यवस्था
  • लोक वित्त
  • भारतीय कृषि
  • उद्योग एवं औद्योगिक नीति
  • विदेशी व्यापार एवं निवेश
  • अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थान

1.6 पर्यावरणीय पारिस्थितिकी, जैव-विविधता और जलवायु परिवर्तन संबंधी सामान्य मुद्दे, जिनके लिये विषयगत विशेषज्ञता आवश्यक नहीं है | General issues on Environmental Ecology, Biodiversity and Climate Change – that do not require subject specialization

पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी

  • पर्यावरण
  • पारिस्थितिकी एवं पारिस्थितिक तंत्र
  • जैव समुदाय समुदाय अनुक्रम एवं बायोम
  • जलवायु परिवर्तन
  • पर्यावरणीय प्रदूषण
  • पर्यावरण नियोजन एवं प्रबंधन
  • सतत विकास
  • जैव विविधता

1.7 सामान्य विज्ञान । General Science

भौतिक विज्ञान

  • मात्रक एवं मापन
  •  गति
  •  न्यूटन के गति विषयक नियम
  •  कार्य ऊर्जा एवं सामर्थ्य
  •  गुरुत्वाकर्षण
  •  पदार्थ के गुण
  •  आवर्त गति एवं तरंग
  •  सुषमा
  •  विद्युत की
  •  चुंबकत्व
  •  प्रकाश
  •  इलेक्ट्रॉनिक्स एवं नैनो प्रौद्योगिकी
  • इलेक्ट्रॉन उत्सर्जन एवं विसर्जन  नली
  •  नाभिकीय भौतिकी
  •  संचार प्रणाली
  •  विविध

रसायन विज्ञान

  1. रसायन विज्ञान का परिचय
  2.  द्रव्य की अवस्थाएं
  3.  परमाणु संरचना
  4.  रेडियोएक्टिवता
  5.  रासायनिक बंधता 
  6. रासायनिक अभिक्रिया एवं रासायनिक समीकरण
  7.  विद्युत रसायन
  8.  अम्ल क्षारक एवं लवण
  9. विलयन
  10. सतह  रसायन कॉलईडल अवस्था एवं उत्प्रेरक
  11.  तत्वों का आवर्ती वर्गीकरण
  12.  धातुकर्म
  13.  धातु एवं उनके योगिक
  14.  हाइड्रोजन एवं इसके  योगिक
  15.  अधातु  एवं उनके योगिक
  16.  कार्बनिक रसायन
  17.  जैव- अणु एवं जैव  सक्रीय यौगिक
  18.   खाद्य रसायन
  19.  मानव जीवन में रसायन 
  20. पर्यावरणीय रसायन

जीव विज्ञान

  • जीव विज्ञान एवं परिचय
  •  कोशिका जीवन की इकाई
  •  पादपों एवं जंतुओं का संरचनात्मक संगठन
  •  जीवो का वर्गीकरण
  •  जंतु कार्यकी 
  •  पादप कार्यकी
  •  अनुवांशिकी
  •  जीवन की उत्पत्ति एवं विकास
  •  मानव स्वास्थ्य एवं रोग
  •  कृषि विज्ञान 
  • पशु पालन
  •  जीव विज्ञान एवं मानव कल्याण

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी

  1. परमाणु ऊर्जा
  2. जैव प्रौद्योगिकी 
  3.  कंप्यूटर
  4.  दूरसंचार

सिविल सेवा अभिवृत्ति परीक्षा | Civil Service Aptitude Test Syllabus In Hindi

सिविल सेवा अभिवृत्ति परीक्षा( Civil Service Aptitude Test) Paper-2 को 6 भागों में बांटा गया है जो इस प्रकार है:

S.No.सिविल सेवा अभिवृत्ति परीक्षा | CSAT PAPER-2
1बोधगम्यता | Comprehension
2संचार कौशल सहित अंतर-वैयक्तिक कौशल | Interpersonal skills including communication skills
3तार्किक कौशल एवं विश्लेषणात्मक क्षमता | Logical reasoning and analytical ability
4निर्णय लेना और समस्या समाधान | Decision-making and problem-solving
5सामान्य मानसिक योग्यता | General mental ability
6आधार भूत संख्ययन (संख्याएँ और उनके संबंध, विस्तार-क्रम आदि) (दसवीं कक्षा का स्तर); आँकड़ों का निर्वचन (चार्ज, ग्राफ, तालिका, आँकड़ों की पर्याप्तता आदि- दसवीं कक्षा का स्तर) |
Basic numeracy (numbers and their relations, orders of magnitude, etc.) (Class X level), Data interpretation (charts, graphs, tables, data sufficiency etc. (Class X level)

बोधगम्यता | Comprehension

CSAT पेपर-2 में सबसे अधिक प्रश्न इसी Part से पूछे जाते हैं। Comprehension से अभ्यार्थियों की एकाग्रता की जांच की जाती है  एवं यह भी देखा जाता है कि अभ्यार्थी कैसे एक Comprehension पढ़कर उसमे दिए गए सन्देश को ठीक प्रकाश से समझ पाता है या नहीं।

IAS बनने के बाद विभिन्न  पॉलिसी  से संबंधित बड़ी-बड़ी Files और Documents  पढ़ने होते हैं  तथा उन्हें  पढ़कर  अच्छे से समझ कर ही कोई भी Decision लेना होता है। इसके Part  के लिए कोई Fix syllabus नहीं है।

इस Part  की तैयारी के लिए अभ्यार्थी को विभिन्न विभिन्न Books  की मदद से Practice  करनी चाहिए यही इसकी तैयारी के लिए सबसे अच्छा विकल्प है।

