UPSC Political Science Syllabus in Hindi

दोस्तों TOP SARKARI RESULT पर आपका स्वागत है, UPSC Syllabus में UPSC Political Science Syllabus in Hindi Optional Paper Syllabus के बारे में बताने से पहले हम आपको कुछ Important Information देना चाहते है।

जैसा की आप जानते है UPSC Exam (Union Public Service Commission Exam) या UPSC Civil Services Exam में आपको तीन चरणों से होकर गुजरना होता है : (1) UPSC Prelims (2) UPSC Main (3) UPSC Interview.

Eligibility for UPSC Exam qualify करने के बाद UPSC Prelims Exam / IAS Prelims या Civil Services Preliminary Examination एक Objective Type Exam जिसमे Minimum Qualifying Marks Obtain करने होते है और उसके आधार पर Final Merit List बनती है।

UPSC Main Exam में हमने Total 9 Paper देने होते है जिसमे UPSC Political Science Optional Paper है UPSC Main Exam में यह Paper-6 और Paper-7 होता है प्रत्येक Paper 250 Marks का होता है यानि (250 + 250 = 500 Marks).

UPSC Exam Syllabus में Total 25 Optional Subject होते है, जिसमे से हमे 1 Subject अपनी इच्छा से चुनना होता है और उस Subject के आधार पर हमे Paper-6 और Paper-7 देना होता है :

UPSC Optional Subject Syllabus | IAS Optional Subject Syllabus in Hindi

UPSC Exam Syllabus के 25 Optional Subject की सूची इस प्रकार है:

  1. UPSC Agriculture Optional Paper
  2. UPSC Animal Husbandry and Veterinary Science Optional Paper
  3. UPSC Anthropology Optional Paper 
  4. UPSC Botany Optional Paper 
  5. UPSC Chemistry Optional Paper 
  6. UPSC Civil Engineering Optional Paper 
  7. UPSC Commerce & Accountancy Optional Paper 
  8. UPSC Economics Optional Paper 
  9. UPSC Electrical Engineering Optional Paper 
  10. UPSC Geography Optional Paper 
  11. UPSC Geology Optional Paper 
  12. UPSC History Optional Paper 
  13. UPSC Law Optional Paper 
  14. UPSC Management Optional Paper 
  15. UPSC Mathematics Optional Paper 
  16. UPSC Mechanical Engineering Optional Paper
  17. UPSC Medical Science Optional Paper 
  18. UPSC Philosophy Optional Paper 
  19. UPSC Physics Optional Paper 
  20. UPSC Political Science & International Relations Optional Paper 
  21. UPSC Psychology Optional Paper 
  22. UPSC Public Administration Optional Paper 
  23. UPSC Sociology Optional Paper 
  24. UPSC Statistics Optional Paper 
  25. UPSC Zoology Optional Paper 

UPSC Political Science And International Relations Optional Paper-I Syllabus in Hindi

राजनीतिक सिद्धांत और भारतीय राजनीति

  • राजनीतिक सिद्धांत अर्थ और दृष्टिकोण।
  • राज्य के सिद्धांत: उदार, नवउदार, मार्क्सवादी, बहुवचनवादी, औपनिवेशिक और नारीवादी।
  • न्याय: रावल के न्याय सिद्धांत और इसकी साम्यवादी आलोचनाओं के विशेष संदर्भ के साथ न्याय की अवधारणाएं।
  • समानता: समानता और स्वतंत्रता के बीच सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक संबंध; सकारात्मक कार्रवाई।
  • अधिकार: अर्थ और सिद्धांत; विभिन्न प्रकार के अधिकार; मानव अधिकारों की अवधारणा।
  • लोकतंत्र: शास्त्रीय और समकालीन सिद्धांत; लोकतंत्र के प्रतिनिधि, सहभागी और विचार-विमर्श के विभिन्न मॉडल।
  • शक्ति, वर्चस्व, विचारधारा और वैधता की अवधारणा।
  • राजनीतिक विचारधारा: उदारवाद, समाजवाद, मार्क्सवाद, फासीवाद, गांधीवाद और नस्लवाद।
  • भारतीय राजनीतिक विचार: धर्मशास्त्र, अर्थशास्त्र और बौद्ध परंपराएं; सर सैयद अहमद खान, एस आर आई अरबिंदो, एम.के. गांधी, बी.आर. अम्बेडकर, M.N. रॉय।
  • पश्चिमी राजनीतिक विचार: प्लेटो, अरिस्टोटल, माचियावेली, हॉब्स, लॉक, जॉन, एस। मिल, मार्क्स, ग्रामसी, हन्ना अरंडट।

भारतीय सरकार और राजनीति

  • भारतीय राष्ट्रवाद: भारत के स्वतंत्रता संग्राम की राजनीतिक रणनीतियां: जनता सत्याग्रह, असहयोग, नागरिक अवज्ञा के लिए संवैधानिकता; आतंकवादी और क्रांतिकारी आंदोलनों, किसान और श्रमिकों की गतिविधियों।
  • भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन पर परिप्रेक्ष्य: लिबरल, सोशलिस्ट और मार्क्सवादी; कट्टरपंथी मानवीय और दलित।
  • भारतीय संविधान बनाना: ब्रिटिश शासन की अवधारणाएं; विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक दृष्टिकोण।
  • भारतीय संविधान की मुख्य विशेषताएं: प्रस्तावना, मौलिक अधिकार और कर्तव्यों, निर्देशक सिद्धांत; संसदीय प्रणाली और संशोधन प्रक्रिया; न्यायिक समीक्षा और मूल संरचना सिद्धांत।
  • केंद्र सरकार के प्रमुख अंग: कार्यकारी, विधानमंडल और सुप्रीम कोर्ट की वास्तविक भूमिका और परिकल्पना की गई।
  • राज्य सरकार के प्रमुख अंगों: कार्यकारी, विधानमंडल और उच्च न्यायालयों की वास्तविक भूमिका और परिकल्पना की गई।
  • ग्रासरूट लोकतंत्र: पंचायती राज और नगरपालिका सरकार; 73 वें और 74 वें संशोधनों का महत्व; ग्रसरूट आंदोलनों।
  • वैधानिक संस्थान / आयोग: चुनाव आयोग, नियंत्रक और महालेखा परीक्षक, वित्त आयोग, संघ लोक सेवा आयोग, अनुसूचित जातियों के लिए राष्ट्रीय आयोग, अनुसूचित जनजातियों के लिए राष्ट्रीय आयोग, महिलाओं के लिए राष्ट्रीय आयोग; राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, अल्पसंख्यक आयोग, राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग।
  • संघवाद: संवैधानिक प्रावधान; केंद्र-राज्य संबंधों की प्रकृति बदलती है; एकीकरणवादी प्रवृत्तियों और क्षेत्रीय आकांक्षाएं; अंतर-राज्य विवाद।
  • योजना और आर्थिक विकास: नेहरूवादी और गांधीवादी दृष्टिकोण; नियोजन और सार्वजनिक क्षेत्र की भूमिका; हरित क्रांति, भूमि सुधार और कृषि संबंध; उदारीकरण और आर्थिक सुधार।
  • भारतीय राजनीति :में जाति, धर्म और नस्ल।
  • पार्टी सिस्टम: राष्ट्रीय और क्षेत्रीय राजनीतिक दलों, पार्टियों के विचारधारात्मक और सामाजिक आधार; गठबंधन राजनीति के पैटर्न; दबाव समूह, चुनावी व्यवहार में रुझान; विधायकों के सामाजिक-आर्थिक प्रोफाइल को बदलना।
  • सामाजिक आंदोलन: नागरिक स्वतंत्रता और मानवाधिकार आंदोलन; महिला आंदोलन; पर्यावरणवादी आंदोलनों।

UPSC Political Science And International Relations Optional Paper-II Syllabus in Hindi

तुलनात्मक राजनीतिक विश्लेषण और अंतर्राष्ट्रीय राजनीति

  • तुलनात्मक राजनीति: प्रकृति और प्रमुख दृष्टिकोण; राजनीतिक अर्थव्यवस्था और राजनीतिक समाजशास्त्र दृष्टिकोण; तुलनात्मक विधि की सीमाएं।
  • तुलनात्मक परिप्रेक्ष्य में राज्य: पूंजीवादी और समाजवादी अर्थव्यवस्थाओं में राज्य की विशेषताएं और बदलती प्रकृति, और उन्नत औद्योगिक और विकासशील समाज।
  • प्रतिनिधित्व और भागीदारी की राजनीति: उन्नत औद्योगिक और विकासशील समाजों में राजनीतिक दलों, दबाव समूहों और सामाजिक आंदोलनों।
  • वैश्वीकरण: विकसित और विकासशील समाजों के जवाब।
  • अंतरराष्ट्रीय संबंधों के अध्ययन के दृष्टिकोण: आदर्शवादी, यथार्थवादी, मार्क्सवादी, कार्यकर्ता और सिस्टम सिद्धांत।
  • अंतर्राष्ट्रीय संबंधों में महत्वपूर्ण अवधारणाएं: राष्ट्रीय हित, सुरक्षा और शक्ति; शक्ति और प्रतिरोध का संतुलन; अंतर्राष्ट्रीय अभिनेताओं और सामूहिक सुरक्षा; विश्व पूंजीवादी अर्थव्यवस्था और वैश्वीकरण।
  • अंतर्राष्ट्रीय राजनीतिक आदेश बदलना:(1). सुपर शक्तियों का उदय; सामरिक और वैचारिक द्विपक्षीयता, हथियारों की दौड़ और शीत युद्ध; परमाणु खतरा; (2). गैर-अलंकृत आंदोलन: लक्ष्य और उपलब्धियां; (3) सोवियत संघ का पतन; एकता और अमेरिकी विरासत; समकालीन दुनिया में गैर संरेखण की प्रासंगिकता।
  • अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक प्रणाली का विकास: ब्रेटनवुड से डब्ल्यूटीओ तक; समाजवादी अर्थव्यवस्थाएं और सीएमईए (म्यूचुअल इकोनॉमिक असिस्टेंस काउंसिल); तीसरी दुनिया की नई अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक व्यवस्था की मांग; विश्व अर्थव्यवस्था का वैश्वीकरण।
  • संयुक्त राष्ट्र: परिकल्पना की भूमिका और वास्तविक रिकॉर्ड; विशिष्ट संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों-उद्देश्य और कार्य; संयुक्त राष्ट्र सुधारों की आवश्यकता है।  
  • विश्व राजनीति के क्षेत्रीयकरण: यूरोपीय संघ, आसियान, एपीईसी, सार्क, नाफ्टा।
  • समकालीन वैश्विक चिंता: लोकतंत्र, मानव अधिकार, पर्यावरण, लिंग न्याय, आतंकवाद, परमाणु प्रसार। 

भारत और विश्व

  • भारतीय विदेश नीति: विदेशी नीति के निर्धारक; नीति बनाने के संस्थान; निरंतरता और परिवर्तन।
  • गैर-संरेखण आंदोलन में भारत का योगदान: विभिन्न चरणों; वर्तमान भूमिका।
  • भारत और दक्षिण एशिया: क्षेत्रीय सहयोग: सार्क ‘पिछले प्रदर्शन और भविष्य की संभावनाएं। ख। एक मुक्त व्यापार क्षेत्र के रूप में दक्षिण एशिया। सी। भारत की “लुक ईस्ट” नीति। क्षेत्रीय सहयोग के लिए प्रभाव: नदी के पानी के विवाद; अवैध सीमा पार प्रवासन; जातीय संघर्ष और विद्रोह; सीमा विवाद।
  • भारत और वैश्विक दक्षिण: अफ्रीका और लैटिन अमेरिका के साथ संबंध; एनआईईओ और डब्ल्यूटीओ वार्ता की मांग में नेतृत्व की भूमिका।
  • भारत और वैश्विक शक्ति केंद्र: यूएसए, ईयू, जापान, चीन और रूस।
  • भारत और संयुक्त राष्ट्र प्रणाली: संयुक्त राष्ट्र शांति-पालन में भूमिका; सुरक्षा परिषद में स्थायी सीट की मांग।
  • भारत और परमाणु प्रश्न: धारणाओं और नीति को बदलना।
  • भारतीय विदेश नीति में हाल के घटनाक्रम: अफगानिस्तान, इराक और पश्चिम एशिया में हालिया संकट पर भारत की स्थिति, अमेरिका और इज़राइल के साथ बढ़ते संबंध; एक नए विश्व व्यवस्था की दृष्टि।

IAS | UPSC Previous Year Question Paper 

किसी भी Government Job Exam को Crack करने के लिए उस Exam का Exam Pattern और Exam Syllabus दोनों ही जानना जरूरी है IAS | UPSC Political Science Previous Year Question Paper नीचे दिए गए हैं : 

UPSC Political Science Optional Paper-1 Download

UPSC Political Science Optional Paper-2 Download

UPSC Political Science Syllabus in Hindi Optional Paper pdf

UPSC Civil Services Exam Syllabus PDF

आशा करते हैं इस Blog में दी गई जानकारी आपको UPSC Civil Services Exam को Crack करने में आपके लिए सहायक सिद्ध हो ।

UPSC Statistics Optional Paper Syllabus in Hindi

दोस्तों TOP SARKARI RESULT पर आपका स्वागत है, UPSC Syllabus में UPSC Statistics Syllabus in Hindi Optional Paper Syllabus के बारे में बताने से पहले हम आपको कुछ Important Information देना चाहते है।

जैसा की आप जानते है UPSC Exam (Union Public Service Commission Exam) या UPSC Civil Services Exam में आपको तीन चरणों से होकर गुजरना होता है : (1) UPSC Prelims (2) UPSC Main (3) UPSC Interview.

Eligibility for UPSC Exam qualify करने के बाद UPSC Prelims Exam / IAS Prelims या Civil Services Preliminary Examination एक Objective Type Exam जिसमे Minimum Qualifying Marks Obtain करने होते है और उसके आधार पर Final Merit List बनती है।

UPSC Main Exam में हमने Total 9 Paper देने होते है जिसमे UPSC Statistics Optional Paper है UPSC Main Exam में यह Paper-6 और Paper-7 होता है प्रत्येक Paper 250 Marks का होता है यानि (250 + 250 = 500 Marks).

UPSC Exam Syllabus में Total 25 Optional Subject होते है, जिसमे से हमे 1 Subject अपनी इच्छा से चुनना होता है और उस Subject के आधार पर हमे Paper-6 और Paper-7 देना होता है :

UPSC Optional Subject Syllabus | IAS Optional Subject Syllabus in Hindi

UPSC Exam Syllabus के 25 Optional Subject की सूची इस प्रकार है:

  1. UPSC Agriculture Optional Paper
  2. UPSC Animal Husbandry and Veterinary Science Optional Paper
  3. UPSC Anthropology Optional Paper 
  4. UPSC Botany Optional Paper 
  5. UPSC Chemistry Optional Paper 
  6. UPSC Civil Engineering Optional Paper 
  7. UPSC Commerce & Accountancy Optional Paper 
  8. UPSC Economics Optional Paper 
  9. UPSC Electrical Engineering Optional Paper 
  10. UPSC Geography Optional Paper 
  11. UPSC Geology Optional Paper 
  12. UPSC History Optional Paper 
  13. UPSC Law Optional Paper 
  14. UPSC Management Optional Paper 
  15. UPSC Mathematics Optional Paper 
  16. UPSC Mechanical Engineering Optional Paper
  17. UPSC Medical Science Optional Paper 
  18. UPSC Philosophy Optional Paper 
  19. UPSC Physics Optional Paper 
  20. UPSC Political Science & International Relations Optional Paper 
  21. UPSC Psychology Optional Paper 
  22. UPSC Public Administration Optional Paper 
  23. UPSC Sociology Optional Paper 
  24. UPSC Statistics Optional Paper 
  25. UPSC Zoology Optional Paper 

UPSC Statistics Optional Paper-I in Hindi

प्रायिकता :

  • प्रतिदर्श समष्टि एवं अनुवृत्त, प्रायिकता माप एवं प्रायिकता समष्टि, मेयफलन के रूप में याइच्छिक चर, याहच्छिक चर का बंटन फलन, असंतत एवं संतत-प्ररूप यादह्ृच्छिकचर, प्रायिकता द्रव्यमान फलन, प्रायिकता घनत्व फलन, सदिशमान याइच्छिकचर, उपांत एवं सप्रतिबंध बंटन, अनुवृत्तों का एवं याहच्छिक चरों का प्रसंभाव्य स्वातंत्रय, याह्ृच्छिक चर की प्रत्याशा एवं आधूर्ण, सप्रतिबंध प्रत्याशा, याइच्छिक चर का अनुक्रम में अभिसरण, बंटन मेँ प्रायिकता में p-th माध्य मैं, एवं लगभग हर जगह, उनका निकष एवं अंतसंबंध, शेबीशेव असमिका तथा खिशिन का वृहद्‌ संख्याओं का दुर्बल नियम, वृहद्‌ संख्याओं का प्रबल नियम एवं कालमोगोरोफ प्रमेय, प्रायिकता जनन फलन, आधघूर्ण जनन फलन, अभिलक्षण फलन, प्रतिलोमन प्रमेय, केन्द्रीय सीमा प्रमेय के लिंडरबर्ग एवं लेवी प्रारूप, मानक असंतत एवं संतत प्रायिकता बंटन।

सांख्यिकीय अनुमिति :

  • संगति, अनभिनतता, दक्षता, पूर्णता, सहायक आंकड़े, गुणन खंडन-प्रमेय, बंटन चरघांता की कुल और इसके गुणधर्म, एकसमान अल्पतम-प्रसरण अनभिनत (UMVU) आकलन, राव-ब्लैकवेल एवं लेहमैन-शिफ प्रमेय, एकल प्राचल के लिए क्रेमर-राव असमिका, आधघूर्ण विधियों दवारा आकलन अधिकतम संभाविता, अल्पतम वर्ग, न्यूनतम काई वर्ग एवं रूपांतरित न्यूनतम काई वर्ग, अधिकतम संभाविता  एवं अन्य अकलकों के गुणधर्म, उपागामी दक्षता, पूर्व एवं पश्च बंटन, हानि फलन, जोखिम फलन तथा अल्पमहिष्ट आकलन।
  • बेज आकलन, अयाइचूछिकीकृत तथा याइच्छिकीकृत परीक्षण, क्राँतिक फलन, ‘श7 परीक्षण, नेमैन-पिअर्सन प्रमेयिका, UMP परीक्षण, एकदिष्ट संभाविता अनुपात, समरूप एवं अनभिनत परीक्षण, एकल प्राचल के लिए UMPU परीक्षण, संभाविता अनुपात परीक्षण एवं इसका उपागामी, बंटन, विश्वास्यता परिबंध एवं परीक्षणों के साथ इसका संबंध।
  • सभंजन-सुष्ठुता एवं इसकी संगति के लिए कोल्मोगोरोफ परीक्षण, चिह्न परीक्षण एवं इसका इष्टतमत्व, विलकॉफक्सन चिन्हित-कोटि परीक्षण एवं इसकी संगति, कोल्मोगोरोफ-स्मिरनोफ दूवि-प्रतिदर्श प्रशिक्षण, रन परीक्षण, विल्कॉक्सन-मैन ब्हिटनी परीक्षण एवं माध्यिका परीक्षण, उनकी संगति तथा उपगामी प्रसामान्यता, वाल्ड का SPRT एवं इसके गुणधर्म बर्नूली, प्वासों, प्रसामान्य एवं चरघातांकी बंटनों के लिए प्राचलों के बारे में परीक्षणों के लिए OC एवं ASN फलन, वाल्ड का मूल तत्समक।