संचार कौशल सहित अंतर-वैयक्तिक कौशल | Interpersonal skills including communication skills

इस Part मैं  अभ्यार्थियों की communication skills  को  परखा जाता है  ताकि समझा जा सके कि  अभ्यार्थी  कैसे अपने सन्देश को कम से कम शब्दों में दूसरे व्यक्ति तक पंहुचा सकते हैं और समझा सकते हैं। इसके लिए भी अलग अलग Books से  तैयारी की जा सकती है। NCERT Books इस विषय में मददगार साबित हो सकती हैं।

S.Noविषय | SUBJECT
1उपमा | Analogies
2महत्वपूर्ण तर्क | Critical Reasoning

तार्किक कौशल एवं विश्लेषणात्मक क्षमता | Logical reasoning and analytical ability

इस Part मैं अभ्यार्थियों के Logical reasoning   यानी तार्किक क्षमता को परखा जाता है। एक IAS के लिए  तार्किक सोच का  होना बहुत जरूरी है। एक तार्किक दिमाग ही दिए गए data का सही Interpretation कर सकता है।

S.No.विषय | SUBJECT
1व्यवस्था के आधार पर तार्किक तर्क | Logical Reasoning Based On Arrangement
2रैंकिंग के आधार पर तार्किक तर्क | Logical Reasoning Based On Ranking
3टीम का गठन | Team Formation
4मात्रात्मक तर्क | Quantitative Reasoning
5अनुक्रम और श्रृंखला | Sequences and Series
6रक्त संबंध | Blood Relation
7दिशा परीक्षण | Direction Test
8पहेली परीक्षण | Puzzle Test

निर्णय लेना और समस्या समाधान | Decision-making and problem-solving

एक अभ्यार्थी जो IAS Officer बनना चाहता है उससे सबसे ज्यादा उम्मीद, सही Decision making की ही होती है। किसी भी समस्या का सबसे सटीक आंकलन तथा उसका निवारण, वो भी निष्पक्ष तथा तार्किक तरीके से, एक IAS officer की quality दर्शाता है।

किसी भी Problem को solve करने के लिए सबसे sustainable तथा most feasible solution क्या हो सकता है इस बात  का परीक्षण  करने के लिए इस Part  से प्रश्न पूछे जाते हैं।

S.Noविषय | SUBJECT
1नैतिक दुविधाओं पर आधारित काल्पनिक प्रश्न | Hypothetical Questions Based On Ethical Dilemmas
2Decoding Facts Logically Into Answer

सामान्य मानसिक योग्यता | General mental ability

सामान्य मानसिक क्षमता (GMA) का परीक्षण सामान्य तौर पर ये टेस्ट करता है कि एक व्यक्ति कैसे सीखता है, कैसे निर्देशों को समझता है, और समस्याओं को हल करता है।

सामान्य मानसिक क्षमता के परीक्षणों में ऐसे पैमाने शामिल हैं जो विशिष्ट निर्माणों जैसे कि मौखिक, यांत्रिक, संख्यात्मक, सामाजिक और स्थानिक क्षमता को मापते हैं।

  • युक्तिवाक्य | Syllogisms
  • तार्किक कटौती | Logical Deductions
  • कथन और निष्कर्ष | Logical Deductions
  • तर्क और कारण | Assertion and Reason
  • कथन और  कार्यवाही | Statement Courses of Action
  • समुच्चय सिद्धांत और वेन आरेख | Set Theory and Venn Diagram
  • नेटवर्क आरेख | Network Diagrams
  • द्विआधारी तर्क के आधार पर मौखिक तर्क | Verbal Reasoning Based on Binary Logic

आधार भूत संख्ययन | Data interpretation

आधार भूत संख्ययन (संख्याएँ और उनके संबंध, विस्तार-क्रम आदि) (दसवीं कक्षा का स्तर); आँकड़ों का निर्वचन (चार्ज, ग्राफ, तालिका, आँकड़ों की पर्याप्तता आदि- दसवीं कक्षा का स्तर | Basic numeracy (numbers and their relations, orders of magnitude, etc.) (Class X level), Data interpretation (charts, graphs, tables, data sufficiency etc. (Class X level)

यह  Part बहुत Important है तथा इससे हर वर्ष प्रश्न पूछे जाते है। Data Interpretation, सही policy बनाने के लिए बहुत ही ज़रूरी है इसलिए इसका परीक्षण भी किया जाता है।

  • संख्या प्रणाली और संख्या श्रृंखला | Number System and Number Series
  • संख्याओं का लघुत्तम समापवर्तक और महत्तम समापवर्तक | HCF and LCM of Numbers
  • भिन्न | Fraction
  • सरलीकरण | Simplification
  •  प्रतिशत | Percentage
  •  औसत | Average
  • अनुपात और समानुपात | Ratio and Proportion
  • साझेदारी और हिस्सेदारी | Partnership and Share
  •  मिश्रण | Mixtures
  • श्रृंखला नियम | Chain Rule
  • समय, कार्य और मजदूरी | Time, Work and Wages
  • नल और टंकी | Pipes and Cisterns
  • लाभ, हानि और छूट | Profit, Loss and Discount
  • साधारण ब्याज | Simple Interest
  •  समय और दूरी | Time and Distance
  •  रेलगाड़ी | Trains
  •  घड़ी | Clocks

UPSC Prelims Exam Previous Year Question Paper

UPSC Prelims General Studies Question Paper

UPSC Prelims Civil Service Aptitude Test Question Paper