रैखिक अनुमिति एवं बहुचर विश्लेषण

  • रैखिक सांख्यिकीय निदर्श, न्यूनतम वर्ग सिद्धांत एवं प्रसरण विश्लेषण, गॉस-मारकोफ सिद्धांत, प्रसामान्य समीकरण, न्यूनतम वर्ग आकलन एवं उनकी परिशुद्धता, एकमार्गी, दविमार्गी एवं ब्रिमार्गी वर्गीकृत न्यास मैं न्यूनतम वर्ग सिद्धांत पर आधारित अंतराल आकल तथा सार्थकता परीक्षण, समाश्रयण विश्लेषण रैखिक समाश्रयण, वक्ररेखी समाश्रयण एवं लांबिक बहुपद, बहु समाश्रयण, बहु एवं आंशिक सहसंबंध, प्रसरण एवं सहप्रसरण घटक आकलन, बहुचर प्रसामान्य बंटन, महालनोबिस-D2  एवं हॉटेलिंग T2 आंकड़े तथा उनका अनुप्रयोग एवं गुणधर्म विविक्तकर विश्लेषण, विहित सहसंबंध, मुख्य घटक विश्लेषण।

प्रतिचयन सिद्धांत एवं प्रयोग अभिकल्प :

  • स्थिर-समष्टि एवं अधिसमष्टि उपागमों की रूपरेखा, परिमित समष्टि प्रतिचयन के विविक्तकारी लक्षण, प्रायिकता प्रतिचयन अभिकलप, प्रतिस्थापन के साथ या उसके बिना सरल याद्ृच्छिक प्रतिचयन, स्तरित याइच्छिक प्रतिचयन, क्रमबद्ध प्रतिचयन एवं इसकी क्षमता, गुच्छ प्रतिचयन, दविचरण एवं बहुचरण प्रतिचयन, एक या दो सहायक चर शामिलत्र करते हुए आकलन की अनुपात एवं समाश्रयण विधियां, दविप्रावस्था प्रतिचयन, प्रतिस्थापन के साथ या उसके बिना आमाप आनुपातिक प्रायिकता, हैसेन-हरविट्ज एवं हॉरविट्ज-थाम्पसन आकलन, हॉरविट्ज-थाम्पसन, आकलन के संदर्भ में ऋणेतर प्रसरण आकलन, अप्रतिचयन त्रुटियां, नियम प्रभाव निदर्श (द्विमार्गी वर्गीकरण) याइच्छिक एवं मिश्रित प्रभाव निदश (प्रतिसेल समान प्रेक्षण के साथ दविमार्गी वर्गीकरण) CRD, RBD, LSD एवं उनके विश्लेषण, अपूर्ण ब्लॉक अभिकल्प, लांबिकता एवं संतुलन की संकल्पनाएं, BIBD, अप्राप्त क्षेत्रक प्रविधि, बहु-उपादानी प्रयोग तथा बहु-उपादानी प्रयोग में 2n। एवं 32 संकरण, विभकत क्षैत्र एवं सरल जालक अभिकल्पना, आंकड़ा रूपांतरण डंकन का बहुपरासी परीक्षण।

UPSC Statistics Optional Paper-II in Hindi

औदूयोगिक सांख्यिकी :

  • प्रक्रिया एवं उत्पाद नियंत्रण, नियंत्रण चार्टों का सामान्य सिद्धांत, चरों एवं गुणों के लिए विभिन्‍न प्रकार के नियंत्रण चार्ट X,R, s,p, np एवं c – चार्ट, संचयी योग चार्ट, गुणों के लिए एकश:, दृविश: बहुक एवं अनुक्रमिक प्रतिचयन योजनाएं, OC, ASN, AOQ एवं ATI वक्र, उत्पादक एवं उपभोक्ता जोखिम की संकल्पनाएं, AQL, LTPD  एवं AOQL, चरों के लिए प्रतिचयन योजना, डॉज-रोमिंग सारणीयों का प्रयोग।
  • विश्वास्यता की संकल्पना, विफलता दर एवं विश्वास्यता फलन, श्रेणियों, समांतर प्रणालियों एवं अन्य सरल विन्यासों की विश्वास्यता, नवीकरण घनत्व एवं नवीकरण फलन, विफलता प्रतिदर्श : चरघातांकी, विबुल, प्रसामान्य, लॉग प्रसामान्य।
  • आयु परीक्षण में समस्याएं, चरघातांकी निदर्शों के लिए खंडवर्जित एवं रूंदित प्रयोग।

इष्टतमीकरण प्रविधियां :

  • संक्रिया विज्ञान में विभिन्‍न प्रकार के निदर्श, उनकी रचना एवं हल की सामान्य विधियां, अनुकार एवं मॉण्टे-कार्लों विधियां, रैखिक प्रोग्राम (LP) समस्या का सूत्रीकरण, सरल LP निदर्श एवं इसका आलेखीय हल, प्रसमुच्च्य प्रक्रिया, कृत्रिम चरों के साथ M-प्रविधि एवं दविप्रावस्था विधि, LP का दूवैध सिद्धांत एवं इसकी आर्थिक विवक्षा, सुग्राहिता विश्लेषण, परिवहन एवं नियतन समस्या, आयातित खेल, दो-व्यक्ति शून्य योग खेल, हल विधियां (आलेखीय एवं बीजीय)।
  • हासशील एवं विकृत मर्दों का प्रतिस्थापन, समूहों एवं व्यष्टि प्रतिस्थापन नीतियां, वैज्ञानिक सामग्री-सूची प्रबंधन की संकल्पना एवं सामग्री सूची समस्याओं की विश्लेषी संरचना, अग्रता काल के साथ या उसके बिना निर्धारणात्मक एवं प्रसंभाव्य मांगों के साथ सरल निदश, डैम प्रारूप के विशेष संदर्भ के साथ भंडारण निदर्श।
  • समांगी विविक्त काल मार्कोव श्रृंखलाएं, संक्रमण प्रायिकता आव्यूह, अवस्थाओं एवं अभ्यतिप्राय प्रमेयों का वर्गीकरण, समांगी सततकाल, मार्कोव श्रृंखला, प्वासो प्रक्रिया, पंक्ति सिद्धांत के तत्व .M/M/1, M/M/K, G/M/1 एवं M/G/1 पंक्तियां।  
  • कम्प्यूटरों पर SPSS जैसे जाने-माने सांख्यिकीय सॉफ्टवेयर पैकेजों का प्रयोग कर सांख्यिकीय समस्याओं के हल प्राप्त करना।

मात्रात्मक अर्थशास्त्र एवं राजकीय आंकड़े :

  • प्रवृत्ति निर्धारण, मौसमी एवं चक्रीय घटक, बॉक्स-जेन्किंस विधि, अनुपनत श्रेणी परीक्षण, ARIMA निदर्श एवं स्वसमाश्रयी तथा गतिमान माध्य घटकों का क्रम निधौरण, पूर्वनुमान, सामान्यत: प्रयुक्त सूचकांक-लास्पियर, पाशे एवं फिशर के आदर्श सूचकांक, श्रृंखला आधार सूचकांक, सूचकांकों के उपयोग और सीमाएं, थोक कीमतों, उपभोक्ता कीमतों, कृषि उत्पादन एवं औद्योगिक उत्पादन के सूचकांक, सूचकांकों के लिए परीक्षण- आनुपातिकता, काल्-विपर्यय, उपादान उत्क्रमण एवं वृत्तीय।
  • सामान्य रैखिक निदर्श, साधारण न्यूनतम वर्ग एवं सामान्यीकृत न्यूनतम वर्ग, प्राककलन विधियां, बहुसरेखता की समस्या, बहुसरेखता के परिणाम एवं हल, स्वसहबंध एवं इसका परिणाम, विक्षोभों की विषम विचालिता एवं इसका परीक्षण, विक्षोभों के स्वात्रंत्य का परीक्षण।
  • संरचना की संकल्पना एवं युगपत समीकरण निदर्श, अभिनिर्धारण समस्या-अभिज्ञेयता की कोटि एवं क्रम प्रतिबंध, प्राककलन की दृविप्रावस्था न्यूनतम वर्ग विधि। भारत में जनसंख्या, कृषि, औदयोगिक उत्पादन, व्यापार एवं कीमतों के संबंध में वर्तमान राजकीय सांख्यिकीय प्रणाली, राजकीय आंकड़े ग्रहण की विधियां, उनकी विश्वसनीयता एवं सीमाएं, ऐसे आंकड़ों वाले मुख्य प्रकाशन, आंकड़ों के संग्रहण के लिए जिम्मेवार विभिन्‍न राजकीय अभिकरण एवं उनकी प्रमुख कार्य।

जनसांख्यिकी एवं मनोमिति:

  • जनगणना, पंजीकरण, NSS एवं अन्य सर्वेक्षणों से जनसांख्यिकीय आंकड़ें, उनकी सीमाएं एवं उपयोग, व्याख्या, जन्म मरण दरों और अनुपातों की रचना एवं उपयोग, जननक्षमता की माप, जनन दरें, रुग्णता दर, मानकीकृत मृत्यु दर, पूर्ण एवं संक्षिप्त वय सारणियां, जन्म मरण आंकड़ों एवं जनगणना विवरणियों से वय सारणियों की रचना, वय सारणियों के उपयोग, वृद्धिघात एवं अन्य जनसंख्या वृद्धि वक्र, वृद्धि घात वक्र समंजन, जनसंख्या प्रक्षेप, स्थिर जनसंख्या, स्थिरकल्प जनसंख्या, जनसांख्यिकीय प्राचलों के आकलन मैं प्रविधियां, मृत्यु के कारण के आधार पर मानक वर्गीकरण, स्वास्थ्य सर्वेक्षण एवं अस्पताल आंकड़ों का उपयोग। मापनियों एवं परीक्षणों के मानकीकरण की विधियां, Z-समंक, मानक समंक, ‘-समंक, शततमक समंक, बुद्धि लब्धि एवं इसका मापन एवं उपयोग, परीक्षण समंकों की वैधता एवं विश्वसनीयता एवं इसका निर्धारण, मनोमिति में उपादान विश्लेषण एवं पथविश्लेषण का उपयोग।

IAS | UPSC Previous Year Question Paper 

किसी भी Government Job Exam को Crack करने के लिए उस Exam का Exam Pattern और Exam Syllabus दोनों ही जानना जरूरी है IAS | UPSC Statistics Previous Year Question Paper नीचे दिए गए हैं : 

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आशा करते हैं इस Blog में दी गई जानकारी आपको UPSC Civil Services Exam को Crack करने में आपके लिए सहायक सिद्ध हो ।

UPSC Medical Science Syllabus in Hindi

दोस्तों TOP SARKARI RESULT पर आपका स्वागत है, UPSC Syllabus में UPSC Medical Science Syllabus in Hindi Optional Paper Syllabus के बारे में बताने से पहले हम आपको कुछ Important Information देना चाहते है।

जैसा की आप जानते है UPSC Exam (Union Public Service Commission Exam) या UPSC Civil Services Exam में आपको तीन चरणों से होकर गुजरना होता है : (1) UPSC Prelims (2) UPSC Main (3) UPSC Interview.

Eligibility for UPSC Exam qualify करने के बाद UPSC Prelims Exam / IAS Prelims या Civil Services Preliminary Examination एक Objective Type Exam जिसमे Minimum Qualifying Marks Obtain करने होते है और उसके आधार पर Final Merit List बनती है।

UPSC Main Exam में हमने Total 9 Paper देने होते है जिसमे UPSC Medical Science Optional Paper है UPSC Main Exam में यह Paper-6 और Paper-7 होता है प्रत्येक Paper 250 Marks का होता है यानि (250 + 250 = 500 Marks).

UPSC Exam Syllabus में Total 25 Optional Subject होते है, जिसमे से हमे 1 Subject अपनी इच्छा से चुनना होता है और उस Subject के आधार पर हमे Paper-6 और Paper-7 देना होता है :

UPSC Optional Subject Syllabus | IAS Optional Subject Syllabus in Hindi

UPSC Exam Syllabus के 25 Optional Subject की सूची इस प्रकार है:

  1. UPSC Agriculture Optional Paper
  2. UPSC Animal Husbandry and Veterinary Science Optional Paper
  3. UPSC Anthropology Optional Paper 
  4. UPSC Botany Optional Paper 
  5. UPSC Chemistry Optional Paper 
  6. UPSC Civil Engineering Optional Paper 
  7. UPSC Commerce & Accountancy Optional Paper 
  8. UPSC Economics Optional Paper 
  9. UPSC Electrical Engineering Optional Paper 
  10. UPSC Geography Optional Paper 
  11. UPSC Geology Optional Paper 
  12. UPSC History Optional Paper 
  13. UPSC Law Optional Paper 
  14. UPSC Management Optional Paper 
  15. UPSC Mathematics Optional Paper 
  16. UPSC Mechanical Engineering Optional Paper
  17. UPSC Medical Science Optional Paper 
  18. UPSC Philosophy Optional Paper 
  19. UPSC Physics Optional Paper 
  20. UPSC Political Science & International Relations Optional Paper 
  21. UPSC Psychology Optional Paper 
  22. UPSC Public Administration Optional Paper 
  23. UPSC Sociology Optional Paper 
  24. UPSC Statistics Optional Paper 
  25. UPSC Zoology Optional Paper 

UPSC MEDICAL SCIENCE OPTIONAL PAPER-I

मानवशरीर :

  • उपरि एवं अधोशाखाओं, स्कंधसंधियों, कूल्हे एवं कलाई में रक्त एवं तंत्रिका संभरण समेत अनुप्रयुक्त शरीर।
  • सकलशरीर सक्‍तसंभरण एवं जिहवा का लिंफीय अपवाह, थायरॉइड, स्तन ग्रंथि, जठर यकृत, प्रोस्टेट, जननग्रंथि एवं गभौशय।
  • डायाफ्राम, पेरीनियग एवं चंक्षणप्रदेश का अनुप्रयुक्त शरीर।
  • वृक्‍क, मूत्राशय, गर्भाश्य नलिकाओं, शुक्रवाहिकाओं का रोगलक्षण शरीर।

भ्रूण विज्ञान :

  • अपरा एवं अपरा रोध, हृदय, आंत्र वृकक्‍क, गर्भाशय डिम्बग्रंथि वृषण का विकास एवं उनकी सामान्य जन्मजात असामान्यताएं।

केन्द्रीय एवं परिसरीय स्वसंचालित तंत्रिका तंत्र :

  • मस्तिक के निलयों, प्रमस्तिकमेरू द्रव के परिभ्रमण का सकल एवं रोगलक्षण शरीर, तंत्रिका मार्ग त्वचीय संवेदन, श्रवण एवं दृष्टि विक्षति, कपाल तंत्रिकाएं, वितरण एवं रोगलाक्षिणक महत्व, स्वसंचालित तंत्रिका तंत्र के अवयव।

मानव शरीर क्रिया विज्ञान :

  • अवेग का चालन एवं संचरण, संकुचन की क्रियाविधि, पंत्रिका-पेशीय संचरण, प्रतिवर्त, संतुलन नियंत्रण, संस्थिति एवं पेशी-तान, अवरोही मार्ग, अनुमस्तिष्क के कार्य, आधारी गंडिकाएं, निद्रा एवं चेतना का क्रियाविज्ञान।

अंत: स्त्रावी तंत्र :

  • हार्मोन क्रिया की क्रियाविधि, रचना स्त्रवण, परिवहन, उपापचय, पैंक्रियाज एवं पीयूष ग्रंथि के कार्य एवं स्त्रवण नियमन।

जनन तंत्र का क्रिया विज्ञान :

  • आर्तवचक स्तन्यस्त्रवण, सगर्भता।

रक्‍त :

  • विकास, नियमन एवं रक्‍तकोशिकाओं का परिणाम।
  • हदवाहिका, हदनिस्पादन, रक्‍तदाब, हृदवाहिकी कार्य का नियमन।

जैव रसायन :

  • अंगकार्य परीक्षण – यकृत, वृक्‍क, थायरॉइड। # प्रोटीन संश्लेषण।
  • विटामिन एवं खनिज।
  • निर्बन्धन विखंड दैध्य बहुरूपता (RFLP)
  • पॉलीमेरेज श्रृंखला प्रतिक्रिया (PCR)
  • रैडियो- इम्यूनोऐसे (RIC)

विकृति विज्ञान :

  • थोथ एवं विरोहण, वृद्धि विक्षोभ एवं कैन्सर, रहयूमैटिक एवं इस्कीमिक हृदय रोग एवं डायबिटीज मेलिटस का विकृतिजनन एवं ऊतकविकृति विज्ञान। सुदम्य, दुर्दम, प्राथमिक एवं विक्षेपी दुर्दमता मेँ विभेदन, श्रवसनीजन्य कार्सिनोमा, मुख कैंसर, ग्रीवा कैंसर, ल्यूकीमिया, यकृत सिरोसिस स्तवकवृशोथा, यक्षमा, तीव्र अस्थिमज्जाशोथ का हैतु, विकृतिजनन एवं ऊतक विकृति विज्ञान।

सूक्ष्म जेविकी :

देहद्रवी एवं कोशिका माध्यमित रोगक्षमता। निम्नलिखित रोग कारक एवं उनका प्रयोगशाला निदान:-

  • मेैंनिगोकॉक्वस, सालमोनेला
  • शिगेल्रा, हर्षज, डेंगू, पोलियो
  • HIV/AIDS, मलेरिया, ई-हिस्टोलिटिका, गियार्डिया।
  • कैंडिड, क्रिप्टोकॉवक्स, ऐस्पर्जिलस

भेषजगुण विज्ञान :

निम्नलिखित औषधों के कार्य की क्रियाविधि एवं पार्श्वप्रभाव:- ऐन्टिपायरेटिक्स, एवं एनाल्‍जेसिक्स, ऐन्टिबायोटिक्स, ऐक्टिमलेरिया, ऐक्टिकालाजार, ऐन्टिबायोटिक्स।

  • ऐन्टिहायपरटेंसिव, ऐन्टिडाइयूरेटिक्स, सामान्य एवं हद वासोडिलेटर्स ऐन्टिवाइरल, ऐन्टिपैरासिटिक, ऐन्टीफंगल, इम्यूनोसप्रेशैंट्स
  • ऐन्टिकेंसर

न्याय संबंधी ऑषध एवं विषविज्ञान :

  • क्षति एवं घावों की न्यायालयी परीक्षा, रकृत एवं शुक्र धब्बों की परीक्षा, विषाक्तता, शामक अतिमात्रा, फाँसी, डूबना, जलना, DNN एवं फिंगरप्रिंट अध्ययन।

UPSC MEDICAL SCIENCE OPTIONAL PAPER-II

सामान्य कायचिकित्सा :

  • टेटनस, रैबीज, AIDS डेंग्यू, काला-आजार, जापानी एन्सेफेलाइटिस का हेतु, रोग लक्षण विशेषताएं, निदान एवं प्रबंधन के सिद्धांत।
  • इस्कीमिक हृदय रोग, फुफ्फस अंत: शल्यता, श्वसनी अस्थमा, फुफ्फसावरणी नि:सरण, यक्ष्मा, अपावशोषण संलक्षण, अम्ल पेष्टिक रोग, विषागुज यकृतशोध एवं यकृत सिरोसिस।
  • स्तवकवृक्‍कशोथ एवं गोणिकावृकक्‍्कशोथ, वृक्‍कपात, संलक्षण, वृक्‍कीय संलक्षण, वृकक्‍्कवाहिका अतिरिक्तदाब, डायबीटीज मेलिटस के उपद्रव, स्कंदनविकार, ल्यूकीमिया अव-एवं-अति-थॉयराइडिज्म, मेनिन्‍्जायटिस एवं एन्सेफेलाइटिस।
  • चिकित्सकीय समस्याओं में इमेजिंग, अल्ट्रासाउंड ईको कार्डियोग्राम, CT ‘स्कैन, MRI, चिंता एवं अवसाद मनोविक्षिप्ति एवं विखंडित- मनस्कता तथा E.C.T.

बाल रोग विज्ञान :

  • रोगप्रतिरोधीकरण, बेबी-फ्रेंडली अस्पताल, जन्मजात श्याव हृदय रोग श्वसन विक्षोभ संलक्षण, श्वसनी- फुफ्फुसशोथ, प्रमस्तिकीय नवजात कामला, IMNCI वर्गीकरण एवं प्रबंध PEM, कोटिकरण एवं प्रबंध IARI एवं पांच वर्ष से छोटे शिशुओं की प्रवाहिका एवं उसका प्रबंध।

त्वचा विज्ञान :

  • सोरिएसिस एलर्जिक उर्मेटाइटिस, स्केबीज, एक्जीमा विटिलिगो, स्टीवन-जॉनसन संलक्षण, लाइकेन प्लेनस।

सामान्य शल्य चिकित्सा :

  • खंडतालु खंडोष्ठ की रोगलक्षण विशेषता, कारण एवं प्रबंध के सिद्धांत।
  • स्वसयंत्रीय अर्बुद, मुख एवं ईसोफेगस अर्बुद।
  • परिधीय धमनी रोग, वैरिकोज वेन्स, महाधमनी संकुचन थायरॉइड, अधिवृक्क ग्रंथि के अबुद।
  • फोड़ा, कैंसर, स्तन का तंतुग्रंथि अर्बुद एवं ग्रथिल्ता पेप्टिक अल्सर रक्तस्राव, आंत्र यक्ष्मा,  अल्सरेटिव कोलाइटिस, जठर कैंसर वृक्‍क मास, प्रोस्टेट कैंसर, हीमोथोरैक्स, पिताशय,वृकक्‍क यूरेटर एवं मूत्राशय की पथरी, रेकक्‍्टम, एनस, एनल, कैनल, पिताशय एवं पितवाहिनी की शल्य दशाओं का प्रबंध।
  • स्प्लीनोमेगैली, कॉलीसिस्टाइटिस, पोर्टल अतिरिक्त दाब, यकृत फोड़ा, पेरीटोनाइटिस, पैंक्रियाज शीर्ष कार्सिनोमा, रीढ़ विभंग, कोली विभंग एवं अस्थि टयूमर।
  • एंडोस्कोपी।
  • लेप्रोस्कोपिक सर्जरी।

प्रसूति विज्ञान एवं परिवार नियोजन समेत स्त्री रोग विज्ञान :

सगर्भता का निदान

  • प्रसव प्रबंध, तृतीय चरण के उपद्रव, प्रसवपूर्ण एवं प्रसवोतर रक्त स्त्राव, नवजात का पुनरूजीवन, असामान्य स्थिति एवं कठिन प्रसव का प्रबंध, कालपूर्व (प्रसव) नवजात का प्रबंध।
  • अरक्‍्तता का निदान एवं प्रबंध।
  • सगर्भता का प्रीएक्लैप्सिया एवं टॉकसीमिया, रजोनिवृत्युत्तर संलक्षण का प्रबंध, इंट्रा-यूटेरीन युक्तियां, गोलियां, टयूबेक्टॉमी एवं वैसेक्टॉमी।
  • सगर्भता का चिकित्सकीय समापन जिसमें विधिक पहलू शामिल्र है।
  • ग्रीवा कैंसर
  • ल्यूरोटिया, श्रोणि वेदना, बंध्यता, डिसफंक्शनल यूटेरीन रक्तस्त्राव (DUB) अमीनोरिया, यूटरस का तंतुपेशी अर्बुद एवं अ्ंश।

समुदाय कायचिकित्सा (निवारक एवं समाजिक काय चिकित्सा):

  • सिद्धांत, प्रणाली, उपागम एवं जानपादिक रोग विज्ञान का मापन; पोषण, पोषण संबंधी रोग/विकार एवं पोषण कार्यक्रम।
  • स्वास्थ्य सूचना संग्रहण, विश्लेषण एवं प्रस्तुति।
  • निम्नलिखित के नियंत्रण/उन्मूलन के लिए राष्ट्रीय कार्यक्रमों के उद्देश्य, घटक एवं क्रांतिक विश्लेषण, मलेरिया, कालाआजार, फाइलेरिया एवं यक्ष्मा;
  • HIV/AIDS, यौन संक्रमित रोग एवं डेंगू
  • स्वास्थ्य देखभाल प्रदाय प्रणाली का क्रांतिक मूल्यांकन स्वास्थ्य प्रबंधन एवं प्रशासन: तकनीक, साधन, कार्यक्रम कार्यान्वयन एवं मूल्यांकन जनन एवं शिशु स्वास्थ्य के उद्देश्य, घटक, लक्ष्य एवं स्थिति, राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन एवं सहस्त्राब्दी विकास लक्ष्य।
  • अस्पताल एवं औदयोगिक अपशिष्ट प्रबंध।

IAS | UPSC Previous Year Question Paper 

किसी भी Government Job Exam को Crack करने के लिए उस Exam का Exam Pattern और Exam Syllabus दोनों ही जानना जरूरी है IAS | UPSC Medical Science Previous Year Question Paper नीचे दिए गए हैं : 

UPSC Medical Science Optional Paper-1 Download

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UPSC Medical Science Syllabus in Hindi Optional Paper pdf

UPSC Civil Services Exam Syllabus PDF

आशा करते हैं इस Blog में दी गई जानकारी आपको UPSC Civil Services Exam को Crack करने में आपके लिए सहायक सिद्ध हो ।

UPSC MATHEMATICS SYLLABUS IN HINDI

दोस्तों TOP SARKARI RESULT पर आपका स्वागत है, UPSC Syllabus में UPSC Mathematics Syllabus in Hindi Optional Paper Syllabus के बारे में बताने से पहले हम आपको कुछ Important Information देना चाहते है।

जैसा की आप जानते है UPSC Exam (Union Public Service Commission Exam) या UPSC Civil Services Exam में आपको तीन चरणों से होकर गुजरना होता है : (1) UPSC Prelims (2) UPSC Main (3) UPSC Interview.

Eligibility for UPSC Exam qualify करने के बाद UPSC Prelims Exam / IAS Prelims या Civil Services Preliminary Examination एक Objective Type Exam जिसमे Minimum Qualifying Marks Obtain करने होते है और उसके आधार पर Final Merit List बनती है।

UPSC Main Exam में हमने Total 9 Paper देने होते है जिसमे UPSC Mathematics Optional Paper है UPSC Main Exam में यह Paper-6 और Paper-7 होता है प्रत्येक Paper 250 Marks का होता है यानि (250 + 250 = 500 Marks).

UPSC Exam Syllabus में Total 25 Optional Subject होते है, जिसमे से हमे 1 Subject अपनी इच्छा से चुनना होता है और उस Subject के आधार पर हमे Paper-6 और Paper-7 देना होता है :

UPSC Optional Subject Syllabus | IAS Optional Subject Syllabus in Hindi

UPSC Exam Syllabus के 25 Optional Subject की सूची इस प्रकार है:

  1. UPSC Agriculture Optional Paper
  2. UPSC Animal Husbandry and Veterinary Science Optional Paper
  3. UPSC Anthropology Optional Paper 
  4. UPSC Botany Optional Paper 
  5. UPSC Chemistry Optional Paper 
  6. UPSC Civil Engineering Optional Paper 
  7. UPSC Commerce & Accountancy Optional Paper 
  8. UPSC Economics Optional Paper 
  9. UPSC Electrical Engineering Optional Paper 
  10. UPSC Geography Optional Paper 
  11. UPSC Geology Optional Paper 
  12. UPSC History Optional Paper 
  13. UPSC Law Optional Paper 
  14. UPSC Management Optional Paper 
  15. UPSC Mathematics Optional Paper 
  16. UPSC Mechanical Engineering Optional Paper
  17. UPSC Medical Science Optional Paper 
  18. UPSC Philosophy Optional Paper 
  19. UPSC Physics Optional Paper 
  20. UPSC Political Science & International Relations Optional Paper 
  21. UPSC Psychology Optional Paper 
  22. UPSC Public Administration Optional Paper 
  23. UPSC Sociology Optional Paper 
  24. UPSC Statistics Optional Paper 
  25. UPSC Zoology Optional Paper 

UPSC MATHEMATICS OPTIONAL PAPER-I

रैखिक बीजगणित :

  • R एवं C सदिश समष्टियां, रैखिक आश्रितता एवं स्वतंत्रता उपसमष्टियां, आधार विमा, रैखिक रुपांतरण, कोटि एवं शून्यता, रैखिक रुपांतरण का आव्यूह. आव्यूहों की बीजावली, पंक्ति एवं स्तंभ समानयन, सोपानक रूप, सर्वागसमता एवं समरूपता, आव्यूह की कोटि, आव्यूह का व्युत्क्रम, रैखिक समीकरण प्रणाली का हल, अभिलक्षणिक मान एवं अभिल्रक्षणिक सदिश, अभिलक्षणिक बहु पद, केले-हैमिल्टन प्रमेय, सममित, विषम सममित, हमिंटी, विषम हमिंटी, लांबिक एवं ऐकिक आव्यूह एवं उनके अभिलक्षणिक मान।

कलन :

  • वास्तविक संख्याएं, वास्तविक चर के फलन, सीमा, सांतत्य, अवकनीयता, माध्मान प्रमेय, शेषफलों के साथ टेलर का प्रमेय, अनिर्धारित रूप, उच्चिष्ठ एवं अल्पिष्ठ, अनंतस्पशी, वक्र अनुरेखण, दो या तीन चरों के फलनः सीमा, सांतत्य, आंशिक अवकलज, उच्चिष्ठ, एवं अल्पिष्ठ, लाग्रांज की गुणक विधि, जैकोबी, निश्चित समाकलों की रीमान परिभाषा, अनिश्चित समाकल, अनंत (इन्फिनिट एवं इंप्रॉपर) अवकल, दविधा एवं त्रिया समाकल (केवल मूल्यांकन प्रविधियां), क्षेत्र, पृष्ठ एवं आयतन।

विश्लेषिक ज्यामिति :

  • त्रिविमाओं मेँ कार्तीय एवं ध्रुवीय निर्देशांक, त्रि-चरों मैं दूवितीय घात समीकरण, विहित रुपों में लघुकरण, सरल रेखाएं, दो विषमतलीय रेखाओं के बीच की लघुतम दूरी, समतल, गोलक, शंकु, बेलन, परवलपज, दीर्घवृत्तज, एक या दो पृष्ठी अतिपरवलयज एवं उनके गुणधर्म।

साधारण अवकल समीकरण

  • अवकल समीकरणों का संरूपण, प्रथम कोटि एवं प्रथम घात का समीकरण, समाकल गुणक, लंबकोणीय संछेदी, प्रथमघात का नहीं किंतु प्रथम कोटि का समीकरण, क्लेरो का समीकरण, विचित्र हल। नियत गुणांक वाले द्वितीय एवं उच्चतर कोटि के रैखिक समीकरण, पूरक फलन, विशेष समाकल एवं व्यापक हल चर गुणांक वाले द्वितीय कोटि के रैखिक समीकरण, आयलर-कौशी समीकरण, प्राचल विचरण विधि का प्रयोग कर पूर्ण हल का निर्धारण जब एक हल ज्ञात हो।
  • लाप्लास एवं व्युत्क्रम लाप्लास रुपांतर एवं उनके गुणधर्म, प्रारंभिक फलनों के लाप्लास रुपांतर, नियत गुणांक वाले द्वितीय कोटि रैखिक समीकरणों के लिए प्रारंभिक मान समस्याओं पर अनुप्रयोग।

गतिकी एवं स्थैतिकी :

  • ऋज रेखीय गति, सरल आवर्तगति, समतल मेँ गति, प्रक्षेप्य (प्रोजेक्टाइल), व्यवरोध गति, कार्य एवं ऊर्जा, ऊर्जा का संरक्षण केपलर नियम, केंद्रीय बल के अंतर्गत कक्षाएं, कण निकाय का संतुलन, कार्य एवं स्थितिज ऊर्जा घर्षण, साधारण कटनरी, कल्पित कार्य का सिद्धांत, सुंतलन का स्थायित्व, तीन विमाओं में बल संतुलन।

सदिश विश्लेषण :

  • अदिश और सदिश क्षेत्र, अदिश चर के सदिश क्षेत्र का अवकलन, कातीय एवं बेलनाकार निर्देशकों में प्रवणता, अपसरण एवं काल, उच्चतर कोटि अवकलन, सदिश तत्समक एवं सदिश  समीकरण। ज्यामिति अनुप्रयोग: आकाश में वक्र, वक्रता एवं ऐंठन, सेरेट-फ्रेनेट के सूत्र।
  • गैस एवं स्टोक्स प्रमेय, ग्रीन के तत्समक।

UPSC MATHEMATICS OPTIONAL PAPER-II

बीजगणित :

  • समूह, उपसमूह, चक्रीय समूह, सहसमुच्चय, लाग्रांज प्रमेय, प्रसामान्य उपसमूह, विभाग समूह, समूहों की समाकारिता, आधारी तुल्याकारिता प्रमेय, क्रमचय समूह, केली प्रमेय। वलय, उपवलय एवं गुणजावली, वलयों की समाकारिता, पूर्णाकीय प्रांत, मुख्य गुणजावली प्रांत, युक्लिडीय प्रांत एवं अद्धितीय गुणनखंडन प्रांत, क्षेत्र, विभाग क्षैत्र।

वास्तविक विश्लेषण :

  • न्यूनतम उपरिसीमा गुणधर्म वाले क्रमित क्षेत्र के रुप मेँ वास्तविक संख्या निकाय, अनुक्रम, अनुक्रमसीमा, कौशी अनुक्रम, वास्तविक रेखा की पूर्णता, श्रेणी एवं इसका अभिसरण, वास्तविक एवं सम्मिश्र पदों की श्रेणियों का निरपेक्ष तथा सप्रतिबंध अभिसरण, श्रेणी का पुनर्विन्यास
  • फलनों का सांतत्य एवं एक समान सांतत्य, संहत समुच्चयों पर सांतत्य फलनों के गुणधर्म रीमान समाकल, अनंत समाकल, समाकल, समाकलन-गणित के मूल प्रमैय, फलनों के अनुक्रमों तथा श्रेणियों के लिए एक-समान अभिसरण, सांतत्य, अवकलनीयता एवं समाकलनीयता, अनेक (दो या तीन) चरों फलनों के आंशिक अवकलज, उच्चिष्ठ एवं अल्पिष्ठ।

सम्मिश्र विश्लेषण :

  • विश्लेषिक फलन, कौशी-रीमान समीकरण, कौशी प्रमेय, कौशी का समाकल सूत्र, विश्लेषिक फलन का घात श्रेणी निरूपण, टेलर श्रेणी, विचित्रताएं, लोरां श्रेणी, कौशी अवशेष प्रमेय, कन्टूर समाकलन ।

रैखिक प्रोग्रामन :

  • रैखिक प्रोग्रामन समस्याएं, आधारी हल, आधारी सुसंगत हल एवं इष्टतम हल, हलों की आलेखी विधि एवं एकधा विधि, दवेतता, परिवहन तथा नियतन समस्‍याएं। 

5. आंशिक अवकलन समीकरण :

  • तीन विमाओं मैं पृष्ठकुल एवं आंशिक अवकल समीकरण संरूपण, प्रथम कोटि के रैखिककल्प आंशिक अवकल समीकरणों के हल, कौशी अभिलेक्षण विधि, नियत गुणांकों वाले दवितीय कोटि के रैखिक आंशिक अवकल समीकरण, विहित रूप, कंपित तंतु का समीकरण, ताप समीकरण, लाप्लास समीकरण एवं उनके हल।

संख्यात्मक विश्लेषण एवं कम्प्यूटर प्रोग्रामन :

  • संख्यात्मक विधियां, द्विविभाजन द्वारा एक चर के बीजगणितीय तथा अबीजीय समीकरणों का हल, रेगुला फाल्सि तथा अबीजीय समीकरणों का हल, रेगुला फाल्सि तथा न्यूटन-गाफसन विधियां, गाउसीय निराकरण एवं गाउस-जॉर्डन (प्रत्यक्ष), गाउस सीडेल (पुनरावर्ती) विधियों द्वारा रैखिक समीकरण निकाय का हल, न्यूटन का (अग्र तथा पश्च) अंतर्वेशन, लाग्रांज का अंतर्वेशन।
  • संख्यात्मक समाकलन: समलंबी नियम, सिंपसन नियम, गाउसीय क्षेत्रफल सूत्र।
  • साधारण अवकल समीकरणों का संख्यात्मक हल: नियम, गाउसीय क्षेत्रफल सूत्र।
  • साधारण अवकल समीकरणों का संख्यात्मक हल: आयलर तथा रंगा-कुट्ट विधियां।
  • कम्प्यूटर प्रोग्राम दृविआधारी पद्धति, अंकों पर गणितीय तथा तर्कसंगत संक्रियाएं, अष्ट आधारी तथा षोडस आधारी पदधतियां, दशमलव पद्धति से एवं दशमलव पदथति में रूपांतरण, दविआधारी संख्याओं की बीजावली।
  • कम्प्यूटर प्रणाली के तत्व तथा मेमरी संकल्पना, आधारी तर्कसंगत द्वारा तथा सत्य सारणियां, बूलीय बीजावली, प्रसामान्य रूप।
  • अचिन्हित पूर्णाकों, चिन्हित पूर्णाकों एवं वास्तविक दविपरिशुद्धता वास्तविक तथा दीर्घ पूर्णाकों का निरूपण, संख्यात्मक विश्लेषण समस्याओं के हल के लिए कल्ननविधि और प्रवाह संपित्र।

यांत्रिकी एवं तरल गतिकी :

  • व्यापीकृत निर्देशांक, डीऐलंबर्ट सिद्धांत एवं लाग्राज समीकरण, हेमिल्टन समीकरण, जड़त्व आधूर्ण, दो विमाओं में इृढ़ पिंडो की गति।
  • सांतत्व समीकरण, अश्यान प्रवाह के लिए आयलर का गति समीकरण, प्रवाह रेखाएं, कण का पथ, विभव प्रवाह, दविविमीय तथा अक्षत: सममित गति, उद्गम तथा अभिगम, अ्मिल गति, श्याम तरल के लिए नैवियर-स्टोक समीकरण।

IAS | UPSC Previous Year Question Paper 

किसी भी Government Job Exam को Crack करने के लिए उस Exam का Exam Pattern और Exam Syllabus दोनों ही जानना जरूरी है IAS | UPSC Mathematics Previous Year Question Paper नीचे दिए गए हैं : 

UPSC Management Optional Paper-1 Download

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UPSC Mathematics Syllabus in Hindi Optional Paper pdf

UPSC Civil Services Exam Syllabus PDF

आशा करते हैं इस Blog में दी गई जानकारी आपको UPSC Civil Services Exam को Crack करने में आपके लिए सहायक सिद्ध हो ।

UPSC Mechanical Engineering Syllabus In Hindi

दोस्तों TOP SARKARI RESULT पर आपका स्वागत है, UPSC Syllabus में UPSC Mechanical Engineering Syllabus in Hindi Optional Paper Syllabus के बारे में बताने से पहले हम आपको कुछ Important Information देना चाहते है।

जैसा की आप जानते है UPSC Exam (Union Public Service Commission Exam) या UPSC Civil Services Exam में आपको तीन चरणों से होकर गुजरना होता है : (1) UPSC Prelims (2) UPSC Main (3) UPSC Interview.

Eligibility for UPSC Exam qualify करने के बाद UPSC Prelims Exam / IAS Prelims या Civil Services Preliminary Examination एक Objective Type Exam जिसमे Minimum Qualifying Marks Obtain करने होते है और उसके आधार पर Final Merit List बनती है।

UPSC Main Exam में हमने Total 9 Paper देने होते है जिसमे UPSC Mechanical Engineering Optional Paper है UPSC Main Exam में यह Paper-6 और Paper-7 होता है प्रत्येक Paper 250 Marks का होता है यानि (250 + 250 = 500 Marks).

UPSC Exam Syllabus में Total 25 Optional Subject होते है, जिसमे से हमे 1 Subject अपनी इच्छा से चुनना होता है और उस Subject के आधार पर हमे Paper-6 और Paper-7 देना होता है :

UPSC Optional Subject Syllabus | IAS Optional Subject Syllabus in Hindi

UPSC Exam Syllabus के 25 Optional Subject की सूची इस प्रकार है:

  1. UPSC Agriculture Optional Paper
  2. UPSC Animal Husbandry and Veterinary Science Optional Paper
  3. UPSC Anthropology Optional Paper 
  4. UPSC Botany Optional Paper 
  5. UPSC Chemistry Optional Paper 
  6. UPSC Civil Engineering Optional Paper 
  7. UPSC Commerce & Accountancy Optional Paper 
  8. UPSC Economics Optional Paper 
  9. UPSC Electrical Engineering Optional Paper 
  10. UPSC Geography Optional Paper 
  11. UPSC Geology Optional Paper 
  12. UPSC History Optional Paper 
  13. UPSC Law Optional Paper 
  14. UPSC Management Optional Paper 
  15. UPSC Mathematics Optional Paper 
  16. UPSC Mechanical Engineering Optional Paper
  17. UPSC Medical Science Optional Paper 
  18. UPSC Philosophy Optional Paper 
  19. UPSC Physics Optional Paper 
  20. UPSC Political Science & International Relations Optional Paper 
  21. UPSC Psychology Optional Paper 
  22. UPSC Public Administration Optional Paper 
  23. UPSC Sociology Optional Paper 
  24. UPSC Statistics Optional Paper 
  25. UPSC Zoology Optional Paper 

UPSC MECHANICAL ENGINEERING OPTIONAL PAPER-I

यांत्रिकी :

  • इढ़ पिंडों की यांत्रिकी : आकाश मेँ साम्यावस्था का समीकरण एवं इसका अनुप्रयोग, क्षेत्रफल के प्रथम एवं दवितीय आधूर्ण, घर्षण की सरल समस्याएं, समतल गति के लिए कणों की शुद्धगति की प्रारंभिक कण गतिकी।
  • विरूपणीय पिंडों की यांत्रिकी : व्यापीकृत हुक का नियम एवं इसका अनुप्रयोग, अक्षीय प्रतिबल पर अभिकल्प समस्याएं, अपरूपण प्रतिबल एवं आधारक प्रतिबल, गतिक भारण के लिए सामग्री के गुण, दंड में बंकन अपरूपण एवं प्रतिबल, मुख्य प्रतिबलों एवं विकृतियों का निर्धारण निर्धारण-विश्लेषिक एवं आलेखी, संयुक्त एवं मिश्रित प्रतिबल, दूधिअक्षीय प्रतिबल-तनु भित्तिक दाब भाण्ड, गतिक भार के लिए पदार्थ व्यवहार एवं अभिकल्प कारक, केवल बंकन एवं मरोड़ी भार के लिए गोल शैफ्ट का अभिकल्प, स्थैतिक निर्धारी समस्याओं के लिए दंड का विक्षेप, भंग के सिदधांत।

इंजीनियरी पदार्थ :

  • ठोसों की आधारभूत संकल्पनाएं एवं संरचना, सामान्य लोह एवं अल्रोह पदार्थ एवं उनके अनुप्रयोग, स्टीलों का ताप उपचार, अधातु-प्लास्टिक, सेरेमिक, समिश्र पदार्थ एवं नैनोपदार्थ।

यंत्रों का सिद्धांत :

  • समतल – क्रियाविधियों का शुद्धगतिक एवं गतिक विश्लेषण, कैम, गियर एवं अधिचक्रिक गियर मालाएं, गतिपालक चक्र, अधिनियंत्रक, हृढ़ पूर्णाकों का संतुलन, एकल एवं बहुसिलिंडरी इंजन, यांत्रिक-तंत्र का रैखिक कंपन विश्लेषण (एकल सूवातत्र्यकोटि) क्रांतिक चाल एवं शैफ्ट का आवर्तन।

निर्माण का विज्ञान :

  • निर्माणप्रक्रम : यंत्र औजार इंजीनियरी-व्यापारी बल विश्लेषण, टेलर का औजार, आयु समीकरण, रूढ़ मशीनन, एनसी एवं सीएनसी मशीनन प्रक्रम, जिग एवं स्थायिक, आरूढ मशीनन-ईडीएम, ईसीएम, पराश्रव्य, जल प्रधान मशीनन, इत्यादि, लेजर एवं प्लाज्मा के अनुप्रयोग, ऊर्जा दर अवकलन। रूपण एवं वेल्डन प्रक्रम-मानक प्रक्रम। मापिकी-अनवायोजनों एवं सहिष्णुताओं की संकल्पना, औजार एवं प्रमाप, तुलनित्र, लंबाई का निरीक्षण, स्थिति, परिच्छेदिका एवं पृष्ठ सुपूर्ति।
  • निर्माण प्रबंध : तंत्र अभिकल्प : फैक्टरी अवस्थिति-सर॒ल ओआर मॉडल, संयंत्र अभिन्‍यास-पद्धति आधारित इंजीनियरी आर्थिक विश्लेषण एवं भंग के अनुप्रयोग उत्पादावरण, प्रक्रम वरण एवं क्षमता आयोजना के लिए विश्लेषण से पूर्व निर्धारित समय मानक।
  • प्रणाली आयोजना : समाश्रयण एवं अपघटन पर आधारित पूर्वकफथन विधियां, बहु मॉडल एवं प्रासंभाव्य समनन्‍्वायोजन रेखा का अभिकल्प एवं संतुलन सामग्री सूची प्रबंध – आदेश काल एवं आदेश मात्रा निर्धारण के लिए प्रायिकतात्मक सामग्री सूची मॉडल, जे आई टी प्रणाली, युक्तिमय उद्गमीकरण, अंतर-संयंत्र संभारतंत्र।
  • तंत्र संक्रिया एवं नियंत्रण : कृत्यकशाला के लिए अनुसूचक कलनविधि, उत्पाद एवं प्रक्रम गुणता नियंत्रण के लिए सांख्यिकीय विधियों का अनुप्रयोग, माध्य, परास, दूषित प्रतिशतता, दोषों की संख्या एवं प्रतियूनिट दोष के लिए नियंत्रण चार्ट अनुप्रयोग, ग्रुणता लागत प्रणालियां, संसाधन संगठन एवं परियोजना जोखिम का प्रबंधन। प्रणाली सुधार : कुल गुणताप्रबंध, नम्य, कृश एवं दक्ष संगठनों का विकास एवं प्रबंधन जैसी प्रणालियों का कार्यान्‍वयन।

UPSC STATISTICS OPTIONAL PAPER-II

उष्मागतिकी, गैर गतिकी एवं टर्बोंयंत्र :

  • उचष्मागतिकी के प्रथम नियम एवं द्वितीय नियम की आधारभूत संकल्पनाएं, ऐन्ट्रॉपी एवं प्रतिक्रमणीयता की संकल्पना, उपलब्धता एवं अनुपलब्धता तथा अप्रतिक्रमणीयता की संकल्पना, उपलब्धता एवं अनुपलब्धता तथा अप्रतिक्रमणीयता।
  • तरलों का वर्गीकरण एवं गुणधर्म, संपीड़य एवं संपीड़य तरल प्रवाह, मैक संख्या का प्रभाव एवं संपीड़यता, सातत्व संवेग एवं ऊर्जा समीकरण प्रसामान्य एवं तिर्यक प्रधात, एक विमीय समपएंट्रॉपी प्रवाह, तरलों का नलिका में घर्षण एवं ऊर्जाअंतरण के साथ प्रवाह।
  • पंखों, ब्लोअरों एवं संपीडिक्रों से प्रवाह, अक्षीय एवं अपकेन्द्री प्रवाह विन्‍्यास, पंखों एवं संपीड़ितों का अभिकल्प, संपीड़नों और टारबाइन सोपानी की सरल समस्याएं, विवृत एवं संवृत्त चक्र गैर टरबाइन, गैस टरबाइन में किया गया कार्य, पुन: ताप एवं पुनर्जनन।

उष्मा, अंतरण

  • चालन उऊष्मा अंतरण-सामान्य चालन समीकरण-लाप्लास, प्वासों एवं फूरिए समीकरण, चालन का फूरिए नियम, सरल भित्ति ठोस एवं खोखले बैंलन तथा गोलकों पर लगा एक विभीय स्थायी दशा उष्मा चालन |
  • संवहन उष्मा अंतरण – न्यूटन का संवहन नियम, मुक्त एवं प्रणोदित संवहन, चपटे तल पर असंपीड्य तरल के स्तरीय एवं विक्षुब्ध प्रवाह के दौरान उष्मा अंतरण, नसेल्ट संख्या, जलगतिक एवं ऊष्मीय सीमांतपरंत एवं उनकी मोटाई की संकल्पनाएं, प्रांटल संख्या, ऊष्मा एवं संवेग अंतरण के बीच नुरूपता-रेनॉल्डस, कोलबर्न, प्रांटल अनुरूपताएं, क्षैतिज नलिकाओं से स्तरीय एवं विक्षुब्ध प्रवाह के दौरान ऊष्मा अंतरण, क्षैतिज एवं ऊरध्वाधर तलों से मुक्त संवहन।
  • कृष्णिका विकिरण-आधारभूत विकिरण नियम, जैसे कि, स्टीफेन-बोल्ड जमैन, प्लांक वितरण, वीन विस्थापन आदि।
  • आधारभूत ऊष्मा विनिमयित्र विश्लेषण, ऊष्मा विनिमयित्र विश्लेषण, ऊष्मा विनिमयियों का वर्गीकरण।

वर्गीकरण संक्रया के ऊष्मगतिक :

  • चक्र, भंग शक्ति, सुचित शक्ति, यांत्रिकी दक्षता, ऊष्मा समायोजन चादर, निष्पादन अभिक्षण का निर्वचन, पैट्रोल गैस एवं डीजल इंजन ।
  • एसआई एवं सीआई इंजिनों में दहन, सामान्य एवं असामान्य दहन, अपस्फोटन एवं कार्यशील प्राचल्रों का प्रभाव, अपस्टोफक का न्यूनीकरण, एसआई एवं सीआई इंजिनों के लिए दहन प्रकोष्ठ के प्रकार, योजक, उत्सर्जन।
  • अंतदर्हन इंजिनों की विभिन्‍न प्रणालियों ईंधन, स्नेहन, शीतन एवं संचरण प्रणालियों, अंतद्हन इंजिनों मेँ विकलपी ईंधन ।

भाप इंजीनियरी :

  • भाप जनन- अशोधित रैंकिन चक्र विश्लेषण, आधुनिक भाष बॉयलर, क्रांतिक एवं अधिक्रांतिक दाबों पर भाप, प्रवात उपस्कर, प्राकृतिक एवं कृब्रिक प्रवात, बॉयलर ईंधन, ठोस, द्रव एवं गैसीय ईंधन, भाजपा टरबाइन – सिद्धांत, प्रकार, संयोजना, आवेग एवं प्रतिक्रिया टरबाइन, अक्षीय प्रणोद।
  • भाप तुंड – अभिसारी एवं अपसारी तंडु में भाप को प्रवाह, आदर, संतृप्त एवं अधितप्त जैसी विभिन्‍न प्रांरभिक भाप दशाओं के साथ, अधिकतम निस्सरण के लिए कठ पर दाब, पश्चदाब विचरण का प्रभाव, तुंडों में भाप का अधिसंतृप्त प्रवाह विलसन रेखा।
  • आंतरिक एवं बाहय अप्रतिक्रम्यता के साथ रैंकिन चक्र, पुनस्तापन गुणक, पुनस्ताप एवं पुनर्जनन, अधिनियंत्रण विधियां, पश्च दाब एवं उपनिकासन टरबाइन।
  • भाप शक्ति संयंत्र-संयुक्त चक्र शक्ति जनन, उऊष्मा पुनःप्राप्ति भाप जनित्र (एचआरएसजी) तप्त एवं अतप्त, सहजनन संयत्र।

प्रशीतन एवं वातानुकूलन :

  • वाष्प संपीडन प्रशीतन चक्र पी-एच एवं टी-एस आरेखों पर चक्र, पर्यावरण अनुकूली प्रशीतक द्रव्य-य आर 34 ए, आर 23, वाष्पित्र, द्रवणित्र प्रसरण साधन जैसे तंत्र, सरल वाष्प अवशोषण तंत्र।
  • आद्रितामिति-गुणधर्म प्रक्रम, लेखाचित्र, संवेदय तापन एवं शीतन, आर्द्रीकरण एवं अनाद्रीकरण प्रभावी ताप्रक्रम, वातानुकूलन भार परिकलन, सरल वाहिनी अभिकल्प।

IAS | UPSC Previous Year Question Paper 

किसी भी Government Job Exam को Crack करने के लिए उस Exam का Exam Pattern और Exam Syllabus दोनों ही जानना जरूरी है IAS | UPSC Mechanical Engineering Previous Year Question Paper नीचे दिए गए हैं : 

UPSC Mechanical Engineering Optional Paper-1 Download

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UPSC Mechanical Engineering Syllabus in Hindi Optional Paper pdf

UPSC Civil Services Exam Syllabus PDF

आशा करते हैं इस Blog में दी गई जानकारी आपको UPSC Civil Services Exam को Crack करने में आपके लिए सहायक सिद्ध हो ।

UPSC MANAGEMENT SYLLABUS IN HINDI

दोस्तों TOP SARKARI RESULT पर आपका स्वागत है, UPSC Syllabus में UPSC Management Syllabus in Hindi Optional Paper Syllabus के बारे में बताने से पहले हम आपको कुछ Important Information देना चाहते है।

जैसा की आप जानते है UPSC Exam (Union Public Service Commission Exam) या UPSC Civil Services Exam में आपको तीन चरणों से होकर गुजरना होता है : (1) UPSC Prelims (2) UPSC Main (3) UPSC Interview.

Eligibility for UPSC Exam qualify करने के बाद UPSC Prelims Exam / IAS Prelims या Civil Services Preliminary Examination एक Objective Type Exam जिसमे Minimum Qualifying Marks Obtain करने होते है और उसके आधार पर Final Merit List बनती है।

UPSC Main Exam में हमने Total 9 Paper देने होते है जिसमे UPSC Management Optional Paper है UPSC Main Exam में यह Paper-6 और Paper-7 होता है प्रत्येक Paper 250 Marks का होता है यानि (250 + 250 = 500 Marks).

UPSC Exam Syllabus में Total 25 Optional Subject होते है, जिसमे से हमे 1 Subject अपनी इच्छा से चुनना होता है और उस Subject के आधार पर हमे Paper-6 और Paper-7 देना होता है :

UPSC Optional Subject Syllabus | IAS Optional Subject Syllabus in Hindi

UPSC Exam Syllabus के 25 Optional Subject की सूची इस प्रकार है:

  1. UPSC Agriculture Optional Paper
  2. UPSC Animal Husbandry and Veterinary Science Optional Paper
  3. UPSC Anthropology Optional Paper 
  4. UPSC Botany Optional Paper 
  5. UPSC Chemistry Optional Paper 
  6. UPSC Civil Engineering Optional Paper 
  7. UPSC Commerce & Accountancy Optional Paper 
  8. UPSC Economics Optional Paper 
  9. UPSC Electrical Engineering Optional Paper 
  10. UPSC Geography Optional Paper 
  11. UPSC Geology Optional Paper 
  12. UPSC History Optional Paper 
  13. UPSC Law Optional Paper 
  14. UPSC Management Optional Paper 
  15. UPSC Mathematics Optional Paper 
  16. UPSC Mechanical Engineering Optional Paper
  17. UPSC Medical Science Optional Paper 
  18. UPSC Philosophy Optional Paper 
  19. UPSC Physics Optional Paper 
  20. UPSC Political Science & International Relations Optional Paper 
  21. UPSC Psychology Optional Paper 
  22. UPSC Public Administration Optional Paper 
  23. UPSC Sociology Optional Paper 
  24. UPSC Statistics Optional Paper 
  25. UPSC Zoology Optional Paper 

UPSC MANAGEMENT OPTIONAL PAPER-I

प्रबंधकीय कार्य एवं प्रक्रिया:

  • बंध की संकल्पना एवं आधार, प्रबंध चिंतन का विकास, प्रबंधकीय कार्य-आयोजना, संगठन, नियंत्रण, निर्णयन, प्रबंधक की भूमिका, प्रबंधकीय कौशल, उदयमवृत्ति, नवप्रवर्तन, विश्वव्यापी वातावरण में प्रबंध, नम्य प्रणाली प्रबंधन, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं प्रबंधकीय आचार नीति, प्रक्रिया एवं ग्राहक,  अभिविन्यास, प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष मूल्य श्रृंखला पर प्रबंधकीय प्रक्रियाएं।

संगठनात्मक व्यवहार एवं अभिकल्प :

  • संगठनात्मक व्यवहार का संकल्पनात्मक निदर्श, व्यष्टि प्रक्रियाएं-व्यक्तित्व, मूल्य एवं अभिवृत्ति प्रत्यक्षण, अभिप्रेरण, अधिगम एवं पुनर्वलन, कार्य तनाव एवं तनाव प्रबंधन, संगठन व्यवहार की गति की जमत्ता एवं राजनीति, दूवंदव एवं वार्ता, नेतृत्व प्रक्रिया एवं शैलियां, संप्रेषण, संगठनात्मक प्रक्रियांएं-निर्णयन, कृत्यक, अभिकल्प, सांगठनिक अभिकल्प के कलासिकी, नवक्‍लासिकी एवं आपात उपागम, संगठनात्मक सिद्धांत एवं अभिकल्प, संगठनात्मक संस्कृति, सांस्कृतिक अनेकता प्रबंधन, संगठन अधिगम; संगठनात्मक परिवर्तन एवं विकास, ज्ञान आधारित उदयम-प्रणालियां एवं प्रक्रियाएं, जालतंत्रित एवं आभासी संगठन।

मानव संसाधन प्रबंध:

  • मानव संसाधन की चुनौतियाँ, मानव संसाधन प्रबंध के कार्य, मानव संसाधन प्रबंध की भावी चुनौतियां, मानव संसाधन का कार्यनीतिक प्रबंध, मानव संसाधन आयोजना, कृत्यक विश्लेषण, कृत्यक मूल्यांकन, भर्ती एवं चयन, प्रशिक्षण एवं विकास, पदोन्‍नति एवं स्थानांतरण, निष्पादन प्रबंध, प्रतिकार प्रबंध एवं लाभ, कर्मचारी मनोबल एवं उत्पादकता, संगठनातम्क वातावरण एवं औद्योगिक संबंध प्रबंध, मानव संसाधन लेखाकरण एवं लेखा परीक्षा, मानव संसाधन सूचना प्रणाली, अंतर्राष्ट्रीय मानव संसाधन प्रबंध।

प्रबंधकों के लिए लेखाकरण

वित्तीय लेखाकरण-संकल्पना, महत्व एवं क्षेत्र, सामान्यतया स्वीकृत लेखाकरण सिद्धान्त, तुलनपत्र के विश्लेषण एवं व्यवसाय, आय मापन के विशेष संदर्भ में वित्तीय विवरणों को तैयार करना, सामग्री सूची मूल्यांकन एवं मूल्याहास, वित्तीय विवरण विश्लेषण, निधि प्रवाह विश्लेषण, नकदी प्रवाह विवरण, प्रबंध लेखाकरण-संकल्पना, आवश्यकता, महत्व एवं क्षेत्र लागत लेखाकरण अभिलेख एवं प्रक्रियाएं, लागत लेजर एवं नियंत्रण लेखाएं, वित्तीय एवं लागत लेखाओं के बीच समाधान एवं समाकलन, ऊपरि लागत एवं नियंत्रण कृत्यक एवं प्रक्रिया लागत आकलन, बजट एवं बजटीय नियंत्रण, निष्पादन बजटन, शून्यधारित

बजटन, संगत लागत, आकलन एवं निर्णयन लागत आकलन, मानक, लागत आकलन एवं प्रसारण विश्लेषण, सीमांत लागत आकलन एवं अवशोषण लागत आकलन।

वित्तीय प्रबंध :

  • वित्त कार्य के लक्ष्य, मूल्य एवं प्रतिलाभ की संकल्पनाएं, बांडों एवं शेयरों का मूल्यांकन, कार्यशील पूंजी का प्रबंध, प्राककलन एवं वित्तीय, नकदी, प्राप्यो, सामग्री सूची एवं चालू देयताओं का प्रबंधन, पूंजी लागत, पूंजी बजटन, वित्तीय एवं प्रचालन लेवरेज, पूंजी संरचना, अभिकल्प, सिद्धांत एवं व्यवहार, शेयर धारक मूल्य सृजन, लाभांश नीति, निगम वित्तीय नीति एवं कार्यनीति, निगम कुर्की एवं पुनर्सरचना कार्यनीति प्रबंध, पूंजी एवं मुद्रा बाजार, संस्थाएं एवं प्रपत्र पट्टे पर देना, किराया खरीद एवं जोखिम पूंजी, पूंजी बाजार विनियमन, जोखिम एवं प्रतिलाभ, पोर्टफोलियो सिद्धांत, सीएपीएम, एपीटी वित्तीय व्युत्पत्र, विकल्प फ्यूचर्स, स्वैप, वित्तीय क्षेत्रक में अभिनव सुधार।

विपणन प्रबंध :

  • संकल्पना, विकास एवं क्षेत्र, विपणन कार्यनीति सूत्रीकरण, एवं विपणन योजना के घटक, बाजार का खंडीकरण एवं ल्क्ष्योन्मुखबन, पण्य का अवस्थापन एवं विभेदन, प्रतियोगिता विश्लेषण, उपभोक्ता बाजार विश्लेषण, औद्योगिक क्रेता व्यवहार, बाजार अनुसंधान उत्पाद कार्यनीति, कीमत निर्धारण कार्यनीतियां, विषणन सारणियों का अभिकल्पन एवं प्रबंधन, एकीकृत विपणन संचार, ग्राहक संतोष का निर्माण, मूल्य एवं प्रतिधारण, सेवाएं एवं अलाभ विपणन, विपणन मैं आचार, ग्राहक सुरक्षा, इंटरनेट विपणन खुदरा प्रबंध, ग्राहक संबंध प्रबंध, साकल्यवादी विपणन की संकल्पना।

UPSC MANAGEMENT OPTIONAL PAPER-II

निर्णयन की परिमाणत्मक प्रविधियां :

  • वर्णात्मक सांख्यिकी-सारणीबद्ध, आलेखीय एवं सांख्यिक विधियां, प्रायिकता का विषय प्रवेश, असंतत एवं संतत प्रायिकता बंटन, आनुमानिक सांख्यिकी प्रतिदर्शी बंटन, केन्द्रीय सीमा प्रमेय, माध्यों एवं अनुपातों के बीच अंतर के लिए परिकल्पना, परीक्षण समष्टि प्रसरणों के बारे में अनुमान काई-स्क्वैयर एवं ANOVA, सहसंबंध एवं समान्यतया, कालश्रेणी एवं पूर्वानुमान, निर्णय सिद्धांत सूचकांक, रैखिक प्रोग्रामन-समस्या सूत्रीकरण, प्रसमुच्चय विधि एवं आलेखीय हल, सुग्राहिता विश्लेषण।

उत्पादन एवं व्यापार प्रबंध :

  • व्यापार प्रबंध के मूलभूत सिद्धांत, उत्पादनार्थ आयोजना, समस्त उत्पादन आयोजना, क्षमता आयोजना, संयंत्र अभिकल्प, प्रक्रिया आयोजना, संयंत्र आकार एवं व्यापार मान सुविधाओं का प्रबंधन, लाइन संतुलन, उपकरण प्रतिस्थापन एवं अनुरक्षण, उत्पादन नियंत्रण, पूर्तिश्रृंखला प्रबंधन – विक्रेता मूल्यांकन एवं लेखा परीक्षा, गुणता प्रबन्धन – सांख्यिकीय प्रक्रिया नियंत्रण, षड़ सिग्मा, निर्माण प्रणालियों में नग्यता एवं स्फूर्ति, विश्व श्रेणी का निर्माण, परियोजना प्रबंधन संकल्पनाएं, अनुसंधान एवं विकास प्रबंध, सेवा व्यापार प्रबंध, सामग्री प्रबंधन की भूमिका एवं महत्व, मूल्य विश्लेषण, निर्माण अथवा क्रय निर्णय, सामग्री सूची नियंत्रण, अधिकतम खुदरा कीमत, अवशेष प्रबंधन।

प्रबंध सूचना प्रणाली :

  • सूचना प्रणाली का संकल्पनात्मक आधार, सूचना सिद्धांत, सूचना संसाधन प्रबंध, सूचना प्रणाली प्रकार, प्रणाली विकास प्रणाली एवं अभिकल्प विहंगावलोकन प्रणाली विकास, प्रबंध जीवन-चक्र, ऑनलाइन एवं वितरित प्रणालियों के लिए अभिकल्पना परियोजना, कार्यान्वयन नियंत्रण, सूचना प्रौद्योगिकी की प्रवृत्तियां आंकड़ा संसाधन प्रबंधन आंकड़ा आयोजना, DDS एवं RDBMS उद्यम संसाधन आयोजना (ERP) विशेषज्ञ प्रणाली, बिजनेस आर्किटेक्टचर ई-गर्वनेंस, संकल्पना, प्रणाली आयोजना, सूचना प्रणाली में नग्यता उपभोक्ता संबदधता सूचना प्रणाली का मूल्यांकन।

सरकार व्यवसाय अंतरापृष्ठ :

  • व्यवसाय में विषय की सहभागिता, भारत में सरकार व्यवसाय एवं विभिन्‍न वाणिज्य मंडलों तथा उद्योग के बीच अन्योन्यक्रिया लघु उद्योगों के प्रति सरकार नीति नए उद्यम की स्थापना हेतु सरकार, जन वितरण प्रणाली, कीमत और वितरण पर सरकारी नियंत्रण, उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम (0०७) एवं उपभोक्ता अधिकारों के सरंक्षण में स्वैच्छिक संस्थाओं की भूमिका, सरकार की नई औद्योगिक नीति, उदारीकरण अ-विनियमन एवं निजीकरण, भारतीय योजना प्रणाली, पिछड़े क्षेत्रों के विकास के संबंध में सरकारी नीति, पर्यावरण संस्थापना हेतु व्यवसाय एवं सरकार के दायित्व, निगम अभिशासन, साइबर विधियां।

कार्यनीतिक प्रबंध :

  • अध्ययन क्षेत्र के रूप में व्यवसाय नीति, कार्यनीतिक प्रबंध का स्वरूप एवं विषय क्षेत्र, सामरिक आशय, दइष्टि, उद्देश्य एवं नीतियां एवं कार्यान्वयन, परिवेशीय विश्लेषण एवं आंतरिक विश्लेषण एसडब्ल्यूओटी आयोजना प्रक्रिया विश्लेषण कार्यनीतिक विश्लेषण उपकरण एवं प्रविधियां – प्रभाव आव्यूह अनुभव वक्र 86८ आब्यूह 65८ बहुलक उद्योग विश्लेषण, मूल्य श्रृंखला की संकल्पना व्यवसाय प्रतिष्ठान की कार्यनीतिक परिच्छेदिका प्रतियोगिता विश्लेषण हेतु ढांचा, व्यवसाय प्रतिष्ठान का प्रतियोगी लाभ, वर्गीय प्रतियोगी कार्यनीतियां, विकास कार्यनीति विस्तार, समाकलन एवं विशाखन, क्रोड सक्षमता की संकल्पना कार्यनीतिक नम्यता, कार्यनीति पुनराविस्कार, कार्यनीति एवं संरचना मुख्य कार्यपालक एवं परिषद, टर्न॑अराउंड प्रबंधन, प्रबंधन एवं कार्यनीतिक परिवर्तन कार्यनीतिक सहबंध, विलयन एवं अधिग्रहण, भारतीय संदर्भ में कार्यनीति एवं निगम विकास।

अंतर्राष्ट्रीय व्यवसाय :

  • अंतर्राष्ट्रीय व्यवसाय परिवेश, माल एवं सेवाओं में व्यापार के बदलते संघटन, भारत का विदेशी व्यापार नीति एवं प्रवृत्तियां, अंतर्राष्ट्रीय व्यापार का वित्त पोषण, क्षेत्रीय आर्थिक सहयोग, 7५ सेवा प्रतिष्ठानों का अंतर्राष्ट्रीयरण, अंतर्राष्ट्रीय उत्पादन अंतर्राष्ट्रीय कंपनियों में व्यवसाय प्रबंध, अंतर्राष्ट्रीय कराधान, विश्वव्यापी प्रतियोगिता एवं प्रौदयोगिकीय विकास, विश्यव्यापी ई-व्यवसाय, विश्वव्यापी सांगठनिक संरचना अभिकल्पन एवं नियंत्रण, बहुसांस्कृतिक प्रबंध, विश्वव्यापी व्यवसाय कार्यनीति, विश्वव्यापी विपणन कार्यनीति, निर्यात प्रबंध निर्यात-आयात प्रक्रियाएं, संयुक्त उपक्रम, विदेशी निवेश, विदेशी प्रत्यक्ष निवेश एवं विदेशी पोर्टफोलियो, निवेश, सीमापार विल्यन एवं अधिग्रहण, विदेशी मुद्रा जोखिम, उद्भासन प्रबंध, विश्ववित्तीय. बाजार एवं अंतर्राष्ट्रीय बैंकिंग, बाहय ऋण प्रबंधन, देश जोखिम विश्लेषण।

IAS | UPSC Previous Year Question Paper 

किसी भी Government Job Exam को Crack करने के लिए उस Exam का Exam Pattern और Exam Syllabus दोनों ही जानना जरूरी है IAS | UPSC Management Previous Year Question Paper नीचे दिए गए हैं : 

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UPSC Civil Services Exam Syllabus PDF

आशा करते हैं इस Blog में दी गई जानकारी आपको UPSC Civil Services Exam को Crack करने में आपके लिए सहायक सिद्ध हो ।

UPSC Electrical Engineering Syllabus In Hindi

दोस्तों TOP SARKARI RESULT पर आपका स्वागत है, UPSC Syllabus में UPSC Electrical Engineering Syllabus in Hindi Optional Paper Syllabus के बारे में बताने से पहले हम आपको कुछ Important Information देना चाहते है।

जैसा की आप जानते है UPSC Exam (Union Public Service Commission Exam) या UPSC Civil Services Exam में आपको तीन चरणों से होकर गुजरना होता है : (1) UPSC Prelims (2) UPSC Main (3) UPSC Interview.

Eligibility for UPSC Exam qualify करने के बाद UPSC Prelims Exam / IAS Prelims या Civil Services Preliminary Examination एक Objective Type Exam जिसमे Minimum Qualifying Marks Obtain करने होते है और उसके आधार पर Final Merit List बनती है।

UPSC Main Exam में हमने Total 9 Paper देने होते है जिसमे UPSC Electrical Engineering Optional Paper है UPSC Main Exam में यह Paper-6 और Paper-7 होता है प्रत्येक Paper 250 Marks का होता है यानि (250 + 250 = 500 Marks).

UPSC Exam Syllabus में Total 25 Optional Subject होते है, जिसमे से हमे 1 Subject अपनी इच्छा से चुनना होता है और उस Subject के आधार पर हमे Paper-6 और Paper-7 देना होता है :

UPSC Optional Subject Syllabus | IAS Optional Subject Syllabus in Hindi

UPSC Exam Syllabus के 25 Optional Subject की सूची इस प्रकार है:

  1. UPSC Agriculture Optional Paper
  2. UPSC Animal Husbandry and Veterinary Science Optional Paper
  3. UPSC Anthropology Optional Paper 
  4. UPSC Botany Optional Paper 
  5. UPSC Chemistry Optional Paper 
  6. UPSC Civil Engineering Optional Paper 
  7. UPSC Commerce & Accountancy Optional Paper 
  8. UPSC Economics Optional Paper 
  9. UPSC Electrical Engineering Optional Paper 
  10. UPSC Geography Optional Paper 
  11. UPSC Geology Optional Paper 
  12. UPSC History Optional Paper 
  13. UPSC Law Optional Paper 
  14. UPSC Management Optional Paper 
  15. UPSC Mathematics Optional Paper 
  16. UPSC Mechanical Engineering Optional Paper
  17. UPSC Medical Science Optional Paper 
  18. UPSC Philosophy Optional Paper 
  19. UPSC Physics Optional Paper 
  20. UPSC Political Science & International Relations Optional Paper 
  21. UPSC Psychology Optional Paper 
  22. UPSC Public Administration Optional Paper 
  23. UPSC Sociology Optional Paper 
  24. UPSC Statistics Optional Paper 
  25. UPSC Zoology Optional Paper 

UPSC ELECTRICAL ENGINEERING OPTIONAL PAPER-I

परिपथ-सिद्धांत

  • विद्युत अवयव, जाल लेखाचित्र, केल्विन धारा नियम, केल्विन बोल्टता नियम: परिपथ विश्लेषण: आधारभूत जाल प्रमेय तथा अनुप्रयोग : क्षणिका विश्लेषण: RL,RC तथा RLC परिपथ: ज्यावक्रीय स्थायी अवस्था विश्लेषण;. अनुनादी परिषथ: युग्मित परिपथ: संतुलित ब्रिकला परिपथ, दविकारक जाल।

संकेत एवं तंत्र:

  • सतत काल एवं विवक्त-काल संकेतों एवं तंत्र का निरूपण: रेखित काल निश्चर तंत्र, संवलन आवेग अनुक्रिया : संवलनन एवं अवकलन अंतर समीकरण पर आधारित रैखिक काल निश्चर तंत्रों का समय क्षेत्र विश्लेषण, फुरिए रूपान्तर, लेप्लास रूपांतर, जैड़- रूपांतर, अंतरण फलन संकेतों का प्रतिचयन एवं उनकी प्रतिप्राप्ति, विवक्‍त कालतंत्रों के द्वार तुल्य रूप संकेतों का DFT, FFT संसाधन।

विद्युत चुम्बकीय सिद्धांत:

  • मैक्सवेल समीकरण, परिबद्ध माध्यम में तरंग संरचना परिसीमा अवस्थाएं, समतल तरंगों का परावर्तन एवं अपवर्तन, संचरण लाइनें: प्रगामी एवं अप्रगामी तरंग, प्रति बाधा प्रतितुलन, स्मिथ चार्ट,

तुल्य एवं इल्लेक्ट्रॉनिकी :

  • अभिलक्षण एवं डायोड का तुल्य परिपथ (वृहत एवं लघु संकेत), दविसंधि ट्रांजिस्टर, संधि क्षेत्र प्रभाव ट्रांजिस्टर एवं धातु आक्साइड सामिचालक क्षेत्र प्रभाव ट्रांजिस्टर, डायोड परिपथ, कर्तन, ग्रामी, दिष्टकारी, अभिनतिकरण एवं अभिनीत स्थायित्व, क्षेत्र प्रभाव ट्रांजिस्टर प्रवर्धक, धारा दर्पण, प्रवर्धकः एकल एवं बहुचरणी अवकल, सक्रियात्मक पुनर्निवेश एवं शक्ति प्रबंधकों का विश्लेषण, प्रबंधकों की आवृति, अनुक्रियात्मक संक्रियात्मक प्रबंधक परिपथ, नस्यिंदक, ज्यावक्रीय दोलित्र: दोलन के लिए कसौटी, एकल ट्रांजिस्टर और संक्रियात्मक प्रवर्धक विन्‍्यास, फल्नन जनित्र एवं तरंग परिपथ, रैखक एवं स्विचन विद्युत प्रदाय।

अंकीय इलेक्ट्रॉनिकी :

  • बूलीय बीजावली, बूलीय फलन का न्यूनतमीकरण: तर्कदवार, अंकीय समाकलित परिपथ कुल (DTL,TTL,ECL,MOS,CMOS) संयुक्त परिपथ: अंक गणितीय परिपथ, कोड परिवर्तक, मल्टी प्लेयक्सर एवं विकोडिदब्र, अनुक्रमिक परिषपथ: चटखनी एवं थपथप, गणित्र एवं विस्थापन पंजीयक, तुलनित्र कालनियामक बहुकंपित्र प्रतिदर्श एवं धारण परिपथ तुल्य रूप अंकीय परिवर्त (ADC) एवं अंकीय तुल्य रूप परिवर्तक (DAC) सामिचात्रक स्मृतियां प्रक्रमित युक्तियों का प्रयोग करते हुए तर्क कार्यान्वयन (ROM,PLA,FPGA)

ऊर्जा रूपांतरण:

  • वैदयुत यांत्रिकी ऊर्जा रुपांतरण के सिंद्धांत: धूर्णित मशीनों में बल आधघूर्ण एवं विद्युत चुम्बकीय बल, दि.धा. मशीनें: अभिलक्षण एवं निस्पादन विश्लेषण, मोटरों का प्रारंभन एवं गतिनियंत्रण, परिणामित्र: प्रचालन एवं विश्लेषण के सिद्धांत: विनियमन दक्षता : ब्रिकला परिणामित्र: बत्रिकला प्रेरण मशीनें एवं तुल्यकानिक मशीनें: अभिलक्षण एवं निष्पादन विश्लेषण, गति नियंत्रण।

शक्ति इल्ेक्ट्रॉनिकी एवं विद्युत चालन :

  • सामिचालक शक्ति युक्‍्तियां : डायोड, ट्रांजिस्टर, थाइरिस्टर, ट्रायक, GTO एवं धातु आक्साइड सामिचालक क्षेत्र प्रभाव ट्राजिस्टर स्थैतिक अभिलक्षण एवं प्रचालन के सिद्धांत, ट्रिगरिंग परिषथ कला नियंत्रण दिष्टकारी, सेतु परिवर्तक : पूर्ण नियंत्रित एवं अर्दधनियंत्रित थाइरिस्टर चापर एवं प्रतीपकों के सिद्धांत-DC परिवर्तक, परिवर्तक स्विच मोड इन्वर्टर, dc एवं ac मोटर चालन के गतिनियंत्रण की आधारभूत संकल्पना, विचरणीय चाल चालन के अनुप्रयोग।

तुल्यरूप संचार :

  • याहद्च्छिक चर: सतत, विक्ति: प्रायिकता, प्रायिकता फलन, सांख्यकीय औसत: प्रायिकता निदर्श: याइच्छिक संकेत एवं रव: सम, रव, रखवतुल्य बैंड चौड़ाई, रव सहित संकेत प्रेषण, रव संकेत अनुपात, रैखिक cw मॉडुलन: आयाम मॉडुलन: दविसाइड बैंड – एकल चैनल (DSB-SC) एवं एकल साइड बैंड मॉडुलन एवं विमाडुलन कला और आवृति मॉडुलन: कला मॉडुलन एवं आवृति मॉडुलन संकेत, संकीर्ण बैंड आवृति मॉडुलन, आवृति मॉडुलन कला मॉडुलन के लिए जनन एवं संसूचन, विष्प्रबल्नन, पूर्व प्रबलन, संवाहक तरंग मॉडुलन (CWM) तंत्र: परासंकरण अभिग्राही, आयाम मॉडुलन अभिग्राही, संचार अभिग्राही, आवृत्ति मॉडुलन अभिग्राही, कला पाशित लूप, एकल साइड बैंड अभिग्राही, आयाम मॉडुलन एवं आवृति मॉडुलन अभ्रिग्राही, के लिए सिगनल-रव अनुपात गणन।

UPSC ELECTRICAL ENGINEERING OPTIONAL PAPER-II

नियंत्रण तंत्र :

  • नियंत्रण तंत्र के तत्व, खंड आरेख निरूपण: खुलापाश एवं बंदपाश तंत्र, पुनर्निवेश के सिद्धांत एवं अनुप्रयोग नियंत्रण तंत्र अवयव, रैखिक काल निश्चर तंत्र: काल प्रक्षैत्र एवं रुपांतर प्रक्षेत्र विश्लेषण, स्थायित्व: राउथ हरविज कसौटी, मूल बिंदु पथ, बोडे आलेख एवं पोलर आलेख नाइक्विएस्ट कसौटी, अग्रपश्चता प्रतिकारक अभिकल्पन समानुतिक PI, PID, नियंत्रक: नियंत्रण तंत्रों का अवस्था – विचरणीय निरूपण एवं विश्लेषण।

माइक्रोप्रोसेसर एवं माइक्रोकम्प्यूटर :

  • PC, संघटन CPU अनुदेश सेट, रजिस्टर सेट, टाइमिंग आरेख प्रोग्रामन अंतरानयन, स्मृति अंतरापृष्ठन, IO अंतराषपृष्ठन प्रोग्रामिंग परिधीय युक्तियां।

मापन एवं मापयंत्रण :

  • त्रुटि विश्लेषण : धारा वोल्टता, शक्ति, ऊर्जा, शक्ति गुणक, प्रतिरोध, प्रेरकत्व, धारित एवं आवृति का मापन, सेतु मापन, सिग्नल अनुकूल परिषथ, इलेक्ट्रॉनिक मापन यंत्र, बहुमापी कैथोड़ किरण आसिलोस्कोप, अंकीय बोल्टमापी, आवृति गणित Q माप, स्पेक्ट्रम विश्लेषक, विरूपण मापी ट्रांस्डयूसर, ताप वैद्युत युग्म, थर्मिस्टर, रेखीय परिवर्तनीय अवकल ट्रांस्डयूसर, विकृति प्रभावी, दाब विद्युत क्रिस्टल।

शक्तितंत्र : विश्लेषण एवं नियंत्रण :

  • सिरोपरि संरचण लाइनों तथा केबलों का स्थायी दशा निष्पादन, सक्रिय एवं प्रतिघाती शक्ति अंतरण एवं वितरण के सिद्धांत, प्रति ईकाई राशियां, बस प्रवेश्यता एवं प्रतिबाधा आव्यूह, लोह प्रवाह: बोल्टता नियंत्रण एवं शक्ति गुणक संशोधन: आर्थिक प्रचलन: सममित घटक: सममित एवं असममित दोष का विश्लेषण, तंत्र, स्थायित्व की अवधारणा : स्विंग व्रक एवं समक्षेत्र कौटी, स्थैनिक बोल्ट ऐंपियर प्रतिघाती तंत्र उच्च बोल्टता दिष्टधारा संचरण की मूलभूत अवधारणाएं।

शक्तितंत्र एवं रक्षण :

  • अतिधारा, अवकल एवं दूरी रक्षण के सिद्धांत, ठोस अवस्था रिले की अवधारणा, परिपथ वियोजक अभिकत्नित्र सहायता प्राप्त रक्षण, परिचय, लाइन, बस, जनित्र, परिणामित्र रक्षण, संख्यात्मक रिले एवं रक्षण के लिए अंकीय संकेत रक्षण (DSP) का अनुप्रयोग।

अंकीय संचार :

  • स्पंद कोड मॉडुलन, अवकल स्पंद कोड मॉडुलन, डेल्टा मॉडुलन, अंकीय मॉडुलन एवं विमॉडुलन योजनाएं: आयाम, कला एवं आवृति कुंजीयन योजनाएं, त्रुटि नियंत्रण कूटकरण: त्रुटिसंसूचन एवं संशोधन रैखिक खंड कोड, संवलन कोड, सूचना माप एवं स्रोत कूट करण, आंकड़ा जाल, 7-स्तरीय वास्तुकला।

IAS | UPSC Previous Year Question Paper 

किसी भी Government Job Exam को Crack करने के लिए उस Exam का Exam Pattern और Exam Syllabus दोनों ही जानना जरूरी है IAS | UPSC Electrical Engineering Previous Year Question Paper नीचे दिए गए हैं : 

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आशा करते हैं इस Blog में दी गई जानकारी आपको UPSC Civil Services Exam को Crack करने में आपके लिए सहायक सिद्ध हो ।

UPSC Commerce And Accountancy Syllabus In Hindi

दोस्तों TOP SARKARI RESULT पर आपका स्वागत है, UPSC Syllabus में UPSC Commerce And Accountancy Syllabus in Hindi Optional Paper Syllabus के बारे में बताने से पहले हम आपको कुछ Important Information देना चाहते है, जैसा की आप जानते है UPSC Exam (Union Public Service Commission Exam) या UPSC Civil Services Exam में आपको तीन चरणों से होकर गुजरना होता है :

Eligibility for UPSC Exam qualify करने के बाद UPSC Prelims Exam / IAS Prelims या Civil Services Preliminary Examination एक Objective Type Exam जिसमे Minimum Qualifying Marks Obtain करने होते है और उसके आधार पर Final Merit List बनती है 

UPSC Main Exam में हमने Total 9 Paper देने होते है जिसमे UPSC Commerce And Accountancy Optional Paper है UPSC Main Exam में यह Paper-6 और Paper-7 होता है प्रत्येक Paper 250 Marks का होता है यानि (250 + 250 = 500 Marks).

UPSC Exam Syllabus में Paper-6 और Paper-7 में Total 25 Subject होते है, जिसमे से हमे 1 Subject अपनी इच्छा से चुनना होता है और उस Subject के आधार पर हमे Paper-6 और Paper-7 देना होता है :

UPSC Optional Subject Syllabus | IAS Optional Subject Syllabus in Hindi

UPSC Exam Syllabus के 25 Optional Subject की सूची इस प्रकार है:

  1. UPSC Agriculture Optional Paper
  2. UPSC Animal Husbandry and Veterinary Science Optional Paper
  3. UPSC Anthropology Optional Paper 
  4. UPSC Botany Optional Paper 
  5. UPSC Chemistry Optional Paper 
  6. UPSC Civil Engineering Optional Paper 
  7. UPSC Commerce & Accountancy Optional Paper 
  8. UPSC Economics Optional Paper 
  9. UPSC Electrical Engineering Optional Paper 
  10. UPSC Geography Optional Paper 
  11. UPSC Geology Optional Paper 
  12. UPSC History Optional Paper 
  13. UPSC Law Optional Paper 
  14. UPSC Management Optional Paper 
  15. UPSC Mathematics Optional Paper 
  16. UPSC Mechanical Engineering Optional Paper
  17. UPSC Medical Science Optional Paper 
  18. UPSC Philosophy Optional Paper 
  19. UPSC Physics Optional Paper 
  20. UPSC Political Science & International Relations Optional Paper 
  21. UPSC Psychology Optional Paper 
  22. UPSC Public Administration Optional Paper 
  23. UPSC Sociology Optional Paper 
  24. UPSC Statistics Optional Paper 
  25. UPSC Zoology Optional Paper 

UPSC COMMERCE AND ACCOUNTANCY OPTIONAL PAPER-I

लेखाकरण, कराधान एवं लेखापरीक्षण

वित्तीय लेखाकरण :

  • वित्तीय सूचना प्रणाली के रूप मैं लेखाकरण; व्यवहारपरक विज्ञापनों का प्रभाव/ लेखाकरण मानक, उदहारणार्थ मूल्यहास के लिए लेखाकरण, मात्रसूचियां, अनुसंधान एवं विकास लागतें, दीर्घावधि निर्माण संविदाएं, राजस्व की पहचान, स्थिर परिसंपत्तियां, आकस्मिकताएं, विदेशी मुद्रा के लेन-देन, निवेश एवं सरकारी अनुदान, नकदी प्रवाह विवरण, प्रतिशेयर अर्जन।
  • बोनस शेयर, राइट शेयर, कर्मचारी स्टॉक प्रतिभूतियों की वापसी खरीद (बाई-बैक) समेत शेयर पूंजी लेन-देनों का लेखाकरण।
  • कंपनी अंतिम लेखे तैयार करना एवं प्रस्तुत करना।
  • कंपनियों का समामेलन, आमेलन एवं पुननिर्माण।

लागत लेखाकरण :

  • लागत लेखाकरण का स्वरूप और कार्य। लागत लेखाकरण प्रणाली का संस्थापन, आय मापन से संबंधित लागत संकल्पनाएं, लाभ आयोजन, लागत नियंत्रण एवं निर्णयन।
  • लागत निकालने की विधियां: जॉब लागत निर्धारण, प्रक्रिया लागत निर्धारण कार्यकलाप आधारित लागत निर्धारण। लाभ आयोजना के उपकरण के रूप में परिमाण-लागत-लाभ संबंध।
  • कीमत निर्धारण निर्णयों के रूप में वाषिक विश्लेषण/विभेदक लागत निर्धारण, उत्पाद निर्णय, निर्माण या क्रय निर्णय, बन्द करने का निर्णय आदि, लागत नियंत्रण एवं न्यूनीकरण की प्रविधियां: योजना एवं नियंत्रण के उपकरण के रूप में बजटन, मानव लागत निर्धारण एवं प्रसारण विश्लेषण, उत्तरदायित्व लेखाकरण एवं प्रभागीय निष्पादन मापन।

कराधान:

  • आयकर: परिभाषाएं: प्रभार का आधार: कुल आय का भाग न बनने वाली आय, विभिन्‍न मदों, अर्थात वेतन, गृह संपत्ति से आय, व्यापार या व्यवसाय से प्राप्तियां और लाभ, पूंजीगत प्राप्तियां, अन्य स्रोतों से आय, निर्धारिती की कुल आय में शामिल अन्य व्यक्तियों की आय, हानियों का समंजन एवं अग्रनयन।
  • आय के सकल योग से कटौतियां।
  • मूल्य आधारित कर (VAT) एवं सेवाकर से संबंधित प्रमुख विशेषताएं/उपबंध।

लेखा परीक्षण:

  • कंपनी लेखा परीक्षा: विभाज्य लाभों से संबंधित लेखा परीक्षा, लाभांश, विशेष जांच, कर लेखा परीक्षा।
  • बैंकिंग, बीमा एवं अ-लाभ संगठनों की लेखा परीक्षा, पूर्व संस्थाएं/न्यास/संगठन।

वित्तीय प्रबंध, वित्तीय संस्थान एवं बाजार

वित्तीय प्रबंध:

  • वित्त प्रकार्य: वित्तीय प्रबंध का स्वरूप, दायरा एवं लक्ष्य जोखिम एवं वापसी संबंध, वित्तीय विश्लेषण के उपकरण: अनुपात विश्लेषण, निधि प्रवाह एवं रोकड़ प्रवाह विवरण।
  • पूंजीगत बजटन निर्णय: प्रक्रिया, विधियां एवं आकलन विधियां जोखिम एवं अनिश्चितता विश्लेषण एवं विधियां।
  • पूंजी की लागत: संकल्पना, पूंजी की विशिष्ट लागत एवं तुलित औसत लागत का अभिकलन, इक्विटी पूंजी की लागत निर्धारित करने के उपकरण के रूप में CAPM वित्तीय निर्णय: पूंजी संरचना का सिद्धांत-निवल आय (NI) उपागम, निवल प्रचालन आय (NOI) उपागम, MM उपागम एवं पारंपरिक उपागम।
  • पूंजी संरचना का अभिकल्पन : लिवरेज के प्रकार (प्रचालन, वित्तीय एवं संयुक्त) EBIT- EPS विश्लेषण एवं अन्य कारक, लाभांश निर्णय एवं फर्म का मूल्यांकन: वाल्टर का मॉडेल, MM थीसिस, गोर्डन का मॉडल, लिटनर का मॉडल, लाभांश नीति को प्रभावित करने वाले कारक।
  • कार्यशील पूंजी प्रबंध: कार्यशील पूंजी आयोजना।
  • कार्यशील पूंजी के निर्धारक: कार्यशील पूंजी के घटक रोकड़ माल सूची एवं प्राप्य। विल्यनों एवं परिग्रहणों पर एकाग्र कंपनी पुर्नसंरचना (केवल वित्तीय परिपेक्ष्य)

वित्तीय बाजार एवं संस्थान:

  • भारतीय वित्तीय व्यवस्था: विहंगावलोकन।
  • मुद्रा बाजार: सहभागी संरचना एवं प्रपत्र/वित्तीय बैंक।
  • बैंकिंग क्षेत्र में सुधार, भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक एवं ऋण नीति, नियामक के रूप में भारतीय रिजर्व बैंक।
  • पूंजी बाजार प्राथमिक एवं दवितीयक बाजार; वित्तीय बाजार प्रपत्र एवं नवक्रियात्मक ऋण प्रपत्र; नियामक रूप मैं SEBI वित्तीय सेवाएं: म्युचुअल फंड्स, जोखिम पूंजी, साख मान अभिकरण, बीमा एवं IRDA.

UPSC COMMERCE AND ACCOUNTANCY OPTIONAL PAPER-II

संगठन सिद्धांत एवं व्यवहार, मानव संसाधन प्रबंध एवं औद्योगिक संबंध

संगठन सिद्धांत:

  • संगठन का स्वरूप एवं संकल्पना; संगठन के बाहय परिवेश – प्रौद्योगिकीय, सामाजिक राजनैतिक, आर्थिक एवं विधिक; सांगठनिक लक्ष्य – प्राथमिक एवं दृवितीयक लक्ष्य, एकल एवं बहुल लक्ष्य: उददेश्याधारित प्रबंध/संगठन सिद्धांत का विकास: क्लासिकी, नवक्लासिकी एवं प्रणाली उपागम।
  • संगठन सिद्धांत की आधुनिक संकल्पना, सांगठनिक अभिकल्प, सांगठानिक संरचना एवं सांगठनिक संस्कृति, सांगठनिक अभिकल्प: आधारभूत चुनौतियां; पृथकीकरण एवं एकीकरण प्रक्रिया; केन्द्रीयकरण एवं विकेन्द्रीयकरण प्रक्रिया; कानकीकरण/औपचारिकीकरण एवं पररूपर समायोजन।
  • औपचारिक एवं अनौपचारिक संगठनों का समन्वय, यांत्रिकी एवं सावयव संरचना।
  • सांगठनिक संरचना का अभिकल्पन-प्राधिकार एवं नियंत्रण; व्यवसाय एवं स्टाफ प्रकार्य, विशेषज्ञता एवं समन्वय, सांगठनिक संरचना के प्रकार – प्रकारयौत्मक।
  • आधात्री संरचना, परियोजना संरचना, शक्ति का स्वरूप एवं आधार, शक्ति के स्रोत, शक्ति संरचना एवं राजनीति, सांगठनिक अभिकल्प एवं संचार पर सूचना प्रौद्योगिकी का प्रभाव, सांगठनिक संस्कृति का प्रबंधन।

संगठन व्यवहार:

  • अर्थ एवं संकल्पना; संगठनों में व्यक्ति: व्यक्तित्व, सिद्धांत एवं नि्धौरक; प्रत्यक्षण-अर्थ एवं प्रक्रिया, अभिप्रेरण: संकल्पना, सिद्धांत एवं अनुपयोग, नेतृत्व- सिद्धांत एवं शैलियां, कार्यजीवन की गुणवता (QWL): अर्थ एवं निष्पादन पर इसका प्रभाव, इसे बढ़ाने के तरीके, गुणवत्ता चक्र (Q C) – अर्थ एवं उनका महत्व, संगठनों में दवंदवों का प्रबन्ध, लेन-देन विश्लेषण, सांगठनिक प्रभावकारिता, परिवर्तन का प्रबंध।

मानव संसाधन प्रबंध एवं ओद्यौंगिक संबंध

मानव संसाधन प्रबंध (HRM) :

  • मानव संसाधन प्रबंध का अर्थ, स्वरूप एवं क्षेत्र, मानव संसाधन आयोजना, जॉब विश्लेषण, जॉब विवरण, जॉब विनिदेशन, नियोजन प्रक्रिया, चयन प्रक्रिया, अभिमुखीकरण एवं स्थापन, प्रशिक्षण एवं विकास प्रक्रिया, निष्पादन आकलन एवं 360० फीड बैक, वेतन एवं मजदूरी प्रशासन, जॉब मूल्यांकन, कर्मचारी कल्याण, पदोन्‍नतियां, स्थानांतरण एवं पृथक्करण।

ओद्‌यौंगिक संबंध (IR) :

  • औदयोगिक संबंध का अर्थ, स्वरूप, महत्व एवं क्षेत्र, ट्रेड यूनियनों की रचना, ट्रेड यूनियन विधान, भारत मैं ट्रेड यूनियन आंदोलन, ट्रेड यूनियनों की मान्यता, भारत मैं नियमों की समस्याएं, ट्रेड यूनियनों के आंदोलन पर उदारीकरण का प्रभाव।
  • औद्योगिक विवादों का स्वरूप: हड़ताल एवं तालाबंदी, विवाद के कारण, विवादों का निवारण एवं निपटारा, प्रबंधन में कामगारों की सहभागिता: दर्शन, तर्काधार, मौजूदा स्थिति एवं भावी संभावनाएं:
  • न्याय निर्णय एवं सामूहिक सौदाकारी सार्वजनिक उदयमों मेँ औदयोगिक संबंध, भारतीय उदयोगो में गैरहाजिरी एवं श्रमिक आवर्त एवं उनके कारण और उपचार।
  • ILO एवं इसके प्रकार्य।

IAS | UPSC Previous Year Question Paper 

किसी भी Government Job Exam को Crack करने के लिए उस Exam का Exam Pattern और Exam Syllabus दोनों ही जानना जरूरी है IAS | UPSC Commerce And Accountancy Previous Year Question Paper नीचे दिए गए हैं : 

UPSC Commerce And Accountancy Optional Paper-1 Download

UPSC Commerce And Accountancy Optional Paper-2 Download

UPSC Commerce And Accountancy Syllabus in Hindi Optional Paper pdf

UPSC Civil Services Exam Syllabus PDF

आशा करते हैं इस Blog में दी गई जानकारी आपको UPSC Civil Services Exam को Crack करने में आपके लिए सहायक सिद्ध हो ।

UPSC CIVIL ENGINEERING SYLLABUS IN HINDI

दोस्तों TOP SARKARI RESULT पर आपका स्वागत है, UPSC Syllabus में UPSC Civil Engineering Syllabus in Hindi Optional Paper Syllabus के बारे में बताने से पहले हम आपको कुछ Important Information देना चाहते है, जैसा की आप जानते है UPSC Exam (Union Public Service Commission Exam) या UPSC Civil Services Exam में आपको तीन चरणों से होकर गुजरना होता है :

Eligibility for UPSC Exam qualify करने के बाद UPSC Prelims Exam / IAS Prelims या Civil Services Preliminary Examination एक Objective Type Exam जिसमे Minimum Qualifying Marks Obtain करने होते है और उसके आधार पर Final Merit List बनती है 

UPSC Main Exam में हमने Total 9 Paper देने होते है जिसमे Civil Engineering Optional Paper है UPSC Main Exam में यह Paper-6 और Paper-7 होता है प्रत्येक Paper 250 Marks का होता है यानि (250 + 250 = 500 Marks).

UPSC Exam Syllabus में Paper-6 और Paper-7 में Total 25 Subject होते है, जिसमे से हमे 1 Subject अपनी इच्छा से चुनना होता है और उस Subject के आधार पर हमे Paper-6 और Paper-7 देना होता है :

UPSC Optional Subject Syllabus | IAS Optional Subject Syllabus in Hindi

UPSC Exam Syllabus के 25 Optional Subject की सूची इस प्रकार है:

  1. UPSC Agriculture Optional Paper
  2. UPSC Animal Husbandry and Veterinary Science Optional Paper
  3. UPSC Anthropology Optional Paper 
  4. UPSC Botany Optional Paper 
  5. UPSC Chemistry Optional Paper 
  6. UPSC Civil Engineering Optional Paper 
  7. UPSC Commerce & Accountancy Optional Paper 
  8. UPSC Economics Optional Paper 
  9. UPSC Electrical Engineering Optional Paper 
  10. UPSC Geography Optional Paper 
  11. UPSC Geology Optional Paper 
  12. UPSC History Optional Paper 
  13. UPSC Law Optional Paper 
  14. UPSC Management Optional Paper 
  15. UPSC Mathematics Optional Paper 
  16. UPSC Mechanical Engineering Optional Paper
  17. UPSC Medical Science Optional Paper 
  18. UPSC Philosophy Optional Paper 
  19. UPSC Physics Optional Paper 
  20. UPSC Political Science & International Relations Optional Paper 
  21. UPSC Psychology Optional Paper 
  22. UPSC Public Administration Optional Paper 
  23. UPSC Sociology Optional Paper 
  24. UPSC Statistics Optional Paper 
  25. UPSC Zoology Optional Paper 

UPSC CIVIL ENGINEERING SYLLABUS IN HINDI OPTIONAL PAPER-I

इंजीनियरी यांत्रिकी पदार्थ सामर्थ्य तथा संरचनात्मक विश्लेषण

  • इंजीनियरी यांत्रिकी : मात्रक तथा विमाएं, &मात्रक, सदिश, बल की संकल्पना, कण तथा दृढ़ पिंड संकल्पना,संगामी, असंगामी तथा समतल पर समांतर बल, बल आधूर्ण, मुक्त पिंड आरेख, सप्रतिबंधसाम्यावस्था, कल्पित कार्य का सिद्धांत, समतुल्य बल्न प्रणाली।प्रथम तथा द्वितीय क्षेत्र आघूर्ण, द्रव्यमान जड़त्व आधघूर्ण स्थैतिक घर्षण।
  • शुद्धगतिकीतथागतिकी : कातीय निर्देशांक शुद्धगतिकी, समान तथा असमान त्वरण के अधीन गति, गुरूत्वाधीनगति, कणगतिकी, संवेग तथा ऊर्जा सिद्धांत, प्रत्यास्था पिंडों का संघटन, इृढ़ पिंडों का घूर्णन।
  • पदार्थ-सामर्थ : सरल प्रतिबल तथा विकृति, प्रत्यास्थ स्थिरांक, अक्षत:भारित संपीडांग, अपरूपण बल तथा बंकन आधूर्ण, सरल बंकन का सिद्धांत, अनुप्रस्थ काट का अपरूपण प्रतिबल वितरण,सामार्थ्य धरण।
  • धरणविक्षेप : मैकाले विधि, मोर की आधघूर्ण क्षेत्र विधि, अनुरूप धरण विधि, एकांक भार विधि, शाफ्ट की ऐंठन, स्तंभों का प्रत्यास्थ स्थायित्व, आयलर, रेनकाईन तथा सीकेट सूत्र।
  • संरचनात्मक: विश्लेषण : कास्टिलियानोस प्रमेय । तथा ॥, धरण और कील संधियुकत कैंची में प्रयुक्त संगत विकृति की एकांक भार विधि, ढाल विक्षैप, आधूर्ण वितरण। वेलन भार और प्रभाव रेखाएं : धरण के परिच्छेद पर अपरूपण बल तथा बंकन आधूर्ण के लिए प्रभाव रेखाएं, गतिशील भार प्रणाली दवारा धरण चक्रमण में अधिकतम अपरूपण बल तथा बंकन आधूर्ण हैतु मानदंड, सरल आलंबित समतल कील संधि युक्‍त कैंची हेतु प्रभाव रेखाएं।
  • डाट : त्रिकील, दविकील तथा आबदूध डाट-पशुका लंघीयन एवं तापमान प्रभाव।
  • विश्लेषण की आव्यूह विधि: अनिर्धारित धरण तथा इढ़ ढांचों का बल विधि तथा विस्थापन विधि से विश्लेषण धरण और ढांचों का प्लास्टिक विश्लेषण : प्लास्टिक बंकन सिद्धांत, प्लास्टिक विश्लेषण स्थैतिक प्रणाली; यांत्रिकी विधि।
  • असममित बंकन : जड़त्व आधघूर्ण, जड़त्व उत्पाद, उदासीन अक्ष और मुख अक्ष की स्थिति, बंकन प्रतिबल की परिगणना।

संरचना अभिकल्प : इस्पात, कंक्रीट तथा चिनाई संरचना।

  • संरचनात्मक इस्पात अभिकल्प : संरचनात्मक इस्तात: सुरक्षा गुणक और भार गुणक। कवचित तथा वेल्डिग जोड़ तथा संयोजन तनाव तथा सपीडांग इकाइयों का अभिकल्प, संघटित परिच्छेद का धरण, कवचित तथा वेल्डिग प्लेट गर्डर, गैंदी गर्डर, बैटन एवं लेसिंगयुकत स्टैंचियनस।
  • कंक्रीटतथाचिनाईसंरचनाकाअभिकल्प : मिश्र अभिकल्प की संकल्पना, प्रबलितक्रंक़ीट: कार्यकारी प्रतिबल तथा सीमा अवस्था विधि से अभिकल्प-, ॥8 पुस्तिकाओं की सिफारिशों, वन-वे- एवं टू-वे स्‍लैब की डिज़ाइन, सोपान स्‍लैब, आयताकार १ एवं ॥, कांटके सरल एवं सतत धरण, उत्केन्द्रता सहित अथवा रहित प्रत्यक्ष भार के अंतर्गत संपीडांग इकाइयां, विलगित एवं संयुक्त नीव, कैंटीलीवन एवं काउंटर फोर्ट प्ररूप प्रतिधारक भित्ति।जलटंकी; पृथ्वी पर रखे आयताकार एवं गोलाकार टंकियों की अभिकल्पन आवश्यकताएं, पूर्ण प्रतिबलित कंक्रीट: पूर्व प्रतिबल्लित के लिए विधियां और प्रणालियों, स्थिरक स्थान, कार्यकारी प्रतिबल आधारित आनति के लिए परिच्छेद का विश्लेषण और अभिकल्प, पूर्व प्रतिबलित हानि।

तरल यांत्रिकी, मुक्त वाहिका प्रवाह एवं द्रवचालित मशीनें

  • तरल यांत्रिकी : तरल गुणधर्म तथा सरल गति में उनकी भूमिका, तरल स्थैतिकी जिसमें समतल तथा वक्र सतह पर कार्य करने वाले बल भी शामिल्र हैं। तरल प्रवाह की शुद्धगतिकी एवं गतिकी : वेग और त्वरण, सरिता रेखाएं, सातल्‍्य समीकरण, आधघूर्णी तथा घूर्णी प्रवाह, वेग विभव एवं सरिता फलन सांतत्य संवेग एवं ऊर्जा समीकरण, नेवियर स्टोक्स समीकरण, आयलर गति समीकरण, तरल प्रवाह, सलूइट गेट, वियर।
  • विमीय विश्लेषण एवं समरूपता : बकिंघम 7+- प्रमेय, विमारहित प्राचल।
  • स्तरीय प्रवाह: समांतर, अचल एवं चल्र प्लेटों के बीच स्तरीय प्रवाह, ट्यूब दवारा प्रवाह।
  • परिसीमापरत :  चपटी प्लेट पर स्तरीय एवं विक्षुब॒ध परिसीमा परत, स्तरीय उपपरत, मसृण एवं परिसीमाए, विकर्ष एवं लिफ्ट। पाइपों द्वारा विक्षुब्ध प्रवाह: विक्षुब्ध प्रवाह के अभिलक्षण, वेग वितरण एवं पाइप घर्षण गुणक की विविधता, जलदाब प्रवणता रेखा तथा पूर्ण ऊर्जा रेखा
  • मुक्त वाहिका प्रवाह : समान एवं असमान प्रवाह, आघूर्ण एवं ऊर्जा संशुद्धि गुणक, विशिष्ट उर्जा तथा विशिष्ट बल, क्रांतिक गहराई, तीव्र परिवर्ती प्रवाह, जलोच्छाल, क्रमश: परिवर्ती प्रवाह, पृष्ठ परिच्छेद का वर्गीकरण, नियंत्रण काट, परिवर्ती प्रवाह समीकरण के समाकलन की सोपान विधि।
  • द्रवचालित यंत्र तथा जलशक्ति: ट्रवचालित टरबाइन, प्रारूप वर्गीकरण, टरबाइन चयन निष्पादन प्राचल, नियंत्रण, अभिलक्षण, विशिष्ट गति, जलशक्ति विकास के सिद्धान्त।

भू-तकनीकी इंजीनियरी :

  • मृदा के प्रकार एवं संरचना, प्रवणता तथा कण आकार वितरण, गाढ़ता सीमाएं।
  • मृदा जल कोशिकीय तथा सरंचनात्मक प्रभावी प्रतिबल तथा रंध्र जल दाब।
  • प्रयोगशाला निर्धारण, रिसन दाब, बालु पंक अवस्था-कर्तन सामर्थ्य परीक्षण-मोर कुलांब संकल्पना-मृदा संहनन-प्रयोगशाला एवं क्षेत्र परीक्षण।
  • संपीड़यता एवं संपिंडन संकल्पना संपिंडन सिद्धांत संपीड़यता स्थिरण विश्लेषण।
  • भूदाब सिद्धांत एक प्रतिधारक भिति के लिए विश्लेषण।
  • चादरी स्थूणाभिति एवं बंधन युक्त खनन के लिए अनुप्रयोग मृदा धारण क्षमता विश्लेषण के उपागम – क्षेत्र परीक्षण – स्थिरण विश्लेषण – भूगमन ढाल का स्थायित्व।
  • मृदाओं की अपपृष्ठ खनन विधियां।
  • नींव संरचना, नींव के प्रकार एवं चयन मापदंड -नींव अभिकल्प।
  • मापदंड-पाद एवं पाइल प्रतिबल वितरण विश्लेषण, पाइल समूह कार्य-पाइल भार परीक्षण भूतल सुधार प्रविधियां।

UPSC CIVIL ENGINEERING SYLLABUS IN HINDI OPTIONAL PAPER-II

निर्माण तकनीकी, उपकरण, योजना और प्रबंध:

निर्माण तकनीकी इंजीनियरी सामग्री:

  • निर्माण सामग्री के निर्माण में उनके प्रयोग की इष्टि से भौतिक गुणधर्म: पत्थर, ईंट तथा टाइल, चूना, सीमेंट तथा विविध सुरखी मसाला एवं कंक्रीट, लोह सीमेंट के विशिष्ट उपयोग, तंतु प्रबलित ०.९., उच्च सामर्थ्य कंक्रीट, इमारती लकड़ी: गुणधर्म एवं दोष, सामान्य संरक्षण, उपचार।
  • कम लागत के आवास, जन आवास, उच्च भवनों जैसे विशेष उपयोग हेतु सामग्री उपयोग एवं चयन |

निर्माण:

  • ईंट पत्थर ब्लाकों के उपयोग के चिनाई सिदधांत-निर्माण विस्तारण एवं सामर्थ्य अभिलक्षण।
  • प्लास्टर, प्वाइंटिंग, फ्लोरिंग, रूफिंग एवं निर्माण अभिलक्षणों के प्रकार।
  • भवनों के सामान्य मरम्मत कार्य।
  • रहिवासों एवं विशेष उपयोग के लिए भवनों की कार्यात्मक योजना के सिद्धांत-भवन कोड उपबंध।
  • विस्तृत एवं लगभग आकलन के आधारभूत सिद्धांत – विनिर्देश लेखन एवं दर विश्लेषण-स्थावर सम्पत्ति मूल्यांकन के सिद्धांत।
  • मृदाबंध के लिए मशीनरी, कंक्रीटकरण एवं उनका विशिष्ट उपयोग- उपकरण चयन को प्रभावित करने वाले कारक – उपकरणों की प्रचालन लागत।

निर्माण योजना एवं प्रबंध:

  • निर्माण कार्यकलाप-कार्यक्रम – निर्माण उद्योग का संगठन – गुणता आश्वासन सिद्धांत, नेटवर्क के आधारभूत सिद्धांतों का उपयोग, ८एथ एवं एशारा’के रूप में विश्लेषण – निर्माण मॉनीटरी, लागत इृष्टतमीकरण एवं संसाधन नियतन में उनका उपयोग, आर्थिक विश्लेषण एवं विधि के आधारभूत सिद्धांत। परियोजना लाभदायकता – वित्तीय योजना के बूट उपागम के आधारभूत सिद्धांत सरल टौल नियतीकरण मानदंड।

सर्वेक्षण एवं परिवहन इंजीनियरी

  • सर्वेक्षण : CE  कार्य की दूरी एवं कोण मापने की सामान्य विधियां एवं उपकरण, प्लेन टेबल में उनका उपयोग, चक्रम सर्वेक्षण समतलन, त्रिकोणन, रूपरेखण एवं स्थलाकृतिक मानचित्र, फोटोग्राममिति एवं दूर-संवेदन के सामान्य सिद्धांत।
  • रेलवे इंजीनियरी : स्थायी पथ अवयव, प्रकार एवं उनके प्रकार्यटर्न एवं क्रासिंग के प्रकाय एवं अभिकल्प घटक – ट्रैक के भूमितीय अभिकल्प की आवश्यकता – स्टेशन एवं यार्ड का अभिकल्प।
  • राजमार्ग इंजीनियरी : राजमार्ग संरेखन के सिद्धांत, सड़कों का वर्गीकरण एवं ज्यामितिक अभिकल्प अवयव एवं सड़कों के मानक, नम्य एवं दृढ कुट्टिम हेतु कुट्टिम संरचना, कुट्टिम के अभिकल्प सिद्धांत एवं क्रियापद्धति, प्ररूपी निर्माण विधियां एवं स्थायीकृत मृदा, WBM बिटुमेनी निर्माण एवं cc सड़कों के लिए सामग्री, बहिस्तल एवं अधस्तल अपवाह विन्यास-पुलिस सरंचनाएं, कुट्टिम विक्षोभ एवं उन्हें उपरिशायी द्वारा मजबूती प्रदान करना। यातायात सर्वेक्षण एवं यातायात आयोजना में उनके अनुप्रयोग- प्रणालित, इन्टरसेक्शन एवं घूर्णी आदि के लिए अभिकल्प विशेषताएं -सिगनल अभिकल्प – मानक यातायात चिन्ह एवं अंकन।

जल विज्ञान, जल संसाधन एवं इंजीनियरी

जल विज्ञान:

  • जलीय चक्र, अवक्षेपण, वाष्पीकरण, वाष्पोत्सर्जन, अंत: स्यदन, अधिभार प्रवाह, जलारेख, बाढ़ आवृति विश्लेषण, जलाशय द्वारा बाढ़ अनुशीलन, वाहिका प्रवाह मार्गाभिगमन-मस्किंग्म विधि।

भू-तल प्रवाह:

  • विशिष्ट लब्धि, संचयन गुणांक, पारगम्यता गुणांक, परिरूद्ध तथा अपरिरूद्ध स्थितियों के अंतर्गत एक कूप के भीतर अरीय प्रवाह ।

जल संसाधन इंजीनियरी:

  • भू तथा धरातल जल संसाधन, एकल तथा बहुउद्देशीय परियोजनाएं, जलाशय की संचयन क्षमता, जलाशय हानियां, जलाशय अवसादन |

सिंचाई इंजीनियरी:

  • (क) फसलों के लिए जल की आवश्यकता: क्षयी उपयोग, कृति तथा डेल्टा, सिंचाई के तरीके तथा उनकी दक्षताएं।
  • (ख) नहरैं: नहर सिंचाई के लिए आबंटन पद्धति, नहर क्षमता, नहर की हानियां, मुख्य तथा वितरिका नहरों का संरेखन-अत्यधिक दक्ष काट, अस्तरित नहरैं, उनके डिजाइन, रिजीम सिद्धांत, क्रांतिक अपरूपण प्रतिबल, तलभार।
  • (ग) जल-ग्रस्तता: कारण तथा नियंत्रण, लवणता।
  • (घ) नहर संरचना: अभिकल्प, दाबोच्चता नियामक, नहर प्रपात, जलवाही सेतु, अवनलिका एवं नहर विकास का मापन।
  • (ड.) दविपरिवर्ती शीर्ष कार्य: पारगम्य तथा अपारगम्य नीवों पर बाधिका के सिंद्धांत और डिजाइन, खोसला सिद्धांत, उर्जा क्षय |
  • (च) संचयन कार्य: बॉधों की किसमें, डिजाइन, इृढ़ गुरूत्व के सिद्धांत, स्थायित्व विश्लेषण।
  • (छ) उत्प्लव मार्ग: उत्प्लव मार्ग के प्रकार, ऊर्जा क्षय।
  • (ज) नदी प्रशिक्षण: नदी प्रशिक्षण के उद्देश्य, नदी प्रशिक्षण की विधियां।

पर्यावरण इंजीनियरी:

  • जलपूर्ति: जल मांग की प्रागुक्त्ति, जल की अशुद्धता तथा उसका महत्व, भौतिक रासायनिक तथा जीवाणु विज्ञान संबंधी विश्लेषण, जल से होने वाली बीमारियों, पेय जल के लिए मानक।
  • जल का अंतर्ग्रहण: जल उपचार : स्कंदन के सिंद्धांत, ऊर्णन तथा सादन, मंद-, द्रुत– दाब फिल्टर, क्लोरीनीकरण, मृदूकरण, स्वाद, गंध तथा लवणता को दूर करना।
  • वाहित मल व्यवस्था : घरेलू तथा औद्योगिक अपशिष्ट, झंज्ञावात वाहित मल-पृथक और संयुक्त प्रणालियां, सीवरों द्वारा बहाव, सीवरों का डिजाइन।
  • सीवेज लक्षण : BOD, COD, ठोस पदार्थ, विलीन ऑक्सीजन, नाइट्रोजज और १00 सामान्य जल मार्ग तथा भूमि पर निष्कासन के मानक।
  • सीवेज उपचार : कार्यकारी नियम, इकाइयां, कोष्ठ, आवसादन टैंक, च्वापी फिल्टर, आक्सीकरण पोखर, उत्प्रेरित अवपंक प्रक्रिया, सैप्टिक टैंक, अवपंक निस्तारण, अवशिष्ट जल का पुन: चालन।
  • ठोस अपशिष्ट : गांवों और शहरों में संग्रहण एवं विस्तारण, दीर्घकालीन कुप्रभावों का प्रबंध।

पर्यावरणीय प्रदूषण :

  • अवलंबित विकास, रेडियोऐक्टिव अपशिष्ट एवं निष्कासन, उष्मीय शक्ति संयत्रों खानों, नदी घाटी परियोजनाओं के लिए पर्यावरण संबंधी प्रभाव मूल्यांकन, वायु प्रदूषण नियंत्रण अधिनियम।

IAS | UPSC Previous Year Question Paper 

किसी भी Government Job Exam को Crack करने के लिए उस Exam का Exam Pattern और Exam Syllabus दोनों ही जानना जरूरी है IAS | UPSC Civil Engineering Previous Year Question Paper नीचे दिए गए हैं : 

UPSC Civil Engineering Syllabus in Hindi Optional Paper-1 Download

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UPSC Civil Engineering Syllabus in Hindi Optional Paper in pdf

UPSC Civil Services Exam Syllabus PDF

आशा करते हैं इस Blog में दी गई जानकारी आपको UPSC Civil Services Exam को Crack करने में आपके लिए सहायक सिद्ध हो ।

UPSC BOTANY SYLLABUS IN HINDI

दोस्तों TOP SARKARI RESULT पर आपका स्वागत है, UPSC Syllabus में UPSC Botany Syllabus in Hindi Optional Paper Syllabus के बारे में बताने से पहले हम आपको कुछ Important Information देना चाहते है, जैसा की आप जानते है UPSC Exam (Union Public Service Commission Exam) या  UPSC Civil Services Exam में आपको तीन चरणों से होकर गुजरना होता है :

Eligibility for UPSC Exam qualify करने के बाद UPSC Prelims Exam / IAS Prelims या Civil Services Preliminary Examination एक Objective Type Exam जिसमे Minimum Qualifying Marks Obtain करने होते है और उसके आधार पर Final Merit List बनती है 

UPSC Main Exam में हमने Total 9 Paper देने होते है जिसमे Botany Optional Paper है UPSC Main Exam में यह Paper-6 और Paper-7 होता है प्रत्येक Paper 250 Marks का होता है यानि (250 + 250 = 500 Marks).

UPSC Exam Syllabus में Paper-6 और Paper-7 में Total 25 Subject होते है, जिसमे से हमे 1 Subject अपनी इच्छा से चुनना होता है और उस Subject के आधार पर हमे Paper-6 और Paper-7 देना होता है :

UPSC Optional Subject Syllabus | IAS Optional Subject Syllabus in Hindi

UPSC Exam Syllabus के 25 Optional Subject की सूची इस प्रकार है:

  1. UPSC Agriculture Optional Paper
  2. UPSC Animal Husbandry and Veterinary Science Optional Paper
  3. UPSC Anthropology Optional Paper 
  4. UPSC Botany Optional Paper 
  5. UPSC Chemistry Optional Paper 
  6. UPSC Civil Engineering Optional Paper 
  7. UPSC Commerce & Accountancy Optional Paper 
  8. UPSC Economics Optional Paper 
  9. UPSC Electrical Engineering Optional Paper 
  10. UPSC Geography Optional Paper 
  11. UPSC Geology Optional Paper 
  12. UPSC History Optional Paper 
  13. UPSC Law Optional Paper 
  14. UPSC Management Optional Paper 
  15. UPSC Mathematics Optional Paper 
  16. UPSC Mechanical Engineering Optional Paper
  17. UPSC Medical Science Optional Paper 
  18. UPSC Philosophy Optional Paper 
  19. UPSC Physics Optional Paper 
  20. UPSC Political Science & International Relations Optional Paper 
  21. UPSC Psychology Optional Paper 
  22. UPSC Public Administration Optional Paper 
  23. UPSC Sociology Optional Paper 
  24. UPSC Statistics Optional Paper 
  25. UPSC Zoology Optional Paper 

UPSC BOTANY OPTIONAL PAPER-I

सूक्ष्मजैविकी एवं पादपरोग विज्ञान :

  • विषाणु, वाइरॉइड, जीवाणु, फंगाई एवं माइक्रोप्लाज्मा संरचना एवं जनन। बहुगुणन, कृषि, उदयोग, चिकित्सा तथा वायु एवं मृदा एवं जल मेँ प्रदूषण-नियंत्रण में सूक्ष्मजैविकी के अनुप्रयोग, प्रायोन एवं योन घटना। विषाणुओं, जीवाणुओं, माइक्रोप्लाज्मा, फंगाई तथा सूत्रकृमियों दवारा होने वाले प्रमुख पादपरोग, संक्रमण और फैलाव की विधियां, संक्रमण तथा रोग प्रतिरोध के आण्विक आधार। परजीविता की कार्यिकी और नियंत्रण के उपाय। कवक आविष, मॉडलन एवं रोग पूर्वानुमान, पादप संगरोध।

क्रिप्टोगेम्स:

  • शैवाल, कवक, लाइकन, ब्रायोफाइट, टेरीडोफाइट-संरचना और जनन के विकासात्मक पहलू, भारत में क्रिप्टोगेम्स का वितरण और उनका परिस्थितिक एवं आर्थिक महत्व।

पुष्पोदभिद :

  • अनावृत बीजी: पूर्व अनावृत बीजी की अवधारणा। अनावृतबीजी का वर्गीकरण और वितरण।साइकेडेलीज, गिंगोऐजीज, कोनीफेरेलीज और नीटेलीज के मुख्य लक्षण, संरचना व जनन साईंकेडोफिलिकेलीज, बेन्नेटिटेलीज तथा कार्डेटलीज का सामान्य वर्णन। भू वैज्ञानिकसमयमापनी, जीवश्म प्रकार एवं उनके अध्ययन की विधियां, आवृतबीजी : वर्गिकी,शारीरिकी, भ्रूण विज्ञान, परागाणुविज्ञान और जातिवृत्त, वर्गीकी सौपान, वानस्पतिक नामपद्धति के अंतर्राष्ट्रीय कूट, संख्यात्मक वर्गिकी एवं रसायन-वर्गिकी, शारीरिकी भ्रूण विज्ञान एवं परागाणु विज्ञान से साक्ष्य। आवृत बीजियों का उदगम एवं विकास, आवृत बीजियों के वर्गीकरण की विभिन्‍न प्रणालियों का तुलनात्मक विवरण, आवृत बीजी कुलों का अध्ययन-मैग्नोलिएसी, रैननकुलेसी, बैसीकेसी, रोजेसी, फेबेसी, यूफार्बिएसी, मालवेसी, डिप्टेरोकार्पसी, एपिएसी, एस्क्‍्लेपिडिएसी, वर्बिनेसी, सोलैनेसी, रूबिएसी, कुकुरबिटेली, ऐस्टीरेसी, पोएसी, ओरकेसी, लिलिएसी, म्यूजेसी एवं ऑकिंडेसी। रंध्र एवं उनके प्रकार, ग्रंथीय एवं अग्रंथीय ट्राइकोम, विसंगत दवितीयक वृद्धि, सी-3 और सी-4 पौधों का शरीर, जाइलम एवं फ्लोएम विभेदन, कासठ शरीर नर और मादा युग्मकोदभिद का परिवर्धन,  परागण, निषेचन। भ्रूणपोष- इसका परिवर्धन और कार्य, भ्रूण परिवर्धन के स्वरूप। बहुभ्रूणता, असंगजनन, परागाणु विज्ञान के अनुप्रयोग, पराग भंडारण एवं टेस्ट ट्यूब निषेचन सहित प्रयोगात्मक भ्रूण विज्ञान।

पादप संसाधन विकास :

  • पादन ग्राम्यन एवं परिचय, कृष्ट पौधों का उदभव, उदभव संबंधी वेवीलोव के केन्द्र, खादय, चारा, रेशों, मसालों, पेय पदार्थों, खादयतेलों, औषधियों, स्वापकों, कीटनाशियों, इमारती लकड़ी, गोंद, रेजिनों तथा रंजकों के स्रोतों के रूप में पौधे, लेटेक्स, सेलुलोस, मंड और उनके उत्पाद, इत्रसाजी, भारत के संदर्भ में नुकुल वनस्पतिकी का महत्व। ऊर्जा वृक्षारोपण, वानस्पतिक उद्यान और पादपालय।

आकारजनन:

  • पूर्ण शक्‍तता, भ्रुवणता, सममिति और विभेदन, कोशिका, ऊतक, अंग एवं जीवद्रव्यक संवर्धन। कायिक संकर और द्रव्य संकर, माइक्रोप्रोपेगेशन, सोमाक्लोनल विविधता एवं इसका अनुप्रयोग, पराग अगुणित, एम्ब्रियोरेस्क्यू विधियां एवं उनके अनुप्रयोग।

UPSC BOTANY OPTIONAL PAPER-II

कोशिका जैविकी :

  • कोशिका जैविकी की प्रविधियां, प्राक्केन्द्रकी और सुकेन्द्रकी कोशिकाएं – संरचनात्मक औरपरासंचनात्मक बारीकियां, कोशिका बाहय आधात्री अथवा कोशिकाबाहय आव्यूह (कोशिका भ्िति) तथा झिल्लियों की संरचना और कार्य-कोशिका आसंजन, झिल्ली अभिगमन तथा आशयी अभिगमन, कोशिका अंगकों (हरित लवक सूत्र कणिकाएं, ईआर, डिक्टियोसोम, राइबोसोम, अंत: काय, लयनकाय, परऑक्सीसोम) की संरचना और कार्य, साइटोस्केलेटन एवं माइक्रोट्यूब्यूल्स, केन्द्रक, केन्द्रिक, केन्द्र की रंध्र सम्मिश्र, मेटिन एवं न्यूक्लियोसोम। कोशिक संकेतन और कोशिकाग्राही, संकेत परिक्रमण, समसूत्रण विभाजन,कोशिका चक्र का आणविक आधार, गुणस्ूत्रों में संख्यात्मक और संरचनात्मक विभिन्‍्ताएंतथा उनका महत्व, क्रोमेटिन व्यवस्था एवं जीनोम संवेष्टन, पॉलिटीन गुणसूत्र, बी-गुणसूत्र- संरचना व्यवहार और महत्व।

आनुवंशिकी, आण्विक, जैविकी और विकास :

  • आनुवंशिकी का विकास और जीन बनाम युग्मविकल्पी अवधारण(कूट विकल्पी), परिमाणात्मक नुवंशिकी तथा बहुकारक अपूर्ण प्रभाविता, बहुजननिक वंशागति, बहुविकल्पी सहलग्नता तथा विनियम-आण्विक मानचित्र (मानचित्र प्रकार्य की अवधारणा) सहित जीन मानचित्रण की विधियां, लिंग गुणसूत्र तथा लिंग सहलग्न वंशागति, लिंग निर्धाण और लिंग विभेदन का आण्विक आधार, उत्परिवर्तन (जैव रासायनिक और आणविक आधार) कोशिका द्रव्यी वंशागति एवं कोशिकाद्रव्यी जीन (नर बंध्यता की आनुवंशिकी सहित)।
  • न्यूक्लीय अम्लों और प्रोटीनों की संरचना तथा संश्लेषण, आनुवंशिक कूट और जीन अभिव्यक्ति का नियमन, जीन नीरवता, बहुजीन कुल, जैव विकास-प्रमाण, क्रियाविधि तथा सिद्धांत, उदभव तथा विकास में आरएनए की भूमिका।

पादप प्रजनन, जैव प्रौद्योगिकी तथा जैव सांख्यिकी :

  • पादप प्रजनन की विधियां-आप्रवेश, चयन तथा संकरण। (वंशावली, प्रतीप संकर, सामूहिकचयन व्यापक पद्धति) उत्परिवर्तन, बहुगुणिता, नरबंध्यता तथा संकर ओज प्रजनन। पादप प्रजनन मैं असंगजनन का उपयोग। डीएनए अनुक्रमण, आनुवंशिकी इंजीनियरी-जीन अंतरण की विधियां, पारजीनी ससय एवं जैव सुरक्षा पहलू, पादप प्रजनन मेँ आण्विक चिन्हक का विकास एवं उपयोग। उपकरण एवं तकनीक-प्रोब, दक्षिणी ब्लास्टिंग, डीएनए फिंगर प्रिंटिग, पीसीआर एवं एफआईएसएच, मानक विचलन तथा विचरण गुणांक (सीबी), सार्थकता परीक्षण, (जैड-परीक्षण, टी-परीक्षण तथा कार्ड-वर्ग परीक्षण), प्राथमिकता तथा बंटन (सामान्य, दविपदी तथा प्वासों बंटन) संबंधन तथा समाश्रयण।

शरीर क्रिया विज्ञान तथा जैव रसायनिकी:

  • जल संबंध, खनिज पोषण तथा ऑयन अभिगमन, खनिज न्यूनताएं, प्रकाश संश्लेषण- प्रकाश रसायनिक अभिक्रयाएं, फोटो फोस्फोरिलेशन एवं कार्बन फिक्सेशन पाथवे, सी 3, सी 4 और कैम दिशामार्ग, फ्लोए्म परिवहन की क्रियाविधि, श्वसन (किण्वन सहित अवायुजीवीय और वायुजीवीय) – इलेक्ट्रॉन अभिगमन श्रृंखा। और ऑक्सीकरणी फोस्फोरिलेशन, फोटोश्वसन, रसोपरासरणी सिद्धांत तथा एटीपी संश्लेषण, लिपिड उपापचय, नाइट्रोजन उपापचय, किण्व, सहकिण्व, ऊर्जा अंतरण तथा ऊर्जा संरक्षण। दवितीयक उपापचयों का महत्व, प्रकाशग्रहियोँ के रूप मैं वर्णक (प्लैस्टिडियल वर्णक तथा पादप वर्णक), पादप संचलन दीप्तिकालिता तथा पुष्पन, बसंतीकरण, जीर्णन, वृद्धि पदार्थ- उनकी रासायनिक प्रकृति, कृषि बागवानी मैं उनकी भूमिका और अनुप्रयोग, वृद्धि संकेत, वृद्धिगतियां, प्रतिबल शारीरिकी (ताप, जल, लवणता, धातु), फल एवं बीज शारीरिक बीजों की प्रसुप्ति, भंडारण तथा उनका अंकुरण फल का पकना-इसका आण्विक आधार तथा मैनिपुलेशन।

पारिस्थितिकी तथा पादप भूगोल:

  • परितंत्र की संकल्पना, पारिस्थितिकी कारक, समुदाय की अवधारणाएं और गतिकी पादन, अनुक्रमण जीव मंडल की अवधारणा परितंत्र, संरक्षण प्रदूषण और उसका नियंत्रण (फाइटोरेमिडिएशन सहित) पादप सूचक पर्यावरण, (संरक्षण) अधिनियम। भारत में वनों के प्ररूप – वनों का परिस्थितिक एवं आर्थिक महत्व, वनरोपण, वनोन्मूलन एवं सामाजिक वानिकी संकटापन्‍न्न पौधे, स्थानिकता, ॥ए000४ कोटियां, रेड डाटा बुक, जैवविविधता एवं उसका संरक्षण, संरक्षित क्षेत्र नेटवर्क, जैव विविधता पर सम्मेलन, किसानों के अधिकार एवं बौद्धिक संपदा अधिकार, संपोषणीय विकास की संकल्पना, जैव-शभू रासायनिक चक्र, भूमंडलीय तापन एवं जलवायु परिवर्तन, संक्रामक जातियां, पर्यावरणीय प्रभाव मूल्यांकन, भारत के पादप भूगोलीय क्षेत्र।

IAS | UPSC Previous Year Question Paper 

किसी भी Government Job Exam को Crack करने के लिए उस Exam का Exam Pattern और Exam Syllabus दोनों ही जानना जरूरी है IAS | UPSC Botany Previous Year Question Paper नीचे दिए गए हैं : 

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आशा करते हैं इस Blog में दी गई जानकारी आपको UPSC Civil Services Exam को Crack करने में आपके लिए सहायक सिद्ध हो ।